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‘रील स्टार’ कहे जाने पर क्या बोलीं IAS टीना डाबी !!!!!!

‘रील स्टार’ कहे जाने पर क्या बोलीं IAS टीना डाबी: क्यों मचा सियासी-प्रशासनिक बवाल, विवाद से ABVP का नाता कैसा?

राजस्थान कैडर की चर्चित आईएएस अधिकारी और बाड़मेर कलेक्टर टीना डाबी को लेकर एक विवाद सोशल मीडिया पर देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। यह मामला तब शुरू हुआ जब कॉलेज फीस बढ़ोतरी के विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर टीना डाबी को ‘रील स्टार’ कहने के आरोप में एबीवीपी के विभाग संगठन मंत्री सहित 4-5 पदाधिकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया था। अब विवाद को लेकर बाड़मेर कलेक्टर टीना की प्रतिक्रिया भी सामने आ गई है।  

 
‘किसी विवाद की बात नहीं है’
जिला कलेक्टर टीना डाबी ने कहा कि इस पूरे मामले को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। इस तरह के किसी विवाद की बात नहीं है। प्रदर्शन के दौरान अधिकारियों के साथ बदसलूकी की गई थी। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए छात्र नेताओं को हिरासत में लिया गया था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी प्रकार का मुकदमा दर्ज नहीं किया गया और उन छात्र नेताओं को बाद में छोड़ दिया गया था।

आखिर हुआ क्या था?
दरअसल, शनिवार को जिले के एमबीसी कन्या महाविद्यालय की छात्राएं कॉलेज की फीस में बढ़ोतरी के विरोध में कॉलेज गेट पर ताला लगाकर सड़क पर धरना प्रदर्शन कर रही थीं। इस दौरान कॉलेज प्राचार्य, पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने छात्राओं को समझाने की कोशिश की। लेकिन छात्राएं विश्वविद्यालय के फीस बढ़ोतरी के फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग पर अड़ी रहीं। हालांकि बाद में प्रशासन के आश्वासन के बाद छात्राओं का धरना प्रदर्शन समाप्त हो गया।


कलेक्टर को ‘रील स्टार’ कहे जाने पर हिरासत में लिए गए छात्र नेता
इस बीच पुलिस ने कॉलेज के पास से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के विभाग संगठन मंत्री पवन ऐचरा सहित कुछ पदाधिकारियों को हिरासत में लिया। आरोप था कि उन्होंने प्रदर्शन के दौरान कलेक्टर टीना डाबी को ‘रील स्टार’ कहा था। इसके बाद कॉलेज की छात्राएं भी थाने पहुंचीं और देखते ही देखते मामला तूल पकड़ गया। एबीवीपी के कार्यकर्ता थाने में धरने पर बैठ गए और गिरफ्तार पदाधिकारियों को रिहा करने की मांग करने लगे।

 

पुलिस के माफी मांगने पर शांत हुआ मामला
कोतवाली थाने के बाहर कॉलेज छात्राओं, एबीवीपी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों का जमावड़ा लग गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीना और अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजेंद्र सिंह चांदावत थाने पहुंचे और वार्ता की। कई घंटे तक चली बातचीत के बाद एसपी नरेंद्र सिंह मीणा ने इस कार्रवाई के लिए माफी मांगी और मामले को शांत कराया।
 
हिरासत पर एबीवीपी का कैसा रहा रुख?
पुलिस हिरासत में लिए गए एबीवीपी के विभाग संगठन मंत्री बाड़मेर-जालौर के पवन ऐचरा ने बताया कि उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि उन्हें थाने क्यों ले जाया गया। उन्होंने किसी अधिकारी पर कोई टिप्पणी नहीं की थी। अगर ऐसा कुछ होता तो उन पर एफआईआर दर्ज की जाती। बाद में प्रशासन को अपनी गलती का एहसास हुआ और उन्होंने उनसे माफी मांगी।
 
क्या है रोल मॉडल से ‘रील स्टार’ तक की कहानी?
इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए एबीवीपी के प्रांत सह मंत्री विजय शर्मा ने बताया कि धरना प्रदर्शन के एसडीएम ने आकर कलेक्टर मैडम को रोल मॉडल बताया। छात्राओं ने जवाब दिया कि वह रोल मॉडल नहीं बल्कि ‘रील स्टार’ हैं, जो सफाई अभियान में रील बनाने जाती हैं। छात्राओं की समस्याओं को सुनने नहीं आतीं। छात्राओं ने यह भी कहा कि उनके लिए रोल मॉडल अहिल्याबाई होल्कर और रानी लक्ष्मी बाई हैं। शर्मा ने बताया कि पुलिस मुझे, पवन ऐचरा, विभाग संयोजक करणपाल सिंह और इकाई अध्यक्ष महिपाल सिंह राठौड़ को थाने लाई। प्रशासन को गलती का एहसास हुआ और माफी मांग ली।

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