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डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा फैसला, रूस-ईरान समेत 75 देशों को वीजा नहीं देगा अमेरिका !!!

डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा फैसला, रूस-ईरान समेत 75 देशों को वीजा नहीं देगा अमेरिका, क्या भारत-पाकिस्तान भी शामिल?

इस ज्ञापन में अमेरिकी दूतावासों को मौजूदा कानून के तहत वीजा देने से इनकार करने का निर्देश दिया गया है. अमेरिका का विभाग अब वीजा स्क्रीनिंग और जांच की प्रक्रियाओं का पुनर्मूल्यांकन करेगा.

अमेरिका ने बुधवार (14 जनवरी 2025) को 75 देशों से आने वाले आवेदकों के वीजा प्रोसेसिंग को पूरी तरह रोक दिया.  ट्रंप प्रशासन के इस कदम के पीछे का वजह उन आवेदकों पर कड़ी नजर बनाए रखना है, जिन्हें अमेरिका में पब्लिक चार्ज (सरकारी सहायता पर निर्भर) बन जाने की संभावना मानी जा रही है. ट्रंप प्रशासन ने जिन देशों पर रोक लगाई है उसमें ईरान, रूस, अफगानिस्तान, इराक, नाइजीरिया और ब्राजील जैसे नाम शामिल हैं. ये पाबंदियां 21 जनवरी से लागू होगा और अनिश्चित काल तक लागू रहेगा.

अमेरिकी दूतावासों को ट्रंप का निर्देश

फॉक्स न्यूज के अनुसार, इस ज्ञापन में अमेरिकी दूतावासों को मौजूदा कानून के तहत वीजा देने से इनकार करने का निर्देश दिया गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से पिछले साल जनवरी में पदभार संभालने के बाद से चलाए जा रहे व्यापक इमिग्रेशन कैंपेन अभियान के बीच आया है. अमेरिका का विभाग अब वीजा स्क्रीनिंग और जांच की प्रक्रियाओं का पुनर्मूल्यांकन करेगा.

लिस्ट में पाकिस्तान समेत ये देश भी शामिल

ट्रंप प्रशासन ने जिन देशों के नागरिकों की एंट्री पर अमेरिका ने बैन लगाया है. उस लिस्ट में सोमालिया, मिस्र, थाईलैंड और यमन भी शामिल हैं. सोमालिया पहले से अमेरिकी अधिकारियों की कड़ी निगरानी में है. इस लिस्ट में आतंकियों का पनाहगार पाकिस्तान भी शामिल है. विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट के मुताबिक, अमेरिका अपनी पुरानी शक्ति का इस्तेमाल उन लोगों को रोकने के लिए करेगा जो अमेरिकी जनता का फायदा उठाकर वेलफेयर पर निर्भर हो जाते हैं. भारत को इसमें शामिल नहीं किया गया है.

ट्रंप प्रशासन ने स्क्रीनिंग नियमों को लागू करने का निर्देश दिया

ट्रंप प्रशासन ने पिछले नवंबर में दुनियाभर के अपने दूतावासों को इमिग्रेशन कानून के पब्लिक चार्ज प्रावधान के तहत नए स्क्रीनिंग नियमों को लागू करने का निर्देश दिया था. इसके तहत उन आवेदकों को वीजा देने से मना किया जाता है, जिनके पब्लिक बेनिफिट्स पर निर्भर रहने की संभावना है. इसमें हेल्थ, एज, अंग्रेजी एफिशिएंसी और यहां तक कि लॉन्ग टर्म की मेडिकल देखभाल की संभावित जरूरत पर विचार किया जाएगा.

किन देशों पर अमेरिका ने लिया एक्शन

अफगानिस्तान, अल्बानिया, अल्जीरिया, एंटीगुआ और बारबुडा, आर्मेनिया, अजरबैजान, बहामास, बांग्लादेश, बारबाडोस, बेलारूस, बेलीज, भूटान, बोस्निया, ब्राजील, बर्मा, कंबोडिया, कैमरून, केप वर्डे, कोलंबिया, कोटे डी आइवर, क्यूबा, ​​कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, डोमिनिका, मिस्र, इरिट्रिया, इथियोपिया, फिजी, गाम्बिया, जॉर्जिया, घाना, ग्रेनाडा, ग्वाटेमाला, गिनी, हैती, ईरान, इराक, जमैका, जॉर्डन, कजाकिस्तान, कोसोवो, कुवैत, किर्गिस्तान, लाओस, लेबनान, लाइबेरिया, लीबिया, मैसेडोनिया, मोल्दोवा, मंगोलिया, मोंटेनेग्रो, मोरक्को, नेपाल, निकारागुआ, नाइजीरिया, पाकिस्तान, कांगो गणराज्य, रूस, रवांडा, सेंट किट्स और नेविस, सेंट लुसिया, सेंट विंसेंट और ग्रेनाडाइन्स, सेनेगल, सिएरा लियोन, सोमालिया, दक्षिण सूडान, सूडान, सीरिया, तंजानिया, थाईलैंड, टोगो, ट्यूनीशिया, युगांडा, उरुग्वे, उज्बेकिस्तान और यमन

 

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