मध्य प्रदेश

15 महीने पहले जिस पद से गए थे IPS अधिकारी उमेश जोगा…आयुक्त बनकर लौट ?

15 महीने पहले जिस पद से गए थे IPS अधिकारी उमेश जोगा, वह आयुक्त बनकर लौट आए पर उस पद पर कोई नहीं आया

MP News: प्रदेश के परिवहन विभाग में जिस अपर आयुक्त परिवहन के पद से आईपीएस अधिकारी उमेश जोगा गए थे, वह पद अभी भी खाली ही पड़ा है। 15 माह बाद उमेश जोगा परिवहन विभाग में आयुक्त बनकर वापस आ गए, लेकिन उस पद पर कोई नहीं आया।

15 महीने पहले जिस पद से गए थे IPS अधिकारी उमेश जोगा, वह आयुक्त बनकर लौट आए पर उस पद पर कोई नहीं आयाअक्टूबर 2024 में उमेश जोगा का तबादला हो गया था
  1. 15 महीने बाद परिवहन विभाग में उमेश जोगा की वापसी
  2. सौरभ शर्मा कांड के बाद से कोई आने को तैयार नहीं
  3. अक्टूबर 2024 में उमेश जोगा का तबादला हो गया था

ग्वालियर। प्रदेश के परिवहन विभाग में जिस अपर आयुक्त परिवहन के पद से आईपीएस अधिकारी उमेश जोगा गए थे, वह पद अभी भी खाली ही पड़ा है। 15 माह बाद उमेश जोगा परिवहन विभाग में आयुक्त बनकर वापस आ गए, लेकिन उस पद पर कोई नहीं आया। अपर आयुक्त प्रवर्तन का पद खाली पड़ा है जो कि चार्ज में चल रहा है। यह प्रदेश के परिवहन विभाग का महत्वपूर्ण पद है।

अक्टूबर 2024 में उमेश जोगा का तबादला हो गया था। इसके बाद दिसंबर 2024 में सौरभ शर्मा कांड हो गया तो परिवहन विभाग में इतना हड़कंप मच गया कि कोई परिवहन विभाग में आने को तैयार नहीं है। अब आयुक्त के रूप में जिम्मा संभालने के बाद जोगा द्वारा यह पद भरा जा सकता है, इसकी उम्मीद है। इतने महत्वपूर्ण पद को खाली रखने को लेकर खुद विभाग कठघरे में है।

बता दें कि परिवहन विभाग में अपर आयुक्त प्रवर्तन का पद चार महीने से खाली पड़ा है। उमेश जोगा के स्थानांतरण के बाद से इस पद पर नया अधिकारी पदस्थ नहीं किया गया है। प्रदेश में परिवहन विभाग की बड़ी बदनामी का कारण परिवहन चेक पोस्ट हैं जिन्हें जैसे तैसे सरकार ने बंद किया था तभी सौरभ शर्मा कांड हो गया। पहले ही चेक पोस्ट बंद होने के बाद कोई अधिकारी आ नहीं रहा था, फिर सौरभ कांड हुआ तो कोई अपर आयुक्त के पद पर आना ही नहीं चाहता। पहले इसी पद को लेकर बड़ी उठापटक चलती थी और अधिकारी पोस्टिंग के लिए कतार में रहते थे।

यह प्रवर्तन का पद है, यह मुख्य कार्यों से जुड़ा होता है। इस मायने में यह महत्वपूर्ण होता है। इस कारण परिवहन आयुक्त पर बोझ अधिक हो जाता है और आयुक्त की काफी व्यस्तता रहती है। -एसके झा, पूर्व आयुक्त, परिवहन विभाग, मप्र।

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