भाजपा के ‘नवीन’ युग के सामने कौन सी चुनौतियां, चयन की वजह क्या? विश्लेषकों ने बताया सबकुछ
नितिन नवीन भाजपा के नए अध्यक्ष बन गए हैं। महज 45 साल की उम्र में दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी के प्रमुख की कुर्सी पर पहुंचे नीतिन नवीन के सामने कौन सी चुनौतियां होंगी? आगे संगठन में उनकी पकड़ कितनी मजबूत होगी? ऐसे ही सवालों पर इस हफ्ते खबरों के खिलाड़ी में चर्चा हुई।
नितिन नवीन भाजपा के नए अध्यक्ष बन गए हैं। उनके अध्यक्ष पद ग्रहण करने के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बॉस कह कर भी बड़ा संदेश दिया। महज 45 साल की उम्र में दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी के प्रमुख की कुर्सी पर पहुंचे नीतिन नवीन के सामने कौन सी चुनौतियां होंगी? आगे संगठन में उनकी पकड़ कितनी मजबूत होगी? सरकार और संगठन में वो कैसे समन्वय बनाएंगे? ऐसे ही सवालों पर इस हफ्ते खबरों के खिलाड़ी में चर्चा हुई। चर्चा के लिए वरिष्ठ पत्रकार विनोद अग्निहोत्री, पूर्णिमा त्रिपाठी, राकेश शुक्ल, अजय सेतिया और संजय राणा मौजूद रहे।
अजय: इस चर्चा की वजह ये है कि वो बहुत कम आयु के हैं, दूसरी वजह ये है कि जाति का जो ध्यान रखा जाता है, इस बार उसका ध्यान नहीं रखा गया। ये भाजपा की उस सोच को दर्शाता है कि हिंदू एक है जाति कोई भी हो। दिल्ली के लिए एक अननोन चेहरा होने की वजह से भी चर्चा ज्यादा है। जब कोई पार्टी सत्ता में होती है तो वैसे अध्यक्ष की ज्यादा भूमिका नहीं होती है। बॉस कह देने से भी चर्चा ज्यादा हो रही है।