ग्वालियर में कृषि वाहनों का व्यावसायिक उपयोग ?

ग्वालियर जिले में कृषि कार्य के लिए पंजीकृत ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का बड़े पैमाने पर अवैध खनिज परिवहन और व्यावसायिक कार्यों में उपयोग किया जा रहा है। इन ट्रॉलियों की ऊंचाई निर्धारित माप से अधिक बढ़ा दी गई है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। इस गंभीर समस्या पर अंकुश लगाने के लिए कलेक्टर रुचिका चौहान ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने समस्त थाना प्रभारियों और क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 113, 114 और 194 के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों में वे सभी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां शामिल हैं, जो कृषि या व्यावसायिक कार्य के लिए पंजीकृत होने के बावजूद अवैध रूप से ओवर-हाइट और ओवरलोडेड होकर परिवहन कार्य में संलग्न हैं।

आदेश में बताया गया है कि ग्वालियर जिले की सीमा में ट्रक, डंपर और ट्रैक्टर-ट्रॉलियां जैसे कई वाहन खनिजों का अवैध परिवहन कर रहे हैं। ये वाहन निर्धारित भार क्षमता से अधिक रेत, गिट्टी और ईंटें ढोते हैं, और ट्रॉलियों में साइड पट्टे लगाकर उन्हें ओवर-हाइट कर दिया जाता है।
इस अत्यधिक ओवरलोडिंग से न केवल सड़कों को नुकसान पहुंचता है, बल्कि यह गंभीर सड़क दुर्घटनाओं का भी एक प्रमुख कारण बनती है, जिससे आम जनता के जीवन को खतरा होता है।
ग्वालियर पुलिस अधीक्षक को भी सभी थाना प्रभारियों को ऐसे वाहनों के खिलाफ नियमित जांच और कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, जो वाहन सड़क पर चलने वाले लोगों के लिए खतरा साबित हो रहे हैं।
उनके विरुद्ध मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 53 के तहत पंजीकरण निलंबन की कार्रवाई के लिए क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को प्रस्ताव भेजे जाएंगे। बिना पंजीकरण के संचालित ट्रैक्टर-ट्रॉली वाहनों को नियमानुसार जब्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी।
