उत्तर प्रदेशलखनऊ

यूपी में ARTO–खनन अफसर और दलालों पर तगड़ा एक्शन…रायबरेली-फतेहपुर और उन्नाव में 22 पर FIR ?

यूपी में ARTO–खनन अफसर और दलालों पर तगड़ा एक्शन:5 से 10 हजार में पास कराते थे ट्रक; रायबरेली-फतेहपुर और उन्नाव में 22 पर FIR
रायबरेली/फतेहपुर/उन्नाव….

यूपी प्रदेश एसटीएफ ने खनन और परिवहन विभाग के अफसरों-कर्मचारियों व दलालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। फतेहपुर, रायबरेली और उन्नाव के खनन अफसरों, एआरटीओ कार्यालय के कर्मचारियों समेत कुल 22 दलालों पर एफआईआर दर्ज की गई है।

रायबरेली और फतेहपुर से मोरंग कारोबार से जुड़े दो दलाल मोहित सिंह और सुशील को गिरफ्तार कर लालगंज पुलिस के हवाले किया गया है। वहीं, उन्नाव में भी पांच दलालों को पकड़ा गया है।

जानकारी के मुताबिक, उन्नाव में एआरटीओ रहे अंबुज सिंह ने वसूली के लिए अपने करीबी निर्भय सिंह को तैनात कर रखा था। अंबुज वर्तमान में फतेहपुर में तैनात हैं।

वसूली का हिस्सा अफसरों तक पहुंचाते थे

एसटीएफ की जांच में सामने आया कि एआरटीओ अफसरों और कर्मचारियों की मिलीभगत से ये दलाल बांदा से आने वाले मौरंग लदे ट्रकों को फतेहपुर और रायबरेली से बिना रोकटोक पास कराते थे। इसके एवज में प्रति ट्रक 5 से 10 हजार रुपए तक फिक्स वसूली होती थी। इस रकम का हिस्सा अफसरों और कर्मचारियों तक भी पहुंचता था।

114 ट्रकों से रोज वसूली होती

एसटीएफ को सूचना मिली थी कि बांदा से आने वाले ओवरलोड ट्रकों को लालगंज के मोहित सिंह और अयोध्या के सुशील हर ट्रक से पांच हजार रुपए लेकर पास कराते हैं। दोनों की सेटिंग फतेहपुर और रायबरेली के एआरटीओ से थी। रायबरेली और फतेहपुर मार्ग पर चलने वाले करीब 114 ट्रकों से रोज वसूली होती थी।

जांच के बाद एसटीएफ ने दोनों दलालों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उन्होंने फतेहपुर के एआरटीओ–पीटीओ स्टाफ, रायबरेली के एआरटीओ और उनके कर्मचारियों के नाम उजागर किए। दलालों ने बताया कि जिन ट्रकों से वसूली कर ली जाती है, उन्हें एआरटीओ और पीटीओ कभी नहीं रोकते। इसमें खनन अफसरों और कर्मचारियों की मिलीभगत भी सामने आई है।

मोरंग लदे ओवरलोड ट्रकों से वसूली के लिए एआरटीओ के अफसर प्राइवेट कर्मचारी तैनात किए हुए थे।
मोरंग लदे ओवरलोड ट्रकों से वसूली के लिए एआरटीओ के अफसर प्राइवेट कर्मचारी तैनात किए हुए थे।

उन्नाव : अफसरों को रुपए हो रहे थे ट्रांसफर

मंगलवार देर रात ढाई बजे उन्नाव में एसटीएफ ने एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया, जो परिवहन विभाग के अफसरों और कर्मचारियों की मिलीभगत से अवैध खनन और ओवरलोड ट्रकों को पास कराने का काम कर रहा था। गदनखेड़ा बाईपास पर छापे में पांच दलालों को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से 13,800 रुपए नकद, सात मोबाइल, एक ट्रक और दो कारें बरामद की गईं।

एसटीएफ ने मारुति फ्रॉक्स कार से मोहम्मद तारिक हुसैन (26) निवासी हिरननगर, उन्नाव और नियाज अहमद उर्फ अमन (25) को पकड़ा। तारिक से दो मोबाइल और 7,000 रुपए बरामद हुए। पूछताछ में उसने बताया कि वह एआरटीओ संजीव कुमार, हमराही सिपाही प्रदीप और रंजीत, एआरटीओ प्रतिभा गौतम के हमराही इंद्रजीत तथा पीटीओ सैफर किदवई के ड्राइवर सुरेंद्र को प्रति ट्रक 2,500 रुपए देता है।

उन्नाव में गिरफ्तार दलाल। इनके पास से 350 ट्रकों की लिस्ट मिली है, जिससे वसूली करते थे।
उन्नाव में गिरफ्तार दलाल। इनके पास से 350 ट्रकों की लिस्ट मिली है, जिससे वसूली करते थे।

उसने यह भी बताया कि कानपुर के पूर्व एआरटीओ अंबुज सिंह के करीबी निर्भय सिंह को 11,000 रुपए प्रति ट्रक दिए जाते हैं। तारिक के मोबाइल में 350 ट्रकों की वॉट्सऐप लिस्ट मिली, जिन पर कोई चालान नहीं होता था।

एसटीएफ दरोगा राहुल परमार की तहरीर पर थाना सदर कोतवाली में मोहम्मद तारिक हुसैन, सुनील सचान, प्रदीप सिंह, नियाज अहमद उर्फ अमन, श्रीकिशन, एआरटीओ संजीव कुमार के हमराही प्रदीप व रंजीत, एआरटीओ प्रतिभा गौतम के हमराही इंद्रजीत, पीटीओ सैफर किदवई के ड्राइवर सुरेंद्र, पूर्व एआरटीओ अंबुज सिंह के सहयोगी निर्भय सिंह समेत परिवहन विभाग के अज्ञात अफसर-कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। कुल 11 नामजद आरोपी हैं।

नियाज अहमद ने कबूल किया कि वह दो साल से यह काम कर रहा है और प्रति ट्रक 7 से 10 हजार रुपए की उगाही करता है। वह ट्रक मालिकों से UPI के जरिए पैसा लेकर अफसरों तक पहुंचाता था।

22 लोगों पर एफआईआर, अफसरों के नाम गायब

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि एसटीएफ ने आरटीओ और खनन विभाग के कर्मचारियों के नाम तो एफआईआर में दर्ज किए हैं, लेकिन दलालों के बयान में जिन अफसरों की मिलीभगत सामने आई है, उनके नाम शामिल नहीं हैं। फतेहपुर में खनन अधिकारी के खिलाफ एफआईआर तो दर्ज है, लेकिन नाम नहीं लिखा गया है।

रायबरेली में एआरटीओ के ड्राइवर सुनील यादव और दीवान, मोहित सिंह व सुशील समेत पांच लोगों पर एफआईआर हुई है। फतेहपुर में खनन अधिकारी (अज्ञात), खनन अधिकारी के गनर राजू खान, दलाल मुकेश तिवारी, धीरेंद्र सिंह और विक्रम सिंह के नाम दर्ज हैं। आरटीओ के ड्राइवर बबलू पटेल पर भी मामला दर्ज किया गया है। कुल छह लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है।

उन्नाव में एआरटीओ रहे अंबुल सिंह के प्राइवेट आदमी को भी गिरफ्तार किया गया है।
उन्नाव में एआरटीओ रहे अंबुल सिंह के प्राइवेट आदमी को भी गिरफ्तार किया गया है।

उन्नाव में STF दरोगा राहुल परमार ने मोहम्मद तारिक हुसैन, सुनील सचान, प्रदीप सिंह, नियाज अहमद उर्फ अमन, श्रीकिशन, आरटीओ संजीव कुमार के हमराही सिपाही प्रदीप, रंजीत, एआरटीओ प्रतिभा गौतम के हमराही सिपाही इंद्रजीत, PTO सैफर के प्राइवेट ड्राइवर सुरेंद्र, एआरटीओ रहे अंबुज सिंह के प्राइवेट व्यक्ति निर्भय सिंह, परिवहन विभाग के अधिकारी कर्मचारीगण नाम पता अज्ञात के खिलाफ FIR थाना सदर कोतवाली में दर्ज कराई है। यहां 11 लोगों पर एफआईआर दर्ज कराई गई है।

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