गंदे पानी में कौन सा बैक्टीरिया…निगम की लैब में जांचने की सुविधा ही नहीं !!!
इंदौर में गंदा पानी पीने से 20 लोगों की मौत के बाद पूरे प्रदेश में पेयजल की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। इंदौर के पानी में फीकल कॉलीफार्म, ई-कोलाई, विब्रियो स्पीशीज और प्रोटोजोआ जैसे खतरनाक बैक्टीरिया मिले थे। इसी घटनाक्रम के बीच ग्वालियर नगर निगम की जांच व्यवस्था भी सवालों के घेरे में आ गई है।
ग्वालियर में तिघरा बांध और बोरिंग से सप्लाई होने वाले पानी में कौन-सा बैक्टीरिया है, इसकी जांच की सुविधा नगर निगम की किसी भी लैब में नहीं है। नगर निगम की तीनों लैब केवल यह बता सकती हैं कि पानी में बैक्टीरिया मौजूद है या नहीं, लेकिन यह बैक्टीरिया किस प्रकार का है, इसकी पहचान संभव नहीं है। इसके लिए निगम को बाजार में संचालित एनएबीएल मान्यता प्राप्त निजी लैब पर निर्भर रहना पड़ता है।
इंदौर की घटना के बाद नगर निगम ने शुद्ध पानी को लेकर एडवाइजरी जारी की है, जिसमें पानी उबालकर पीने और सावधानी बरतने की सलाह दी है। इसके लिए बकायदा रहवासी सोसाइटी में पोस्टर लगवा रही है। निगम के जानकारों का कहना है कि यदि एनएबीएल की सुविधा होती, तो जरूर बैक्टीरिया निकलकर सामने आएंगे।
48 घंटे लगते हैं बैक्टीरिया ट्रेस की रिपोर्ट आने में
अभी निगम के पास मोतीझील स्थल लैब के अंदर बैक्टीरिया की मौजूदगी का 48 घंटे का टेस्ट लगता है। इसके लिए इंक्यूबेटर में पानी का सैंपल लेकर 48 घंटे के लिए रखते है। तब कहीं उसके रिजल्ट सामने आते है। इसके अलावा पानी के 11 प्रकार के टेस्ट लैब में हो रहे है। 5 जनवरी तक 260 सैंपल आ चुके है। उनकी रिपोर्ट ओके बता रहे हैं। इनमें एनपीएन बैक्टीरिया ट्रेस भी हो रहे है।
एई कराए गंदे पानी की समस्या का निराकरण
सभापति मनोज तोमर ने पिछले दिनों पार्षदों के साथ बैठक की। पार्षदों ने क्षेत्र मे व्याप्त गंदे पानी की समस्या से अवगत कराया और लिखकर भी दिया था। सभापति ने उक्त पत्र आयुक्त संघ प्रिय को दिया था। उस पर आयुक्त ने निर्देश सभी उपयंत्री और सहायक यंत्रियों को आदेश दिए हैं कि पार्षदों से समन्वय बनाकर दूषित पेयजल एवं सीवर समस्या का तत्काल निराकरण कराएं। उसकी रिपोर्ट 12 जनवरी को सुबह 11 बजे से पहले दी जाए। क्योंकि 12 जनवरी को प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट बैठक लेंगे।
बैक्टीरियल टैस्ट की सुविधा नहीं
नगर निगम की लैब में बैक्टीरियल टेस्ट की सुविधा नहीं है। हां निगम के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पर फिजिकल और कैमिकल टेस्ट की सुविधा है। वहीं सिविल वर्क निर्माण के सैंपल की लैब को जल्दी चालू कराया जाएगा। -संघ प्रिय, आयुक्त ननि

