राजस्थान में चुनाव लड़ रहे 35% उम्मीदवार करोड़पति, 17 फीसदी दागी ?
राजस्थान में चुनाव लड़ रहे 35% उम्मीदवार करोड़पति, 17 फीसदी दागी, जानें इनमें किस पार्टी से कितने
Rajasthan Election: राजस्थान में विधानसभा चुनाव के लिए राज्य की सभी 200 सीटों पर कुल 1,875 प्रत्याशी मैदान में हैं। इस बीच एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफार्म्स की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पिछले पांच साल में राज्य में दागियों और धनी उम्मीदवारों की संख्या बढ़ी है।
राजस्थान में इन दिनों विधानसभा चुनाव को लेकर प्रचार चरम पर है। राज्य में 25 नवंबर को मतदान होना है। इस बीच एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिमार्म्स (ADR) ने उम्मीदवारों द्वारा दाखिल हलफनामों पर रिपोर्ट प्रकाशित की है। रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य की सभी 200 सीटों पर कुल 1,875 प्रत्याशी मैदान में हैं।
आइये जानते हैं एडीआर की रिपोर्ट में कौन-कौन सी जानकारियां सामने आई हैं?
पिछले पांच वर्षों में दागी उम्मीदवारों में बढ़ोतरी देखी गई है। इस चुनाव में उतरे 1875 में से 326 उम्मीदवारों (17 फीसदी) पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इससे पहले 2018 के चुनाव में लड़ने वाले 2188 में से 320 उम्मीदवार (15 फीसदी) ऐसे थे जिन पर आपराधिक मामले दर्ज थे। 2023 में किस्मत आजमा रहे 236 उम्मीदवार (13 फीसदी) ऐसे हैं जिनके खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसी तरह 2018 में 195 उम्मीदवार (नौ फीसदी) ऐसे थे जिनके खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे।
एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे ज्यादा दागी उम्मीदवार भाजपा के हैं। भाजपा के 200 में से 61 उम्मीदवारों (31%) पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। दूसरे नंबर पर कांग्रेस के 199 में से 47 उम्मीदवार (24%) दागी हैं। बसपा के 185 में से आठ उम्मीदवारों (4%) पर आपराधिक मामले चल रहे हैं। वहीं आम आदमी पार्टी के 86 में से 15 उम्मीदवारों (17%) पर केस चल रहा है। इसी तरह भाजपा के 61 उम्मीदवारों पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। कांग्रेस के 34 उम्मीदवार गंभीर आपराधिक मामले का सामना कर रहे हैं। बसपा के आठ उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले चल रहे हैं। वहीं आप के 15 उम्मीदवार गंभीर आपराधिक मामले का सामना कर रहे हैं।
राजस्थान में चुनाव लड़ रहे कुल उम्मीदवारों में 36 के खिलाफ महिला अपराध से जुड़े मामले दर्ज हैं। एक उम्मीदवार के खिलाफ दुष्कर्म की धारा (आईपीसी 376) में मामला दर्ज है। चार उम्मीदवार हत्या से जुड़े मामलों (आईपीसी 302) का सामना कर रहे हैं। ऐसे ही 34 उम्मीदवारों पर हत्या के प्रयास (आईपीसी 307) से जुड़े मामले चल रहे हैं।
दागियों की तरह धनी उम्मीदवारों की संख्या भी राज्य में बढ़ी है। 2023 में उतरे कुल 1,875 प्रत्याशियों में से 35 फीसदी यानी 651 प्रत्याशी करोड़पति हैं। इससे पहले 2018 में चुनाव लड़ने वाले कुल 2,188 प्रत्याशियों में से 27 फीसदी यानी 597 प्रत्याशी करोड़पति थे।
ड़ रहे 35% उम्मीदवार करोड़पति, 17 फीसदी दागी, जानें इनमें किस पार्टी से कितने
Rajasthan Election: राजस्थान में विधानसभा चुनाव के लिए राज्य की सभी 200 सीटों पर कुल 1,875 प्रत्याशी मैदान में हैं। इस बीच एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफार्म्स की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पिछले पांच साल में राज्य में दागियों और धनी उम्मीदवारों की संख्या बढ़ी है।

259 प्रत्याशी ऐसे हैं जिनकी संपत्ति पांच करोड़ या इससे ज्यादा है। 200 उम्मीदवारों की दौलत दो से पांच करोड़ के बीच है। 50 लाख से दो करोड़ की संपत्ति वाले 408 उम्मीदवार मैदान में हैं। ऐसे उम्मीदवार जिनकी दौलत 10 लाख से 50 लाख है उनकी संख्या 501 है। 507 प्रत्याशियों की संपत्ति 10 लाख से कम की है।
भाजपा के सबसे ज्यादा 176 उम्मीदवार (88%) करोड़पति हैं। दूसरे स्थान पर कांग्रेस के 167 प्रत्याशी (84%) करोड़पति हैं। बसपा के 36 उम्मीदवारों (20%) की दौलत एक करोड़ रुपये से ज्यादा की है। वहीं आम आदमी पार्टी के कुल 78 उम्मीदवारों में से 36 यानी 46% करोड़पति हैं। इस बार चुनाव मैदान में उतरे सभी प्रत्याशियों के औसत धन की बात करें तो यह 3.12 करोड़ रुपये है। 2018 में 2,188 उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 2.12 करोड़ रुपये थी। पार्टीवार आंकड़े देखें तो, इस बार भाजपा के प्रत्याशियों के औसत संपत्ति 8.24 करोड़ रुपये है। दूसरे नंबर पर कांग्रेस के उम्मीदवारों के औसत संपत्ति 10.38 करोड़ रुपये है। बसपा के उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 1.70 करोड़ रुपये है। वहीं आप के प्रत्याशियों की औसत संपत्ति 1.35 करोड़ रुपये है।
एडीआर की रिपोर्ट से एक दिलचस्प आंकड़ा भी सामने आया है, जिसके मुताबिक चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों में आठ ऐसे प्रत्याशी भी मैदान में हैं, जिनकी कोई संपत्ति ही नहीं है। हालांकि, इस सूची में भाजपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी जैसी पार्टियों के प्रत्याशी नहीं हैं।
चुनाव में किस्मत आजमा रहे 744 उम्मीदवार यानी 41 फीसदी पांचवीं से बारहवीं कक्षा तक पढ़े हैं। 916 उम्मीदवारों (49 फीसदी) ने स्नातक या उससे अधिक की पढ़ाई की है। इनके अलावा 37 प्रत्याशी डिप्लोमा धारी, 137 साक्षर और 11 निरक्षर हैं।
उम्मीदवारों में 643 यानी 34 फीसदी की उम्र 25 से 40 के बीच है। 868 यानी 46 फीसदी की उम्र 41 से 60 के बीच है। वहीं, 356 यानी 19 फीसदी की उम्र 61 से 80 के बीच है। आठ उम्मीदवारों की उम्र 80 साल से ज्यादा की है। इस बार कुल उम्मीदवारों में 183 यानी की 10 फीसदी महिला हैं। इससे पहले 2018 में कुल 2188 उम्मीदवारों में 182 यानी आठ प्रतिशत महिला हैं।