संभल कर खाएं मिठाई… पड़ सकते हैं बीमार ?
संभल कर खाएं मिठाई… पड़ सकते हैं बीमार, जानिए मिलावटी मिठाई की कैसे करें जांच

दिल्ली से सटी औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में मिलावटी मिठाइयों की जमकर बिक्री होती है। होली का त्योहार दो दिन बाद है, लेकिन अभी तक मिठाइयों के नमूने लेने के नाम पर महज खानापूर्ति ही हो रही है। इस तरह से लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ हो रहा है। लोग यही मिठाई खाकर बीमार पड़ सकते हैं। इससे सबसे ज्यादा नुकसान जनता को होने वाला है, क्योंकि अब तक कई लोग और फुटकर विक्रेता मिठाइयां खरीद चुके हैं।
पिछले साल दिवाली के अवसर पर भी मिठाइयों के नमूने लिए गए थे। जिनकी रिपोर्ट लंबित है। जनवरी 2024 से नवंबर 2024 तक लगभग 113 नमूने लिए गए हैं। जिसमें से 28 नमूने फेल पाए गए। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं कि जिन खाद्य पदार्थों में मिलावट होती है या रसायन मिले होते हैं वह सेहत को नुकसान पहुंचाते हैं। खाद्य पदार्थों के सेवन से शरीर को पोषक तत्व नहीं मिल पाते।
मिलावटी मिठाइयां खाने से कई प्रकार की पेट संबंधित स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। खट्टी डकार, पेट में जलन, गैस बनना, उल्टी और दस्त जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। मिलावटी मिठाइयों में पोषक तत्व भी नहीं होते। कुछ खाद्य पदार्थों में केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है। इसका सीधा असर लीवर पर पड़ता है। खुले में रखी मिठाइयां और अन्य खाद्य पदार्थों को खाने से बचें। बाहर खुले में रखे खाद्य पदार्थों को खाने के कारण आंतों में इंफेक्शन भी हो सकता है।
अशुद्ध और नकली ब्रांड के खाद्य पदार्थों को बेचने वाले दुकानदारों से विभाग के अधिकारी ग्राहक बनकर नमूने एकत्रित करते हैं। इसके बाद इन्हें जांच के लिए भेजा जाता है। बता दें कि फेल नमूने तीन तरह के होते हैं। इनमें अनसेफ, मिस ब्रांड और सब स्टैंडर्ड शामिल हैं। सैंपल की रिपोर्ट के आधार पर ही जुर्माना तय किया जाता है। अनसेफ में छह महीने की सजा और पांच लाख रुपये तक का जुर्माना, मिस ब्रांड सैंपल पाए जाने पर तीन लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। वहीं सब स्टैंडर्ड पर एक से लेकर पांच लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाता है।
जानें मिलावटी मिठाई की जांच कैसे करें
– खोया दानेदार हो तो भी मिलावटी हो सकता है
– मिठाई पर लगी परत में मिलावटी होने का पता उसे जलाकर कर सकते हैं
– मिठाई चख कर भी उसके बासी होने या फिर गुणवत्ता का अंदाजा लगा सकते हैं।
– नकली केसर पानी में डालने के बाद रंग छोड़ने लगता है।