गिरफ्तार आरोपी की पहचान 55 वर्षीय अतुल जालान के रूप में हुई है, जो त्रि नगर का निवासी और व्यवसायी है। आरोप है कि वह मुंबई समेत अन्य जगहों से बिचौलियों के जरिए नामी कंपनियों के एक्सपायर्ड या एक्सपायरी के करीब पहुंचे उत्पाद बेहद कम दामों पर खरीदता था। पुलिस के अनुसार आरोपी उत्पादों की एक्सपायरी डेट, मैन्युफैक्चरिंग डिटेल्स, एमआरपी और बैच नंबर में छेड़छाड़ करता था और फिर इन्हें ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और भौतिक दुकानों के जरिए रियायती दरों पर बेचता था। आकर्षक ऑफर देकर ग्राहकों को लुभाया जाता था।
यह कार्रवाई भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के केंद्रीय लाइसेंसिंग प्राधिकरण की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के बाद की गई। इसके आधार पर क्राइम ब्रांच थाने में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई। जांच के दौरान आरोपी से जुड़े त्रि नगर, भीकाजी कामा प्लेस और मोती नगर स्थित कई परिसरों की तलाशी ली गई और उन्हें सील किया गया।
पुलिस ने एफएसएसएआई अधिकारियों की मदद से परिसरों की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई और खाद्य नमूने जब्त किए। प्रयोगशाला जांच में सामने आया कि जब्त किए गए कई खाद्य उत्पाद पैकेजिंग और लेबलिंग नियमों का उल्लंघन करते हुए गलत तरीके से लेबल किए गए थे, जबकि कुछ उत्पाद गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे, खासकर वसा की निर्धारित मात्रा को लेकर, एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया।
सत्यापन के दौरान द हर्शे कंपनी ने पुष्टि की कि जब्त किए गए उत्पाद असली थे, लेकिन उनके लेबल में छेड़छाड़ कर एक्सपायर्ड उत्पादों को उपभोग योग्य दिखाया गया था। जांचकर्ताओं को यह भी पता चला कि चॉकलेट उत्पादों की खरीद से संबंधित जो इनवॉयस आरोपी ने पेश किया था, वह फर्जी था। संबंधित कंपनी ने ऐसा कोई बिल जारी करने से इनकार किया है।
आगे की जांच में खुलासा हुआ कि एक्सपायर्ड उत्पादों को कथित तौर पर अधिकृत सप्लाई चेन से बिचौलियों और वेस्ट मैनेजमेंट संस्थाओं के जरिए डायवर्ट किया गया था। पुलिस ने एक नामी चॉकलेट कंपनी के करीब 6 लाख रुपये मूल्य के उत्पाद और अन्य ब्रांडेड खाद्य वस्तुएं, जिनकी कीमत लगभग 50 लाख रुपये आंकी गई है, बरामद की हैं। पुलिस के अनुसार इस रैकेट में शामिल अन्य सहयोगियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए आगे की जांच जारी है।