मानकों के अनुरूप नहीं मिला पान मसाला !!!
मानकों के अनुरूप नहीं मिला पान मसाला
जांच के बाद प्रयोगशाला रिपोर्ट में पान मसाला खाद्य मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया और उसे सब-स्टैंडर्ड घोषित किया गया। इसके आधार पर निर्णायक अधिकारी ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 26(2)(ii) सहपठित धारा 51 के तहत व्यापारी पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया था।
व्यापारी ने इस आदेश के खिलाफ जिला एवं सत्र न्यायालय में अपील दायर की थी। अपीलीय प्राधिकरण ने सभी तथ्यों और रिकॉर्ड का परीक्षण करने के बाद यह माना कि निर्णायक अधिकारी द्वारा लगाया गया जुर्माना पूरी तरह उचित है। इसके साथ ही कोर्ट ने व्यापारी की अपील खारिज कर दी।
न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
ग्वालियर में सब-स्टैंडर्ड पान मसाला बेचने के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय (खाद्य सुरक्षा अपीलीय प्राधिकरण) ने अहम फैसला सुनाया है। न्यायालय ने एक व्यापारी पर लगाए गए एक लाख रुपए के जुर्माने को बरकरार रखते हुए उसकी अपील खारिज कर दी। कोर्ट ने इस तरह के खाद्य पदार्थों को आम जनता के स्वास्थ्य के लिए गंभीर रूप से हानिकारक बताया और ऐसे मामलों में सख्ती को जरूरी बताया।
मामला 8 मई 2023 का है, जब खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने ग्वालियर के लश्कर क्षेत्र में स्थित रामकुमार गुप्ता की फर्म का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान बिक्री के लिए रखे गए पान मसाला के नमूने संदेह के आधार पर लिए गए।

