UP पुलिस कांस्टेबल पेपर लीक…18 आरोपियों के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल !!!
UP पुलिस कांस्टेबल पेपर लीक केस में ED का बड़ा एक्शन, 18 आरोपियों के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल
ईडी ने जांच के दौरान 1.02 करोड़ रुपये की संपत्ति को प्रोसीड्स ऑफ क्राइम यानी अपराध से कमाई हुई संपत्ति माना. इन संपत्तियों को ED ने 06 अगस्त 2024 को अस्थायी रूप से अटैच कर दिया था.
यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा–2023 के पेपर लीक मामले में ED की लखनऊ ज़ोनल टीम ने 14 जनवरी 2026 को 18 आरोपियों सहित मुख्य मास्टरमाइंड राजीव नयन मिश्रा के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है. ये चार्जशीट लखनऊ की PMLA स्पेशल कोर्ट में दाखिल की गई है.
इस मामले की शुरुआत तब हुई जब उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स ने 06 मार्च 2024 को मेरठ के कंकरखेड़ा थाने में एक FIR दर्ज की थी. इसके अलावा जांच के दौरान इस केस से जुड़ी कई और FIR भी मिली, जिनमें 02 मार्च 2024, 15 फरवरी 2024 और जुलाई 2024 की अलग-अलग FIR शामिल थीं. सभी FIR को एक ही केस से जुड़ा पाया गया, इसलिए ED ने उन्हें भी जांच में शामिल किया.
RO/ARO परीक्षा–2023 के पेपर लीक की साजिश
FIR में आरोप लगाया गया कि आरोपियों ने यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा–2023 और यूपी RO/ARO परीक्षा–2023 के पेपर लीक के लिए पूरी साजिश रची थी. लीक हुए सवाल-पत्र पैसे लेकर उम्मीदवारों को बेचे गए. उम्मीदवारों को परीक्षा से पहले पेपर और जवाब दे दिए गए ताकि वे याद करके परीक्षा में बैठ सकें. RO/ARO की परीक्षा 11 फरवरी 2024 को हुई थी. जबकि कांस्टेबल की परीक्षा 17–18 फरवरी 2024 को आयोजित की गई थी. जांच में ये भी सामने आया कि RO/ARO के पेपर लीक से जो पैसा कमाया गया. उसे कांस्टेबल परीक्षा का पेपर लीक कराने में इस्तेमाल किया गया.
ईडी ने सीज की एक करोड़ की प्रॉपर्टी
ईडी ने जांच के दौरान 1.02 करोड़ रुपये की संपत्ति को प्रोसीड्स ऑफ क्राइम यानी अपराध से कमाई हुई संपत्ति माना. इन संपत्तियों को ED ने 06 अगस्त 2024 को अस्थायी रूप से अटैच कर दिया था. इस केस में दो आरोपी रवि अत्री और सुभाष प्रकाश को ED ने 18 नवंबर 2024 को गिरफ्तार किया था. इससे पहले ED ने 10 जनवरी 2025 को सात अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी, जिस पर कोर्ट ने संज्ञान ले लिया है और ट्रायल चल रहा है. अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है.


