हम भारतीयों की ताकत हमारे परिवार हैं और परिवार के प्राण हैं रिश्ते
यदि हनुमानजी की लीला के साथ चलें तो उनका हर निर्णय, हर दृश्य हमारे लिए एक संदेश बन जाता है। चुनौतीपूर्ण अवसरों को लपकना, सीखने का कोई अवसर न छोड़ना, अतिरिक्त परिश्रम का उत्साह और बदलाव को स्वीकार कर स्वयं के भीतर उतारना, ऐसी अनेक खूबियों के साथ एक विशेषता हनुमानजी में यह थी कि वे अपने साथ रहने वालों का बड़ा ध्यान रखते थे। उन्हें न सिर्फ मार्गदर्शन देते, बल्कि सुरक्षा भी उपलब्ध करवाते थे।
हनुमानजी की उपस्थिति का सबसे अधिक लाभ सुग्रीव ने उठाया था। हालांकि थे उनके राजा, पर लगातार गलतियां कर रहे थे और यह भी जानते थे कि मेरे साथ हनुमान हैं तो चिंता किस बात की। सचमुच रिश्तों को निभाने में बेजोड़ हैं हनुमानजी। रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर आज देश के सबसे स्वच्छ नगर इंदौर में श्री हनुमान चालीसा महापाठ के साथ विशेष कार्यक्रम होने जा रहा है ‘एक शाम रिश्तों के नाम’ जिसमें हम हनुमानजी के माध्यम से रिश्तों की गरिमा को समझने का प्रयास करेंगे।
हनुमान चालीसारूपी मंत्र का गुंजन पूरे ब्रह्मांड में पॉजिटिविटी घोल देता है। यदि आप सकारात्मक हैं तो आपके रिश्ते दूसरों को अपनापन व सुरक्षा प्रदान करेंगे। नकारात्मक रिश्ते सदैव विध्वंस और अशांति ही उगलेंगे। संस्कार टीवी पर शाम सात बजे से प्रसारित होने वाले इस कार्यक्रम से अवश्य जुड़िए, क्योंकि हम भारतीयों की ताकत हमारे परिवार हैं और परिवार के प्राण हैं रिश्ते।