दिल्ली के ‘दरिया’ बन जाने का राज क्या है? शहर को डूबते देखकर पानी-पानी क्यों नहीं होती सरकार?
दीन दयाल उपाध्याय मार्ग से लेकर मिंटो ब्रिज तक की सड़क ऐसी है, जहां दशकों से पानी भरता आ रहा है लेकिन ना सरकारें बदलीं ना ब्रिज की सूरत बदली. सवाल ये उठता है कि आखिर दिल्ली के ड्रेनेज सिस्टम में कोई दिक्कत है या सिस्टम में ही कोई दिक्कत है.
कहीं अपनी कार को धक्के मार रहा कार सवार तो कहीं लबालब पानी में फंसी अपनी स्कूटी को लेकर बाहर निकलने कि जद्दोजहद में फंसी महिला या फिर पानी में फंस जाने के बाद अपने ट्रैक्टर को छोड़कर फरार हो चुका ड्राइवर. सवाल उठता है कि आखिर ये लोग ऊपरवाले को दोष दें, अपनी किस्मत को कोसें या फिर सरकार को. देश की राजधानी दिल्ली, जो साल दर साल मामूली सी बारिश में दरिया बनी नजर आती है. घर से बाहर निकले लोग सड़क पर डूबने उतराने लगते हैं. जाम और जलजमाव में फंस जाते हैं.
दिल्ली के आईटीओ की सड़क मानों दरिया बन गई है. फर्राटा भरने वाली गाडियों के पहिए थमे हुए हैं क्योंकि आसमान पर बादलों का डेरा है और जमीन पर पानी का प्रहार. दिल्ली का ये दरिया पार कर रहे लोगों की मुसीबत महसूस कीजिए. ये घर से अपनी कोई मंजिल तय करके निकले होंगे. किसी की किस्मत अच्छी है जो निकल जा रहा है, तो किसी की किस्मत फूटी जो फंस जाता है.
दीनदयाल उपाध्याय मार्ग पर ये ‘दरिया’ लोग रिस्क लेकर पार करते रहे. जिनकी कार के इंजन ने दगा नहीं दिया वो पार निकल गए.. लेकिन जिन कारों का इंजन बंद हुआ वो कारें दरिया में ही फंस गईं. दीन दयाल उपाध्याय मार्ग से लेकर मिंटो ब्रिज तक की सड़क ऐसी है, जहां दशकों से पानी भरता आ रहा है लेकिन ना सरकारें बदलीं ना ब्रिज की सूरत बदली.
हर जगह सड़कें सैलाब में हो चुकी गुम
दिल्ली के बाकी इलाकों जैसे साउथ एवेन्यू और फिरोज शाह रोड तक सड़कें सैलाब में गुम हो चुकी हैं. अब सवाल ये उठता है कि आखिर दिल्ली के ड्रेनेज सिस्टम में कोई दिक्कत है या सिस्टम में ही कोई दिक्कत है. सरकारों को जिस पानी को देखकर पानी-पानी हो जाना चाहिए, उसमें हर साल दिल्ली वाले क्यों डूबते उतराते हैं.
दिल्ली की तरह NCR में आज बारिश परेशानी की वजह बनी. इस बीच गाजियाबाद में परचून की दुकान के टिन शेड में करंट दौड़ने लगा, जिसकी चपेट में आकर मां-बेटी समेत पांच लोगों की मौत हो गई. बताया जाता है कि सुबह 9 बजे 11 साल की सिमरन पड़ोस की 4 वर्षीय सुरभि को गोद में लेकर इस दुकान पर पहुंची. यहां टिन शेड को पकड़ते ही सिमरन और सुरभि करंट की चपेट में आ गई. इन्हें बचाने के चक्कर में और भी लोग करंट की चपेट में आते गए. इस हादसे के बाद पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई.