बोधि इंटरनेशनल स्कूल की प्रिंसिपल पर FIR !
शुक्रवार रात बोलने की स्थिति में आने पर छात्र ने पुलिस को बयान दिए। उसने बताया, “मुझे प्रिंसिपल डॉली चौहान मैम ने स्कूल में मोबाइल लाने की बात को लेकर अपने ऑफिस में बुलाया और चिल्लाया। उन्होंने स्कूल से निकाल देने की धमकी दी और कहा कि पुरस्कार भी वापस लेकर करियर खत्म कर देंगे। जीवन समाप्त कर देने की बात बोलकर गालियां दीं और डराया।”
‘गालियों और अपमान से डर गया था’
छात्र ने बताया कि प्रिंसिपल ने उसे अपशब्दों से अपमानित कर प्रताड़ित किया। उनकी इस प्रताड़ना से वह काफी डर गया और परेशान होकर उसने स्कूल की तीसरी मंजिल पर जाकर आत्महत्या करने के लिए ऊपर से छलांग लगा दी। गिरने से छात्र को दोनों पैर, दाहिने हाथ के कंधे, जबड़े व कमर में गंभीर चोटें आई हैं।

इन धाराओं में केस दर्ज
छात्र के बयान के आधार पर थाने के एएसआई विनोद कटारा की तरफ से प्रिंसिपल के खिलाफ बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 296 (b), 351 (2) और किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल संरक्षण) अधिनियम 2015 की धारा 75 के तहत केस दर्ज किया गया है।
52 बार बोला था ‘सॉरी’, फिर भी नहीं मानीं प्रिंसिपल
यह घटना शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे की है। कूदने से पहले स्कूल प्रिंसिपल व अन्य स्टाफ ने छात्र को स्कूल में मोबाइल लाने और क्लास रूम की रील बनाने पर फटकार लगाई थी। छात्र ने अपनी गलती मानते हुए प्रिंसिपल को 52 बार ‘सॉरी’ कहा और आगे गलती न करने की बात कही। लेकिन प्रिंसिपल नहीं मानीं। इसी डर से वह भागकर तीसरी मंजिल पर गया और कूद गया।

ABVP और आदिवासी संगठनों ने किया प्रदर्शन
शनिवार को इस मामले ने तूल पकड़ लिया। दोपहर में आदिवासी छात्र संगठन, समाजजनों व परिजनों ने स्कूल के बाहर तीन घंटे तक धरना दिया। उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर केस दर्ज नहीं हुआ तो सोमवार को स्कूल नहीं खुलने देंगे। देर रात अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) का प्रतिनिधिमंडल भी एएसपी राकेश खाखा से मिला और जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
इलाज के लिए अहमदाबाद ले गए परिजन
रतलाम में प्राथमिक उपचार के बाद छात्र की हालत को देखते हुए परिजन उसे शनिवार सुबह बेहतर इलाज के लिए अहमदाबाद लेकर गए हैं। एएसपी राकेश खाखा ने बताया कि प्रिंसिपल के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

प्रिंसिपल अस्थायी रूप से निलंबित
स्कूल प्रबंधन में प्रिंसिपल के निलंबन का एक लेटर जारी किया है। लेटर में लिखा है कक्षा आठवीं के छात्र के साथ हुए हादसे के संदर्भ में पुलिस प्रशासन की जांच के बाद प्रिंसिपल की इन्वॉल्वमेंट पाया गाय है। जांच पूरी होने तक प्रिंसिपल को अस्थायी रूप से निलंबित किया जाता है।
प्रबंधन ने 3 दिन में मांगा जवाब
स्कूल प्रबंधन में प्रिंसिपल के निलंबन आदेश की प्राप्ति से 3 दिन के भीतर जवाब मांगा है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।


