इंदौर पुलिस का हाल ?

इंदौर पुलिस का हाल ?
1023 मौतें अब भी रहस्य… पुलिस ने 4 साल से फाइलें दबा रखीं

इंदौर के चारों जोन के सभी थानों की पुलिस का एक बड़ा कारनामा सामने आया है। पिछले चार साल में हुई मौतों की 1023 फाइलें अभी तक थानों में दबाकर रखी हैं। इनमें कई मामले हैं, जिनमें किसी ना किसी तरह से आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज होना हैं, लेकिन ना तो इसमें जांच हुई और ना किसी ने इन मामलों को गंभीरता से लिया। इसका खुलासा तब हुआ जब एडि. पुलिस कमिश्नर ने सभी थानों से रिकॉर्ड बुलवाया।

इसमें बाणगंगा थाने का एक केस तो ऐसा भी है, जिसमें 6 महीने पहले टीआई ने लिख दिया कि कोई केस नहीं बनता, अब उसमें रिश्तेदार पर ही केस दर्ज कर लिया है। इसकी भी जांच शुरू हो गई है। एडि. सीपी अमित सिंह ने कुछ दिन पहले ऐसे मामलों (जिनका पोस्टमॉर्टम पुलिस ने करवाया) की जांच के लिए सभी थानों को एक प्रोफार्मा बनाकर भेजा, जिसमें अभी तक फाइलें जिंदा हैं।

प्रोफार्मा में मर्ग क्रमांक, दिनांक, मृतक का नाम, मौत का कारण, पीएम रिपोर्ट या अन्य एफएसएल जांच, डिजिटल एविडेंस की मांग की थी। जब आंकड़े आए तो अफसर भी चौंक गए। 2020 से लेकर अब तक करीब 1023 ऐसे मामले थानों में धूल खा रहे हैं, जिनका महीनेभर के भीतर निराकरण हो जाना चाहिए था। अब सभी को नोटिस दिए गए हैं, ताकि इनका निराकरण हो जाए।

52 सेकंड बात की तो बनाया आरोपी

8 मई को बाणगंगा पुलिस ने उज्जैन की रुपाली और उसके पति अमर जायसवाल पर आत्महत्या के लिए प्रताड़ित करने का केस दर्ज किया था। युवक प्रशांत जायसवाल ने 24 सितंबर 2023 को जान दी थी। इसमें पुलिस ने रुपाली पर आरोप लगाया कि उसने प्रशांत को ब्याज पर पैसे दिए थे और वह प्रताड़ित कर रही थी।

जबकि 6 महीने पहले तत्कालीन टीआई नीरज बिरथरे ने लिखा था कि इसमें कोई केस नहीं बनता है। अब एडि. सीपी की जांच में आया है कि प्रशांत ने मौत के दो माह पहले महज 52 सेकंड ही रुपाली से बात की थी। इसके बाद वह सगाई टूटने से दुखी था। उसने सगाई के लिए 8 लाख का कर्ज लिया था। सुसाइड नोट में मंगेतर का भी जिक्र किया था।

कार्रवाई नहीं चाहते लिखवा लिया

ऐसा ही एक केस तिलक नगर थाने का सामने आया है। यहां मई 2023 में वर्षा पति जितेंद्र उबनारे ने फांसी लगाकर जान दी थी। उसने सुसाइड नोट में एक एडव्होकेट महिला द्वारा प्रताड़ित करने और एक लाख रुपए मांगने का जिक्र किया था। इसके बाद तत्कालीन जांच अधिकारी ने महिला के परिजन से स्टाम्प पर लिखवा लिया कि हम कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं। तब से ये केस पेंडिंग है।

सिर्फ स्लाइड ही जब्त की

एसीपी ने जांच में पाया कि कई केस तो ऐसे हैं, जिनमें पुलिस ने डिजिटल एविडेंस ही नहीं जुटाए। द्वारकापुरी में एक युवती ने आत्महत्या कर ली थी। उसके पिता का आरोप है कि उसके प्रेमी के कारण उसने जान दी है, जो लगातार दो साल से अवैध संबंध बना रहा था। जांच में पता चला कि द्वारकापुरी पुलिस ने उसकी सिर्फ स्लाइड ही जब्त की, जबकि दुष्कर्म साबित करने बच्चादानी जब्त करना थी।

थानों की यह तो घोर लापरवाही है, पत्र लिखे हैं, कई मामले में केस दर्ज होंगे

मैंने एक प्रोफार्मा के तहत जानकारी मांगी तो पता चला कि 1023 केस ऐसे हैं, जिनका सिर्फ मर्ग ही कायम है। जबकि इनमें जांच होकर केस खत्म होना थे या आरोपियों पर केस दर्ज होना थे। ऐसी घोर लापरवाही सामने आई है तो हमने संबंधितों को पत्र लिखे हैं। करीब कई मामलों में तो आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज होंगे।

– अमित सिंह, एडिशनल पुलिस कमिश्नर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *