आंकड़ों में खेल:3 रिपोर्ट, सबमें दुष्कर्म का अलग डेटा!!!
दुष्कर्म के मामलों में मप्र देश में तीसरे स्थान पर आता है। फिर भी इस जघन्य अपराध के प्रति सरकारी एजेंसियों का रुख गंभीर नहीं दिखता। विभिन्न सरकारी रिपोर्ट में एक ही अवधि में इस अपराध के आंकड़े अलग दिखाए जा रहे हैं। ऐेसे में इन पर नियंत्रण के प्रयास कितने कारगर होंगे, ये समझा जा सकता है।
हर रिपोर्ट में अलग आंकड़े
अवधि 1 जनवरी से 31 दिसंबर 2023
- नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) रिपोर्ट… बालिग महिलाओं से दुष्कर्म के 2979 और नाबालिग लड़कियों के साथ दुष्कर्म के 3849 प्रकरण बताए गए हैं। यानी, दोनों को मिलाकर संख्या 6828 है।
- सरकार का वार्षिक प्रतिवेदन…इसमें इसी अवधि में महिलाओं के साथ दुष्कर्म के कुल 5082 प्रकरण बताए गए हैं। यानी, दोनों रिकाॅर्ड में 1746 का अंतर है, जो बड़ा गैप है।
- विधानसभा में जानकारी…विधानसभा में पूछे गए प्रश्न के जवाब में सरकार ने वर्ष 2023 में दुष्कर्म के 8120 मामले बताए। वहीं विधानसभा में ही एक अन्य प्रश्न के जवाब में ये संख्या 7202 बताई गई है।

… और गृह विभाग का ये जवाब
ये कहना सही नहीं है कि जानकारी अलग-अलग है। वार्षिक प्रतिवेदन में हर माह में दर्ज अपराधों की एकजाई जानकारी दी जाती है। विधानसभा सवालों के लिए जिलों से उस समय की स्थिति में जानकारी भेजी जाती है। अपहरण केस में बरामदगी के बाद दुष्कर्म की पुष्टि होती है तो इसकी धारा बढ़ाई जाती है। वहीं जांच में दुष्कर्म की पुष्टि न होने पर धारा हटा देते हैं।
अध्ययन कर बता पाएंगे…
अलग-अलग रिपोर्ट में दरअसल उस वक्त की स्थिति की जानकारी दी जाती है। इस बारे में बाकी अध्ययन कर बताया जा सकेगा। – जयदीप प्रसाद, एडीजी, स्टेट क्राइम रिकार्ड ब्यूरो

