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मेरी बेटी की मौत के जिम्मेदार स्कूल टीचर !!!!

मेरी बेटी की मौत के जिम्मेदार स्कूल टीचर
पिता बोले- सबके सामने उसे और मुझे खूब जलील किया, वो बर्दास्त नहीं कर पाई

ग्रेटर नोएडा में 22 दिसंबर को 8वीं मंजिल से कूदकर जान देने वाली छात्रा के पिता ने बेटी की मौत का जिम्मेदार स्कूल को ठहराया है। पिता ने बताया- सोमवार को मेरी बेटी अनजाने में अपना मोबाइल लेकर स्कूल गई थी। इस पर टीचर ने सभी बच्चों के सामने उसे खूब फटकारा और मानसिक रूप से प्रताड़ित भी किया था।

इसके बाद स्कूल मैनेजमेंट ने मुझे भी फोन करके स्कूल बुलाया था। वहां पर स्कूल कैंपस में सबके सामने मुझे और बेटी को खूब जलील किया। हमने अपनी गलती भी मानी थी, लेकिन उसके बाद भी स्कूल प्रशासन भद्दी-भद्दी बातें बोल रहा था। इसके बाद मैं बेटी को स्कूल से घर ले आया। घर आने के बाद से ही बेटी गुमसुम थी। बिना कुछ बोले ही अपने कमरे में चली गई थी। इस इंसीडेंट से वो इतना दुखी हो गई थी कि उसने पूरा दिन हमसे कुछ नहीं बोला। रात में अपने कमरे में खाना खाकर सोने चली गई। रात करीब 2:15 उसकी मां ने उसे बिल्डिंग से कूदते हुए देखा।

पिता ने बिसरख थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिजनों से लगातार पूछताछ की जा रही है। तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जाएगी। यह घटना 22 दिसंबर की रात गौर सिटी सोसाइटी के 4 एवेन्यू की है।

22 दिसंबर को कक्षा 10वीं की छात्रा कनिष्का ने मानसिक परेशानी के चलते आत्महत्या कर ली थी।
22 दिसंबर को कक्षा 10वीं की छात्रा कनिष्का ने मानसिक परेशानी के चलते आत्महत्या कर ली थी।
इसी बिल्डिंग की 8वीं मंजिल से कूदकर छात्रा ने आत्महत्या की थी।
इसी बिल्डिंग की 8वीं मंजिल से कूदकर छात्रा ने आत्महत्या की थी।
कनिष्का इसी स्कूल में कक्षा 10वीं में पढ़ाई कर रही थी।
कनिष्का इसी स्कूल में कक्षा 10वीं में पढ़ाई कर रही थी।

विस्तार से पढ़िए पूरा मामला…

8वीं मंजिल से कूदकर छात्रा ने की थी आत्महत्या

छात्रा का नाम कनिष्का सोलंकी था। 15 वर्षीय कनिष्का ग्रेटर नोएडा के गगन पब्लिक स्कूल में कक्षा 10वीं की छात्रा थी। इन दिनों स्कूल में हाफ ईयरली परीक्षाएं चल रही थीं। 22 दिसंबर, सोमवार को कनिष्का परीक्षा देने स्कूल गई थी। इस दौरान वह अपने साथ मोबाइल फोन लेकर गई थी।

स्कूल में परीक्षा के दौरान एक टीचर ने कनिष्का के पास मोबाइल फोन देख लिया। इसके बाद टीचर ने उसे डांटा और परिजनों को स्कूल बुलाकर इसकी शिकायत की।

स्कूल से घर लौटने के बाद कनिष्का काफी उदास थी। रात में उसने परिवार के साथ डिनर किया और बाद में अपनी मां से बातचीत कर सोने चली गई। रात करीब 2:15 बजे कनिष्का ने अपने फ्लैट की 8वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली।

बताया गया कि घटना के समय कनिष्का की मां जाग रही थीं। उन्होंने कनिष्का को कूदते हुए देख लिया, जिसके बाद शोर मचाकर परिवार के अन्य सदस्यों को बुलाया। कनिष्का के कूदते ही आसपास के सुरक्षा गार्ड और परिजन मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया और परिजनों से पूछताछ की। शुरुआती जांच में कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ। उस समय पढ़ाई के दबाव और मानसिक तनाव को आत्महत्या की वजह माना गया था।

हालांकि, इसके अगले दिन यानी 23 दिसंबर को कनिष्का के पिता ने थाने में तहरीर देकर पुलिस के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

पिता बोले- कनिष्का को साड़ी पहनने का बहुत शौक था। मां की साड़ियां पहनकर फोटो खिंचाती थी।
पिता बोले- कनिष्का को साड़ी पहनने का बहुत शौक था। मां की साड़ियां पहनकर फोटो खिंचाती थी।

कनिष्का के पिता बोले- मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर मेरी बेटी ने की आत्महत्या

कनिष्का सोलंकी के पिता रवि रंजन ने बताया- मेरी बेटी को स्कूल की तरफ से बहुत मानसिक प्रताड़ना दी गई, जिसके कारण मेरी बेटी ने आत्महत्या कर ली। स्कूल प्रशासन का कहना है कि मेरी बेटी मोबाइल फोन के जरिए AI की मदद से नकल कर रही थी, लेकिन यह पूरी तरह गलत है। स्कूल प्रशासन अपनी तरफ से कोई भी आरोप लगा सकता है।

जब मैं स्कूल गया था, तब मेरी बेटी के हाथ में मोबाइल जरूर था, लेकिन वह बंद (ऑफ) था। इसके बावजूद स्कूल प्रबंधन ने मेरे साथ बहुत बुरा व्यवहार किया और मुझे जलील किया गया। मेरे सामने मुझसे कहा गया कि आप इस पर पैसा क्यों इन्वेस्ट कर रहे हो, यह पास ही नहीं हो सकती।

रात में हम सभी ने साथ बैठकर खाना खाया और फिर सोने चले गए। मैं अपने कमरे में चला गया था, जबकि उसकी मां और कनिष्का जाग रही थीं। बाद में वह अपनी मां से बात करके कमरे में चली गई। इसके बाद रात करीब 2:20 बजे उसने आत्महत्या कर ली।

स्कूल के खिलाफ तहरीर दिए हुए आज 4 दिन हो चुके हैं, लेकिन पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। पुलिस स्कूल प्रशासन के दबाव में काम कर रही है।

मैं बस यही चाहता हूं कि मेरी बेटी को इंसाफ मिले। संबंधित टीचर्स की गिरफ्तारी हो और दोबारा किसी की बेटी के साथ ऐसा न हो। स्कूल अपना ग्रेड और नाम बनाए रखने के लिए कुछ भी कर सकता है।

कनिष्का के पिता रवि रंजन ने कहा- टीचर ने मुझसे कहा गया कि आप इस पर पैसा क्यों इन्वेस्ट कर रहे हो, यह पास ही नहीं हो सकती।
कनिष्का के पिता रवि रंजन ने कहा- टीचर ने मुझसे कहा गया कि आप इस पर पैसा क्यों इन्वेस्ट कर रहे हो, यह पास ही नहीं हो सकती।

प्रधानाचार्य बोलीं- बच्ची का मानसिक उत्पीड़न नहीं किया गया

वहीं, गगन पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्य पारुल सरदाना ने लगाए गए आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है। उन्होंने कहा- स्कूल में किसी भी बच्चे का मानसिक उत्पीड़न नहीं किया जाता है। परीक्षा के दौरान छात्रा द्वारा मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया जा रहा था, जिसे संबंधित टीचर ने देख लिया था।

थाना प्रभारी बोले- स्कूल के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले गए हैं।​​​​​​

बिसरख थाना प्रभारी मनोज सिंह ने बताया- एक छात्रा की आत्महत्या के मामले में उसके परिजनों ने शिकायत दी थी। मामले की जांच के तहत पुलिस ने स्कूल जाकर पूछताछ और पड़ताल की। जांच में सामने आया कि छात्रा परीक्षा के दौरान स्कूल में मोबाइल फोन लेकर आई थी और नकल करते हुए पकड़ी गई थी।

इसके अलावा स्कूल के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले गए हैं। प्रधानाचार्य समेत अन्य संबंधित लोगों से भी पूछताछ की गई है। फिलहाल मामले में आगे की जांच की जा रही है।

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