छात्रों और अस्पताल स्टाफ को फैकल्टी दिखाकर ली मान्यता !
मध्यप्रदेश के नर्सिंग कॉलेजों में फर्जीवाड़े के खिलाफ लगातार कार्रवाई के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। एक बार फिर फर्जी मान्यता और फर्जी फैकल्टी को लेकर गंभीर शिकायत सामने आई है। आरोप है कि स्टूडेंट्स और अस्पताल स्टाफ को फैकल्टी दिखाकर कॉलेज ने मान्यता प्राप्त की। शिकायतकर्ता रवि ने नर्मदा इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग साइंस, होशंगाबाद पर गंभीर आरोप लगाते हुए बीते माह राज्य साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई थी।

इस पर संज्ञान लेते हुए राज्य साइबर सेल ने मामले की जांच के लिए क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त को पत्र भेजा है। पत्र में लिखा गया है कि नर्मदा इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग साइंस द्वारा फर्जी फैकल्टी और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मान्यता प्राप्त करने की शिकायत मिली है। साथ ही मान्यता तत्काल निरस्त कर संचालकों एवं संबंधित व्यक्तियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग भी की गई है।
इस मामले में जब कॉलेज की प्रिंसिपल से बात की गई तो उन्होंने कोई भी स्टेटमेंट देने से इनकार कर दिया गया।
शिकायत में पूरी व्यवस्था पर गंभीर आरोप
NSUI के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने शिकायत में कई गंभीर आरोप लगाए हैं। परमार ने नर्सिंग काउंसिल के रजिस्ट्रार, डिप्टी रजिस्ट्रार और मान्यता शाखा के अधिकारियों पर भी मिलीभगत के आरोप लगाए हैं।
इन फैकल्टी पर उठे सवाल
परमार ने बताया कि कॉलेज ने मान्यता के लिए उप-प्राचार्य नीता सेन का फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया। वहीं विद्या यादव, गोविंद पटेरिया, सुनील कुमार सूर्यवंशी और संगीता कारपेंटर को भोपाल स्थित नर्मदा ट्रॉमा सेंटर अस्पताल तथा नर्मदा इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग साइंस, होशंगाबाद दोनों जगहों पर एक साथ रजिस्टर्ड दिखाया गया, जो नियम विरुद्ध है।
इसी तरह कपिल कौरी को कॉलेज में फैकल्टी दिखाया गया, जबकि वास्तविकता में वे श्री साई इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग साइंस, सीहोर में सत्र 2024-25 के एमएससी नर्सिंग के छात्र हैं। इस मामले में कपिल से बात की गई तो उन्होंने रॉन्ग नंबर बोलते हुए फोन काट दिया।
कमिश्नर कार्यालय का घेराव करेगी NSUI
भोपाल जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने कहा कि अधिकारियों की मिलीभगत से ऐसे फर्जी नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता देकर छात्र-छात्राओं का भविष्य बर्बाद किया जा रहा है। NSUI ने कॉलेज संचालकों, फर्जी फैकल्टी और संबंधित अफसरों पर तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई कर एफआईआर दर्ज नहीं की गई, तो NSUI पुलिस कमिश्नर कार्यालय और पुलिस मुख्यालय का घेराव करेगी।

