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महिलाओं के लिए कौन सा शहर सबसे सुरक्षित?

महिलाओं के लिए कौन सा शहर सबसे सुरक्षित? टॉप 10 में दिल्ली-UP और बिहार के एक भी नहीं, इस सिटी ने मारी बाजी

Top 10 Safest Cities For Women: महिलाओं के लिए करियर और सुरक्षा के लिहाज से दक्षिण भारत के शहर सबसे बेहतरीन विकल्प बनकर उभरे हैं. वर्कप्लेस कल्चर कंसल्टिंग फर्म ‘अवतार ग्रुप’ की ताजा रिपोर्ट टॉप सिटीज फॉर वीमेन इन इंडिया (TCWI) के चौथे संस्करण में दक्षिण भारत के शहर ने एक बार फिर बाजी मारी है. चलिए देखते हैं पूरी रिपोर्ट…

महिलाओं के लिए कौन सा शहर सबसे सुरक्षित? टॉप 10 में दिल्ली-UP और बिहार के एक भी नहीं, इस सिटी ने मारी बाजी

प्रतीकात्मक तस्वीर

महिलाओं के लिए कौन सा शहर सबसे सुरक्षित और बेहतर है? इस सवाल का जवाब अवतार ग्रुप की ताजा रिपोर्ट टॉप सिटीज फॉर वीमेन इन इंडिया (TCWI) के चौथे संस्करण में मिल गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, महिलाओं की भागीदारी, सुरक्षा और करियर ग्रोथ के मामले में बेंगलुरु (53.29 स्कोर) देश में पहले स्थान पर है, जबकि चेन्नई ने दूसरा स्थान हासिल किया है.

यह रिपोर्ट शहरों को सिटी इन्क्लूजन स्कोर (CIS) के आधार पर रैंक करती है. यह स्कोर दो मुख्य पैमानों को मिलाकर बनाया गया है.

सोशल इन्क्लूजन स्कोर (SIS): इसमें शहर की सुरक्षा, महिलाओं के रहने की सुगमता और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं को देखा जाता है.

इंडस्ट्रियल इन्क्लूजन स्कोर (IIS): इसमें महिलाओं के लिए नौकरियों के अवसर और कंपनियों द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं का आकलन होता है.

रिपोर्ट के मुख्य आकर्षण

बेंगलुरु और चेन्नई का दबदबा: करियर ग्रोथ और इंडस्ट्री सपोर्ट के मामले में बेंगलुरु टॉप पर है. वहीं, चेन्नई सुरक्षा, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और शिक्षा जैसे सामाजिक कारकों में सबसे आगे रहा.

दिल्ली-NCR का हाल: दिल्ली, गुरुग्राम और नोएडा में महिलाओं के लिए नौकरियों की भरमार है, लेकिन सुरक्षा (Safety), बजट (Affordability) और मोबिलिटी के मामले में ये शहर फिसड्डी साबित हुए हैं. हालांकि, गुरुग्राम की रैंकिंग में पिछला साल के मुकाबले सुधार देखा गया है.

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मुंबई और पुणे की चुनौती: मुंबई में करियर के शानदार मौके हैं, लेकिन यहां रहने का भारी खर्च और इंफ्रास्ट्रक्चर महिलाओं के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है.

छोटे शहरों की बढ़ती धमक: 2025 की रैंकिंग में Tier-2 शहरों की भागीदारी बढ़ी है. शिमला और तिरुवनंतपुरम जैसे शहर सामाजिक रूप से महिलाओं के लिए बहुत अच्छे हैं, लेकिन यहां बड़े स्तर पर रोजगार की कमी है.

क्षेत्रवार प्रदर्शन: दक्षिण भारत सबसे आगे

क्षेत्रीय आधार पर देखा जाए तो दक्षिण भारत सबसे समावेशी (Inclusive) क्षेत्र रहा है. इसके बाद पश्चिमी भारत का स्थान आता है. रिपोर्ट के अनुसार, मध्य और पूर्वी भारत (बिहार, यूपी और ओडिशा के क्षेत्र) महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा और औद्योगिक भागीदारी, दोनों ही मोर्चों पर सबसे पीछे रहे हैं.

2025 में महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित 10 शहर

  • बेंगलुरु
  • चेन्नई
  • पुणे
  • हैदराबाद
  • मुंबई
  • गुरुग्राम
  • कोलकाता
  • अहमदाबाद
  • त्रिवेंद्रम
  • कोयंबटूर

2024 में ये आंकड़ा कुछ इस तरह था

  • बेंगलुरु
  • चेन्नई
  • मुंबई
  • हैदराबाद
  • पुणे
  • कोलकाता
  • अहमदाबाद
  • दिल्ली
  • गुरुग्राम
  • कोयंबटूर

ये रिपोर्ट साफ करती है कि महिला-अनुकूल शहर अब सिर्फ मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं हैं, लेकिन उत्तर और पूर्वी भारत के शहरों को महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल तैयार करने पर अभी काफी काम करने की जरूरत है.

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