Unnao Muder Case: दोनों किशोरियों का परिवार के खेत में हुआ अंतिम संस्कार, पुलिस की मौजूदगी में नारेबाजी
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के उन्नाव में खेत में मृत पायी गयीं दोनों दलित लड़कियों का अंतिम संस्कार कर दिया गया है. तीसरी लड़की की हालत स्थिर बतायी जा रही है लेकिन अभी उसे वेंटिलेटर पर ही रखा गया है.
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के उन्नाव (Unnao Murder Case) स्थित असोहा (Asoha) के बबुरहा गांव की दो दलित लड़कियों की हत्या के मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ ने सख्ती दिखाते हुए पुलिस से रिपोर्ट तलब की है. उधर लड़कियों के पोस्टमार्टम के बाद आज उनका गांव में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया. अंतिम संस्कार के दौरान मौजूद राजनीतिक पार्टियों के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी भी की लेकिन पुलिस ने मामले को संभाल लिया. उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य मनोरम शुक्ला आज बबुरहा गांव पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगी. कई अन्य सियासी दलों के लोग भी आज गांव पहुंचेंगे.
गुरुवार शाम पोस्टमॉर्टम के बाद दोनों शव गांव लाए गए थे. मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे गांव में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है. इस तरह की ख़बरें भी सामने आ रहीं हैं कि लड़कियों के मृत शरीरों को एम्बुलेंस से घर तक ले जाने के लिए प्रशासन ने स्ट्रेचर का भी इंतजाम नहीं किया था. ऐसे में घर के लोग दोनों शवों को हाथों पर उठाकर ही घर तक ले गए. मृतक किशोरियों के शव के पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में किसी तरह के चोट के निशान नहीं मिले हैं. मिल रही जानकारी के मुताबिक रिपोर्ट में गला घोंटने या बांधन के निशान भी नहीं मिले हैं. लड़कियों के प्राइवेट पार्ट पर भी चोट नहीं है इसलिए रेप की आशंका भी खारिज हो गयी है. दोनों बच्चियों के विसरा को प्रिजर्व किया गया है. इसके अलावा FSL टीम भी मौके पर पहुंच गयी है.
परिवार के खेत में ही होगा अंतिम संस्कार
मिली जानकारी के मुताबिक दोनों लड़कियों का अंतिम संस्कार परिवार के ही खेत में कराया जाएगा. इस दौरान पूरे गांव और आसपास के क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया है और चप्पे चप्पे पर पुलिस तैनात है. कमिश्नर रंजन कुमार, आईजी लक्ष्मी सिंह, डीएम रवींद्र कुमार, एसपी आंनद कुलकर्णी भी उस जगह पर मौजूद हैं जहां दोनों का अंतिम संस्कार होना है. मृतक किशोरियों के शरीर पर एक भी चोट के निशान नहीं मिले हैं। हाथ-पैर बांधे जाने के साक्ष्य न तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आए हैं और न ही पुलिस की जांच में.
CBI जांच की मांग
घटना को लेकर सपा एमएलसी सुनील सिंह साजन ने कहा कि यह घटना शर्मसार करने वाली है. एक बेटी जीवन और संघर्ष के बीच जूझ रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि परिवार पर दबाव बनाया जा रहा है. गांव को छावनी में तब्दील किया गया है. परिवार सीबीआई जांच की मांग कर रहा तो होनी चाहिए. सरकार अगर निष्पक्ष है तो सीबीआई जांच करवा ले. बता दें कि गुरुवार शाम शवों को दफनाने के लिए गड्ढे खोदने के लिए बुलाई गई जेसीबी का रास्ता ग्रामीणों ने रोक दिया था. जिससे देर शाम तक दोनों किशोरियों का अंतिम संस्कार नहीं किया जा सका था. घटना में
गौरतलब है कि काजल (16) अपनी चचेरी बहन रोशनी (14) और भतीजी कोमल (12) के साथ बुधवार दोपहर तीन बजे खेतों से चारा लेने गई थीं. बुधवार शाम साढ़े छह बजे तीनों खेतों में बदहवास हालत में पड़ी मिलीं थीं। सीएचसी में डॉक्टरों ने काजल और कोमल को मृत घोषित कर दिया था. रोशनी वेंटिलेटर पर है और उसे कानपुर के रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.