गुजरात के 2011 बैच के IAS के राजेश से सीबीआई पूछताछ शुरू, रिश्वत में दुकानें व तेल भी लेने का आरोप
करीब दो साल से राजेश के खिलाफ शिकायतें मिल रही थीं। 140 शिकायतें आने के बावजूद अपने रसूख व पहुंच के चलते बच रहे थे …
अहमदाबाद। गुजरात के आईएएस के राजेश पर कलक्टर रहते लोगों को अनधिक्रत रूप से बंदूक लाईसेंस देने, रिश्वत में सूरत में दुकान व किसान से तिल का तेल तक लेने के आरोप लग रहे हैं। सीबीआई गांधीनगर ने उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर पूछताछ शुरू की है। सीबीआई ने सोमवार को ही गुजरात के 2011 बैच के आईएएस के राजेश के खिलाफ समन जारी कर पूछताछ के लिए सीबीआई कार्यालय हाजिर होने का निर्देश दिया था। करीब दो साल से राजेश के खिलाफ शिकायतें मिल रही थीं, उनके खिलाफ 140 शिकायतें आने के बावजूद अपने रसूख व पहुंच के चलते बचते आ रहे थे।
अतिरिक्त मुख्य सचिव पी के तनेजा को दिसंबर 2021 में 3 से 4 शिकायतें मिलीं, इनकी जांच कराने पर सुरेंद्रनगर कलक्टर के राजेश 3 में दोषी पाए गये जिसकी रिपोर्ट तनेजा ने सरकार को सौंप दी थी। इससे पहले भ्रष्टाचार निरोधक शाखा को दर्जनों शिकायतें मिली लेकिन आरोपी आईएएस के खिलाफ हर जांच ठंडे बस्ते में चली जाती। सीबीआई राजेश के खिलाफ सबूत जूटा रही है।
सूरत में उसके करीबी एजेंट एवं व्यापारी रफीक मेमण को गिरफ़्तार कर कर लिया है, एक दिन के रिमांड के बाद अब रफीक को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। सीबीआई ने राजेश व रफीक को आमने सामने बिठाकर पूछताछ करने की दलील देते हुए और रिमांड की मांग की लेकिन अदालत ने कहा जब आईएएस राजेश को गिरफ्तार ही नहीं किया गया तो दोनों से पूछताछ का दावा कैसे हो सकता है।
राजेश ने सूरत के एक व्यवसायिक कॉम्पलेक्स में 48 लाख की दो दुकानें होने की जानकारी दी थी लेकिन पता चला है कि इनकी कीमत 2 करोड से अधिक है तथा ये दुकानें भी उन्होंने वहां जिला विकास अधिकारी रहते अपने पद का गलत इस्तेमाल करते हुए हथियाई थी। एक किसान ने राजेश पर शरीर पर मालिश के लिए 5 लीटर तिल का तेल मंगाने का भी आरोप लगाया है।
बीते करीब एक सप्ताह से गांधीनगर सचिवालय में आईएएस के राजेश की ही चर्चा है, सचिवालय में जब एक आईएएस पर सीबीआई के छापे कीबात लीक हुई तो बताया जा रहा है कि 3 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों ने अपने मातहत कर्मचारियों को अपने घर तक दौडा दिया कि कहीं उनके घर तो छापा नहीं पड रहा है।