इंदौर मेट्रोपालिटन रीजन बना MP का सबसे बड़ा शहरी क्षेत्र…दिल्ली-लखनऊ के बाद देश में तीसरा स्थान !!
Indore Metropolitan Region: इंदौर मेट्रोपालिटन रीजन के विस्तार को लेकर एक और बड़ा फैसला लिया गया है। क्षेत्रफल को बढ़ाकर अब 16 हजार वर्ग किलोमीटर किया जाएगा, जिससे इंदौर दिल्ली एनसीआर और लखनऊ स्टेट कैपिटल रीजन के बाद देश का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रोपालिटन एरिया बन जाएगा। शाजापुर जिले की दो तहसीलों को शामिल करने के साथ अब पूरे जिले को इंदौर मेट्रोपालिटन रीजन में सम्मिलित कर लिया गया है।
इंदौर मेट्रोपालिटन रीजन का दायरा पांचवीं बार बढ़ाकर 16 हजार वर्ग किलोमीटर किया जाएगा। File Photo
- देश का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो क्षेत्र बना
- शाजापुर की दो तहसीलें रीजन में शामिल
- कुल क्षेत्रफल अब 16 हजार वर्ग किलोमीटर
इंदौर: इंदौर मेट्रोपालिटन रीजन (IMR) का दायरा एक बार फिर बढ़ाने पर सहमति बन गई है। यह पांचवां मौका है जब इसके क्षेत्रफल में विस्तार किया जा रहा है। प्रस्तावित विस्तार के बाद इंदौर मेट्रोपालिटन रीजन का कुल क्षेत्रफल लगभग 16 हजार वर्ग किलोमीटर हो जाएगा। इसके साथ ही इंदौर देश का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रोपालिटन एरिया बन जाएगा।
क्षेत्रफल के आधार पर अब इंदौर, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (दिल्ली एनसीआर) और लखनऊ स्टेट कैपिटल रीजन के बाद तीसरे स्थान पर होगा। दिल्ली एनसीआर का क्षेत्रफल 55,083 वर्ग किलोमीटर और लखनऊ स्टेट कैपिटल रीजन का 27,826 वर्ग किलोमीटर है, जबकि इंदौर मेट्रोपालिटन रीजन का क्षेत्रफल अब 16 हजार वर्ग किलोमीटर होगा।
पिछले माह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में इंदौर मेट्रोपालिटन रीजन के 9989.69 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल को बढ़ाकर 14,550 वर्ग किलोमीटर करने पर सहमति बनी थी। अब शाजापुर जिले की शुजालपुर और कालापीपल तहसीलों को भी इसमें शामिल करने का निर्णय लिया गया है। ये तहसीलें अब तक भोपाल मेट्रोपालिटन एरिया का हिस्सा थीं। इस निर्णय के बाद पूरा शाजापुर जिला इंदौर मेट्रोपालिटन रीजन में सम्मिलित हो गया है।
जियो रेफरेंस टैगिंग दोबारा करनी होगी
इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) द्वारा नियुक्त कंसल्टेंट ने अभी तक 9989.69 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल के लिए सिचुएशन एनालिसिस और निरीक्षण रिपोर्ट तैयार की थी। इसके साथ जियो रेफरेंस टैगिंग की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई थी। लेकिन दायरा बढ़ने के बाद अब पूरे 16 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल के अनुसार नई सिरे से यह प्रक्रिया करनी होगी।
कंसल्टेंट को देना होगी अतिरिक्त राशि
पहले तय क्षेत्रफल के लिए कंसल्टेंट को 2.9 करोड़ रुपये का भुगतान तय हुआ था। अब मेट्रोपालिटन रीजन का दायरा बढ़ने के कारण कंसल्टेंट को अतिरिक्त राशि का भुगतान किया जाएगा।
2020 से अब तक ऐसे बढ़ता गया दायरा
- 2020: इंदौर, महू और पीथमपुर को जोड़कर महानगर की अवधारणा
- जनवरी 2024: 6 हजार वर्ग किमी, इंदौर, धार, देवास और उज्जैन शामिल
- अगस्त 2024: 8676 वर्ग किमी, 2041 तक 1.02 करोड़ आबादी के लिए योजना
- मई 2025: 9989.69 वर्ग किमी, शाजापुर का सीमित क्षेत्र शामिल
- दिसंबर 2025: 14,550 वर्ग किमी, रतलाम और धार का विस्तार
- जनवरी 2026: 16 हजार वर्ग किमी, शाजापुर की दो तहसीलें शामिल
अगले आठ माह में तैयार होगा नया प्लान
9989.69 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र के लिए गजट नोटिफिकेशन जारी करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में थी। अब क्षेत्रफल बढ़ने के बाद नए सिरे से प्लान तैयार किया जाएगा, जिसमें लगभग आठ माह का समय लगने की संभावना है।
इंदौर प्रदेश की आर्थिक राजधानी है, पास में उज्जैन महाकाल महालोक है। ऐसे में संपूर्ण शाजापुर जिले के इंदौर से जुड़ने से अधिक लाभ है। हमने पूर्व में ही पूरे जिले को इंदौर उज्जैन मेट्रोपालिटन क्षेत्र से जोड़ने का आग्रह किया था।
-अरुण भीमावद, विधायक शाजापुर

