नीट पीजी:शून्य परसेंटाइल वाले एमडी-एमएस बनने की दौड़ में…. दो राउंड में फेल हो चुके 200 डॉक्टर फिर उतरे
मेडिकल पोस्टग्रेजुएट (पीजी) एडमिशन की व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। नीटी-पीजी 2025 के पात्रता नियमों में बदलाव के बाद मध्य प्रदेश में पहली बार ऐसी स्थिति बनी है, जहां नीटी-पीजी में शून्य पर्सेंटाइल और माइनस अंकों तक स्कोर पाने वाले एमबीबीएस डॉक्टर भी पीजी काउंसलिंग की दौड़ में शामिल हो गए हैं।
स्टेट कोटे की नीट पीजी काउंसलिंग के लिए अब तक 1400 उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। रजिस्ट्रेशन डेटा की पड़ताल में सामने आया है कि इनमें 50 से ज्यादा डॉक्टर ऐसे हैं, जिन्हें प्रवेश परीक्षा में शून्य पर्सेंटाइल मिला, जबकि कुछ उम्मीदवारों के 0 से माइनस 5 अंक तक हैं।
पात्रता नियमों में छूट के चलते ये सभी उम्मीदवार अब काउंसलिंग के लिए योग्य माने जा रहे हैं। अभी प्रदेश के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में एमडी-एमएस की 829 सीटें दो राउंड की काउंसलिंग के बाद भी खाली हैं। सीटें भरने के दबाव में कट-ऑफ इतना नीचे लाया गया कि पहले अयोग्य माने जा चुके उम्मीदवार भी सिस्टम में वापस आ गए।
विभाग के अनुसार, 200 इन-सर्विस डॉक्टरों ने पीजी में दाखिले के लिए एनओसी लेकर रजिस्ट्रेशन कराया है। ये सभी डॉक्टर पहले दो राउंड में नीट पीजी 2025 में क्वालिफाई नहीं हो पाए थे। चिकित्सा शिक्षा विभाग की डायरेक्टर डॉ. अरुणा कुमार बोलीं- करीब 700 सीटों पर मॉपअप राउंड करवाया जा रहा है।
लगभग 1400 अभ्यर्थियों ने अब तक रजिस्ट्रेशन कराया है। सबसे कम नंबर पर 5 नंबर मिले अभ्यर्थी ने अपना रजिस्ट्रेशन करवाया है। इसमें वर्चुअल सीटें शामिल नहीं है। सीटें बढ़ सकती हैं।


