मध्य प्रदेश: टिकट मिलने के बाद भी चुनाव नहीं लड़ पाएंगे 916 उम्मीदवार !

मध्य प्रदेश: टिकट मिलने के बाद भी चुनाव नहीं लड़ पाएंगे 916 उम्मीदवार, खुद ही पैरों पर मारी कुल्हाड़ी
मध्य प्रदेश में नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब पत्रों की जांच हुई तो उसमें 916 प्रत्याशियों के पत्र अमान्य पाए गए हैं. वहीं, कई प्रत्याशियों के नामांकन होल्ड पर भी डाल दिए हैं जिसमें बीजेपी और कांग्रेस के नेता भी शामिल हैं. लिस्ट में पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा के भतीजे का फॉर्म भी शामिल है.

मध्य प्रदेश: टिकट मिलने के बाद भी चुनाव नहीं लड़ पाएंगे 916 उम्मीदवार, खुद ही पैरों पर मारी कुल्हाड़ी

कांग्रेस प्रत्याशी अजय सिंह और बीजेपी के प्रत्याशी सुरेंद्र पटवा
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. 230 विधानसभा सीटों पर कुल 3832 प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र जमा किए हैं. लेकिन जब इन पत्रों की जांच की गई तो इनमें से 916 प्रत्याशियों के नामांकन अमान्य पाए गए हैं. ये नामांकन इसलिए निरस्त किए गए है क्यों की इन प्रत्याशियों ने गलत जानकारी अपने पत्र में दी थी. किसी प्रत्याशी ने गलत जानकारी दी तो किसी ने जानकारी छुपाई.

आधी-अधूरी जानकारी देने का आरोप

पटवा पर आरोप लगाया गया है की इनके खिलाफ 501 प्रकरण विचाराधीन है. मगर उन्होंने सिर्फ 167 की ही जानकारी दी है . वहीं, 6 मामलों में सजा की जानकारी दी है ,जबकि 6 माह पहले ही उन्होंने कोर्ट में उन्होंने 28 मामलों में सजा होने का शपथ पत्र दिया था . आज इस पर चुनाव आयोग फैसला करेगा.

उधर भाजपा प्रत्याशी शरदेंदु तिवारी ने शिकायत की है कि कांग्रेस प्रत्याशी अजय सिंह ने अपने शपथ पत्र में खुद की और पत्नी की अचल संपत्ति की जानकारी का बनावटी शपथ पत्र प्रस्तुत किया है. निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित प्रारूप का उपयोग नहीं किया गया है. उनके नामांकन फॉर्म में कुछ कॉलम भी ख़ाली रखे गए हैं.

उमा भारती के भतीजे राहुल सिंह लोधी

उमा भारती के भतीजे और भाजपा प्रत्याशी राहुल सिंह लोधी के नामांकन पर कांग्रेस की चंदा सिंह गौर ने आपत्ति जताई है. उनके मुताबिक राहुल सिंह लोधी की विधायकी हाई कोर्ट से शून्य घोषित हुईं थी. इसके बाद वह सुप्रीम कोर्ट से सशर्त राहत पर हैं. ऐसे में उन्हें चुनाव का लाभ नहीं दिया जाना चाहिए. चंदा ने उनका नामांकन खारिज करने की मांग की है. इसकी सुनवाई भी बुधवार सुबह 11 बजे होगी.

सुषमा स्वराज के सामने लड़ रहे कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन हुआ था निरस्त

मध्य प्रदेश में इससे पहले भी नामांकन निरस्त हो चुके हैं . 2009 के लोकसभा चुनाव में सुषमा स्वराज विदिशा से भाजपा उम्मीदवार थीं. कांग्रेस ने राजकुमार पटेल को उम्मीदवार घोषित किया था, लेकिन पटेल ने अपने नामांकन में बी फॉर्म की मूल प्रति के बजाय फोटो कॉपी सबमिट कर दी. इसके चलते उनका नामांकन निरस्त हो गया था. तब सुषमा स्वराज के खिलाफ कांग्रेस का कोई अधिकृत प्रत्याशी मैदान में नहीं था और उनके लिए वॉक ओवर जैसी स्थिति हो गई थी.

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