लखनऊ में बिना नंबर की स्कॉर्पियो को रोका तो पुलिसकर्मी को 10KM तक घसीटा ?
लखनऊ में बिना नंबर की स्कॉर्पियो को रोका तो पुलिसकर्मी को 10KM तक घसीटा, दुस्साहस देख पुलिस भी सन्न!
लखनऊ में एक स्कॉर्पियो चालक ने बिना नंबर प्लेट की गाड़ी से चेकिंग कर रहे यातायात पुलिसकर्मी को करीब 10 किलोमीटर तक घसीटते हुए फरार होने की कोशिश की. पुलिस की घेराबंदी के बाद आरोपी को पकड़ लिया गया. मामले में कई गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है.
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बेखौफ अपराधियों का नया कारनामा सामने आया है. शहीद पथ पर वाहन चेकिंग कर रहे एक यातायात पुलिस के जवान को बिना नंबर प्लेट वाली स्कॉर्पियो का चालक ही गाड़ी में बैठाकर 10 किलोमीटर तक दौड़ाता चला गया. पुलिसकर्मी की जान पर बन आई, लेकिन हौसला नहीं डगमगाया. आखिरकार पुलिस की सतर्क टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को धर दबोचा.
चालक ने पहले तो गाड़ी रोकी, लेकिन जैसे ही पुलिसकर्मी ड्राइविंग सीट के पास पहुंचे, अचानक स्कॉर्पियो जोरदार झटका देकर आगे बढ़ी. हैरानी की बात यह कि पुलिसकर्मी रंजीत का हाथ दरवाजे से चिपक गया और वे गाड़ी के साथ-साथ दौड़ने लगे. चालक ने रफ्तार और बढ़ा दी. लगभग 10 किलोमीटर तक स्कॉर्पियो यातायात पुलिसकर्मी को घसीटते हुए भागती रही.
रंजीत ने किसी तरह खुद को संभाला और एक हाथ से वॉकी-टॉकी पकड़ उच्चाधिकारियों को सूचना दी. सूचना मिलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. पुलिस ने तुरंत नाकाबंदी की. आखिरकार आरोपी चालक कृष्ण कुमार गोस्वामी पुत्र राम कुमार गोस्वामी को स्कॉर्पियो सहित धर लिया. गाड़ी की तलाशी में कोई वैध कागजात नहीं मिले. आरोपी उन्नाव थाना के तहत आने वाले भगवंतपुर गांव का रहने वाला है.
पुलिसकर्मी रंजीत कुमार यादव की तहरीर पर सरोजनी नगर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है. इसमें धारा 353 (सरकारी कार्य में बाधा), धारा 332 (सरकारी कर्मचारी को चोट पहुंचाने के इरादे से हमला), धारा 279 (लापरवाही से वाहन चलाना), धारा 427 (उपद्रव) और मोटर व्हीकल एक्ट की संबंधित धाराएं शामिल हैं.
पुलिस उपनिरीक्षक (यातायात) अजय अवस्थी ने बताया, यह बेहद गंभीर मामला है. आरोपी ने न सिर्फ नियम तोड़े बल्कि पुलिसकर्मी की जान जोखिम में डाली. सख्त कार्रवाई की जाएगी.यह घटना एक बार फिर राजधानी में यातायात पुलिस के साथ होने वाली अभद्रता और दबंगई को उजागर करती है. आए दिन विधायक-नेता के रुतबे का दम भरने वाले या शराब के नशे में धुत लोग पुलिसकर्मियों से बदतमीजी करते हैं, लेकिन इस बार दुस्साहस की हद हो गई.

