उत्तर प्रदेशवाराणसीस्वास्थय

कोडीनयुक्त कफ सिरप तस्करी केस में 26 फर्मों के लाइसेंस होंगे रद्द, 102 फर्म जांच के घेरे में !

कोडीनयुक्त कफ सिरप तस्करी केस में 26 फर्मों के लाइसेंस होंगे रद्द, 102 फर्म जांच के घेरे में

वाराणसी के कोडीन युक्त कफ सिरप मामले में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जहां FSDA की जांच में 102 दवा कंपनियां शक के दायरे में हैं, जबकि 26 फर्मों के लाइसेंस निरस्त किए जाने की कार्रवाई शुरू हो चुकी है।

  • काशी में कोडीन सिरप घोटाला उजागर, 102 फर्म जांच में
  • 26 फर्मों के लाइसेंस रद्द, पूर्व अधिकारी भी संदिग्ध
  • 100 करोड़ की अवैध कफ सिरप खरीद का बड़ा खुलासा

Varanasi Cough Syrup Scam:  धर्म नगरी काशी में कोडीन युक्त कफ सिरप से जुड़े बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन (FSDA) की जांच में सामने आया है कि प्रतिबंधित कोडीन सिरप की खरीद-बिक्री में शहर की 102 दवा फर्में शामिल हैं। विभाग इन सभी फर्मों के दस्तावेज़ और खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड खंगाल रहा है। शुरुआती जांच में कई फर्मों में गंभीर अनियमितताएं मिली हैं।

विभाग के मुताबिक जिन 26 फर्मों के खिलाफ बीते शनिवार को कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था, उनके लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

काशी में कफ सिरप फर्जीवाड़ा: कैसे फूटा मामला?

FSDA की आयुक्त रोशन जैकब ने कोडीन युक्त सिरप की धांधली का भंडाफोड़ किया। इसके बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए 26 फर्मों के 28 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया।

जानकारी के अनुसार:

प्रतिबंधित कोडीन सिरप की फर्जी बिलिंग के लिए कई फर्मों का केवल कागज़ी पंजीकरण कराया गया था।

दवा स्टॉक रखने के लिए गोदाम तक मौजूद नहीं थे।

कई फर्मों के दफ्तरों में केवल एक कुर्सी और एक मेज मिली।

सत्यापन के दौरान दवाओं का स्टॉक तक नहीं मिला।

दो फर्म—डीएसए और महाकाल मेडिकल—का कार्यालय एक ही जगह चलता मिला।

100 करोड़ की कफ सिरप खरीद का खुलासा

फर्जीवाड़े में मुख्य भूमिका भोला प्रसाद जायसवाल और उसके बेटे शुभम जायसवाल की बताई जा रही है।

आरोप है कि:

भोला प्रसाद के नाम पर झारखंड की बंद फैक्ट्री से
100 करोड़ रुपये की प्रतिबंधित कफ सिरप खरीद की गई थी।

शुभम जायसवाल का गिरोह इस सिरप की अवैध सप्लाई पूरे पूर्वी उत्तर प्रदेश में फैला रहा था।

हिमाचल, उत्तराखंड और झारखंड की कंपनियों ने खोला राज

जांच तब गहराई तक पहुंची जब FSDA ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और झारखंड की दवा निर्माण कंपनियों और ड्रग कंट्रोलर से जानकारी मांगी।

इन कंपनियों ने बताया कि:

काशी की 26 फर्मों ने कोडीन सिरप की
तीन लाख सीसी (3,00,000 CC) की डिमांड की थी।

यह मात्रा किसी भी सामान्य दवा कारोबार से कई गुना अधिक है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *