लकड़ी घोटाला:निगम के पास कोई हिसाब नहीं, शहर में हर साल गायब हो जाती हैं 6 करोड़ रुपए की लकड़ियां
राजधानी में हर साल अनुमति लेकर कटने वाले 2000 पेड़ों से औसत 20 हजार क्विंटल जलाऊ लकड़ी और 4000 घनमीटर इमारती लकड़ी निकलती है। लगभग 5 करोड़ कीमत वाली इस लकड़ी में से आधी भी नगर निगम के स्टोर में नहीं पहुंचती और पहुंच भी जाए तो उसकी सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है। सालभर में कम से कम 3 करोड़ रुपए की लकड़ी इस अनुमति वाली पेड़ कटाई के सहारे ब्लैक मार्केट में बिक जाती है। अवैध पेड़ कटाई को भी यदि इसमें जोड़ लिया जाए तो यह आंकड़ा 6 करोड़ रुपए साल तक पहुंच जाता है।
पर्यावरणविद् डॉ. सुदेश वाघमारे बताते हैं कि शहर में एक सामान्य पेड़ 50 सेमी गोलाई और 5 मीटर ऊंचाई का होता है। इस पेड़ की कटाई से 2 घनमी. इमारती लकड़ी मिलती है जो लगभग 15 हजार रुपए में बिकती है। यानी एक घनमीटर की कीमत हुई 7,500 रुपए। इसके साथ ही यह पेड़ 10 क्विंटल जलाऊ लकड़ी भी देता है। जलाऊ लकड़ी इन दिनों 1000 रुपए क्विंटल बिक रही है। 10 हजार की जलाऊ लकड़ी और 15 हजार रुपए की इमारती लकड़ी मिलाकर एक पेड़ काटकर 25,000 रुपए कमाए जा सकते हैं।
200 आवेदन निगम में हर महीने पेड़ कटाई के आते हैं। भोपाल नगर निगम खुद भी 70-75 पेड़ हर महीने काटता है। शहर में इतने बड़े पैमाने पर होने वाली पेड़ कटाई के बावजूद नगर निगम का शाहपुरा स्थित लकड़ी का स्टोर खाली नजर आता है।
15 साल में 2.20 बढ़ गया औसत तापमान
लगातार हो रही इस पेड़ कटाई का नतीजा है कि शहर का औसत तापमान पिछले 15 साल में 2.2 डिग्री सेल्सियस बढ़ गया है।
बीआरटीएस के लिए 10 हजार पेड़ काटे
बीआरटीएस बनाने लगभग 10 हजार पेड़ काटे गए थे। इसमें से 600 की शिफ्टिंग का दावा किया था। अब इनके ठूंठ भी गायब हो गए हैं। इनकी लकड़ी की कीमत ढाई करोड़ रु. आंकी गई थी।
तीसरी लाइन… कटे एक हजार पेड़ भी गायब
5 साल पहले मिसरोद से हबीबगंज तक तीसरी रेलवे लाइन के लिए 1000 पेड़ काटे गए थे। इनसे निकली 10 हजार क्विंटल लकड़ी भी निगम के स्टोर में नहीं पहुंची। लगभग एक करोड़ की इस लकड़ी के गायब होने की शिकायत नगर निगम में हुई। लेकिन जांच कोई नतीजे पर नहीं पहुंची।
कमिश्नर ने माना- निगरानी की जरूरत है
निगमायुक्त वीएस चौधरी कोलसानी ने बताया कि पेड़ कटाई से स्टोर में लकड़ी जमा होने और उसके उपयोग पर निगरानी जमाने की जरूरत है। अलाव जलाने के लिए लकड़ी देने के अलावा कोई कमर्शियल उपयोग हो सकता है तो उस पर विचार करेंगे।
अलाव में जलना दिखा देते हैं
पेड़ों की इस गायब होती लकड़ी का रिकार्ड दुरुस्त करने के लिए निगम इन्हें हर साल सर्दी में अलाव जलना दिखा देता है। इस बार तो भदभदा विश्राम घाट पर भी कुछ लकड़ी पहुंचाई गई।
ग्रीन कवर 13% कम
बेंगलुरु स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस द्वारा 2016 में जारी रिपोर्ट मॉडलिंग एंड विजुअलाइजेशन ऑफ अर्बन ट्रैजेक्टरी इन फॉर सिटीज ऑफ इंडिया में भोपाल का ग्रीन कवर 22% बताया था। यह अब 9% के आसपास ही बचा है। स्मार्ट सिटी, नर्मदा लाइन और दूसरे प्रोजेक्ट के साथ मकान बनाने के लिए ली जाने वाली अनुमति ने शहर का ग्रीन कवर 13% कम कर दिया है।