भोपाल से 15 किमी दूर…….सरकार नहीं जागी तो…जंगल की आखिरी सांस…खनन के लिए दे दी 6000+ पेड़ काटने की अनुमति !!!
भोपाल में अयोध्या बायपास पर बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई के बाद अब बैरसिया विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत ईटखेड़ी के ग्राम में भी पेड़ों को उजाड़ने की तैयारी शुरू हो गई है। भोपाल से करीब 15 किमी दूर स्थित लगभग 17 एकड़ सरकारी भूमि पर खनन की अनुमति दे दी गई है, जबकि यहां 6 हजार से अधिक पेड़ हैं।
प्रशासनिक रिपोर्ट में दर्ज है कि सागौन, नीम और शीशम के पेड़ लगे हैं। इसके बावजूद इन तथ्यों को नजरअंदाज कर अनुमति जारी कर दी गई। खास यह है कि इस भूमि पर खनन की अनुमति पहले कई बार निरस्त की जा चुकी थी।
यह भूमि पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है, जहां सागौन के वृक्षों से घना जंगल और पुराना गोहा रास्ता मौजूद है। यहां मुरम और कोपरा के उत्खनन की अनुमति दी गई है। इसके एवज में लीजधारकों को 50 रुपए प्रति घन मीटर की दर से रॉयल्टी तथा नियम 30(1)(ख) के तहत पहले वर्ष को छोड़कर प्रति हेक्टेयर 1 लाख रुपए प्रतिवर्ष अनिवार्य भाटक राशि जमा करनी होगी।
स्थानीय रहवासी भी कर चुके हैं विरोध….
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि ग्राम मस्तीपुरा का यह क्षेत्र पर्यावरण और जैव विविधता के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील है, इसलिए यहां खनन की अनुमति देना अनुचित है। इसी को लेकर बैरसिया विधानसभा क्षेत्र के सरपंच और जनपद सदस्य ने संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर खनन अनुमति निरस्त करने का अनुरोध किया है।
विधायक विष्णु खत्री और जिला पंचायत उपाध्यक्ष मोहन जाट ने भी कलेक्टर को पत्र लिखकर अनुमति रद्द करने और मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग की है। ईटखेड़ी के सरपंच हरि सिंह सैनी ने तहसीलदार को खसरा क्रमांक 2 के सीमांकन को निरस्त करने की मांग करते हुए पुनर्विचार का आग्रह किया।
इसके अलावा, जनपद सदस्य ज्योति महेश मीणा और ग्राम बीनापुर की सरपंच ममता भूपत सिंह मीणा ने भी पत्राचार कर खनन अनुमति को अनुचित बताया और इसे तुरंत रद्द करने की मांग की। सभी ने क्षेत्र के पर्यावरण और ग्रामीणों के हितों की सुरक्षा पर जोर दिया।
2 अनुमति, दोनों 10-10 साल की लीज पर
2019 से चली फाइल पर अंततः 2025 में प्रमुख सचिव के निर्देश पर खनिज विभाग द्वारा स्वीकृति दी गई। 17 एकड़ भूमि अमर सिंह और साक्षी सिंह को लीज पर दी गई। यह पट्टा 1 अगस्त 2025 से होकर 31 जुलाई 2035 तक मान्य रहेगा।
वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास नष्ट होगा
जिला पंचायत उपाध्यक्ष मोहन जाट के अनुसार, यहां की हरियाली 10 गांवों के लिए जीवनदायिनी है। यहां मोर, नीलगाय और हिरण रहते हैं। खनन शुरू होने पर पेड़ कटेंगे और वन्यजीवों का आवास नष्ट होगा, जिससे पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ेगा।
अफसर बोले- दोबारा टीम को भेजकर जांच कराएंगे
ग्राम मस्तीपुरा की खसरा क्रमांक 02 की सरकारी जमीन पर अमर सिंह और साक्षी सिंह को 3-3 हेक्टेयर पर मुरम खनन पट्टा स्वीकृत हुआ। अनुमति से पहले वन, राजस्व, ग्राम सभा और पर्यावरण विभाग से अनापत्ति प्राप्त की गई है। सीटीओ में शर्त है कि पेड़ काटने पर सक्षम विभाग से अनुमति लें। वर्तमान में कोई भी पेड़ काे काटा नहीं गया है।- एसएस बघेल, खनिज अधिकारी, खनिज विभाग एमपी
आपत्तियों की जांच कराएंगे यदि रहवासियों को इस खदान को लेकर आपत्तियां हैं तो टीम को मौके पर भेजकर दोबारा रिपोर्ट मांगी जाएगी। – कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर भोपाल

