सपा ने उतारे 18 MLC कैंडिडेट, इनमें 14 यादव …
सुनील साजन को लखनऊ-उन्नाव सीट से मिला टिकट, पूर्व शिक्षा निदेशक वासुदेव यादव भी बने प्रत्याशी…
समाजवादी पार्टी ने MLC निकाय चुनाव के 18 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है। इनमें से 14 प्रत्याशी यादव हैं। लखनऊ-उन्नाव से सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुनील सिंह साजन और अखिलेश के राइट हैंड उदयवीर सिंह को मथुरा-एटा-मैनुपुरी सीट से टिकट मिला है।
प्रत्याशियों के नामों पर दो दिनों तक चला मंथन
विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद सपा ने MLC प्रत्याशियों के नामों पर गहन मंथन किया गया। दो दिनों तक चली बैठक के बाद नाम फाइनल हुए हैं। स्थानीय निकाय कोटे की 36 सीटों पर 9 अप्रैल को चुनाव होंगे। इसके लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। 6 जुलाई के पहले विधायक कोटे की 15 सीटों पर भी चुनाव होना है।
इसके बाद परिषद में कांग्रेस शून्य पर पहुंच जाएगी, जबकि बसपा के पास विधानसभा के बाद विधान परिषद में भी एक ही सदस्य रह जाएगा। निकाय चुनाव से लेकर मनोनयन और विधायक कोटे की सीटों के नतीजे पक्ष में कर भाजपा के पास सहयोगियों सहित संख्या दो-तिहाई पहुंचाने का मौका होगा।

यहां देखिए पूरी लिस्ट
क्षेत्र | प्रत्याशी का नाम |
बाराबंकी | राजेश कुमार यादव राजू |
इलाहाबाद | वासुदेव यादव |
खीरी | अनुराग वर्मा |
जौनपुर | मनोज कुमार यादव |
सिद्धार्थनगर | संतोष यादव |
गोरखपुर, महराजगंज | रजनीश यादव |
झांसी, जालौन, ललितपुर | श्यामसुंदर सिंह यादव |
लखनऊ, उन्नाव | सुनील सिंह यादव साजन |
रामपुर, बरेली | मशकूर अहमद |
रायबरेली | वीरेंद्र शंकर सिंह |
फैजाबाद | हीरालाल यादव |
आजमगढ़, मऊ | राकेश कुमार यादव |
मथुरा, एटा, मैनपुरी | उदयवीर सिंह |
बहराइच | अमर यादव |
वाराणसी | उमेश |
पीलीभीत, शाहजहांपुर | अमित यादव |
प्रतापगढ़ | विजय बहादुर यादव |
आगरा, फिरोजाबाद | दिलीप सिंह यादव |
ऐसे चुने जाते हैं विधान परिषद के सदस्य
प्रदेश में विधान परिषद की 100 सीटें होती हैं। चयन की प्रक्रिया इस तरह बनाई गई है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के सभी घटकों और समाज के प्रबुद्ध वर्ग के अलग-अलग हिस्सों का प्रतिनिधित्व हो सके। इसलिए सदन की 38 सीटें विधानसभा के सदस्यों के जरिए चुनी जाती हैं।
36 सीटें स्थानीय निकाय के प्रतिनिधि चुनते हैं, इसमें पंचायत से लेकर शहरी निकाय तक के निर्वाचित प्रतिनिधि वोटर होते हैं। 8 सीटें शिक्षक निर्वाचन के कोटे की होती हैं। इसमें शिक्षक ही वोटर होते हैं।
8 सीटों पर ग्रैजुएट मतदाता अपना प्रतिनिधि चुनते हैं। इन सीटों का क्षेत्राधिकार इस तरह तय किया जाता है कि प्रदेश के सभी हिस्से इसमें समाहित हों। 10 सीटों पर राज्यपाल सरकार की संस्तुति पर सदस्य नामित करते हैं। इसमें कला, साहित्य, समाजसेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों से नाम तय किए जाते हैं।
मौजूदा समय में MLC की पार्टी वार संख्या
विधान परिषद में स्थानीय निकाय कोटे के 36 सदस्यों का कार्यकाल खत्म हो चुका है। इसके साथ ही सदन की गणित बदल गई है। इस समय परिषद में भाजपा के 35, सपा के 17, बसपा के 4, अपना दल (सोनेलाल), निषाद पार्टी और कांग्रेस के एक-एक सदस्य हैं।
9 अप्रैल को हो रहे चुनाव के नतीजे विधान परिषद में बहुमत की तस्वीर तय कर देंगे। आम तौर पर जिसकी सत्ता होती है उस पार्टी के उम्मीदवारों की जीत की संभावना बढ़ जाती है। पिछले तीन दशकों के चुनाव की तस्वीर कुछ ऐसी ही रही है। निकाय में ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, पार्षद, विधायक और सांसद वोटर होते हैं।