दिल्ली

‘मेरी बढ़ी हुई सैलरी गरीबों में बांट दो…आप भी करेंगे सैल्यूट!

‘मेरी बढ़ी हुई सैलरी गरीबों में बांट दो’, इस नेता ने देश के सामने पेश की मिसाल, आप भी करेंगे सैल्यूट!

9 दिसंबर को ओडिशा सरकार ने वेतन-भत्तों में बढ़ोतरी का फैसला किया है. इससे जुड़ा विधेयक पास किया गया है. इस दौरान विधायकों की सैलरी में तीन गुना का इजाफा किया गया है.

डिशा के 24 साल लगातार मुख्यमंत्री रहे और वर्तमान में नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक अपने फैसलों और साफ-सुथरी राजनीति के लिए जाने जाते हैं. नवीन पटनायक ने विधानसभा में हाल ही में बढ़ी विधायकों की सैलरी को लेने से इनकार कर दिया है. उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को एक पत्र लिखा है. पटनायक ने पत्र में अनुरोध किया है कि वह अपनी बढ़ी हुई सैलरी का इस्तेमाल खुद नहीं करेंगे. उन्होंने बढ़ी हुई सैलरी का इस्तेमाल जनता के कल्याण के लिए करने को कहा है. 

क्या लिखा पत्र में?

बीजेडी यानी बीजू जनता दल के चीफ नवीन पटनायक ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि वह वेतन बढ़ोतरी का लाभ नहीं लेना चाहते. उन्होंने लिखा कि बतौर विधायक उनके वेतन और भत्तों में जो भी बढ़ोतरी हुई है, उसे राज्य के लोगों की भलाई के कामों में खर्च किया जाना चाहिए.

ओडिशा के नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक ने मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को लिखे पत्र में कहा, ‘मैं विपक्ष के नेता के लिए बढ़ाई गई सैलरी और भत्ते को छोड़ना चाहता हूं, जिसे ओडिशा विधानसभा ने हाल ही में पास किया है. मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि इसका इस्तेमाल हमारे राज्य के गरीब लोगों की भलाई के लिए किया जाए.’

 

बिल पास होते ही लिया फैसला

बीजेडी चीफ पटनायक ने फैसला बिल पास होने के तुरंत बाद लिया. उनके इस फैसले पर मिली जुली प्रतिक्रिया आ रही है. नवीन पटनायक ने कहा, पिछले 25 सालों से मुझे ओडिशा की जनता का अपार प्रेम मिला. मैं ओडिशा के लोगों का ऋणी हूं. उनका मेरे प्रति और स्वर्गीय पिता बीजू पटनायक पर खूब प्यार और भरोसा रहा. जैसा हमारे परिवार ने 2015 में तय किया था कि हमारा कटक स्थित पुश्तैनी मकान ओडिशा के लोगों के लिए समर्पित कर दिया था. 

राज्य में विधायकों की सैलरी तीन गुना बढ़ाई गई है
दरअसल, 9 दिसंबर को ओडिशा विधानसभा के वेतन और भत्तों में बढ़ोत्तरी से जुड़ा विधेयक पास किया गया था. इस नए बिल के मुताबिक, विधायकों की सैलरी में तीन गुना इजाफा हुआ था. पहले वेतन और भत्ता मिलाकर 1 लाख रुपए था, लेकिन अब यह बढ़कर 3.45 लाख रुपए प्रतिमाह हो गया है.

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