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ईओडब्ल्यू की कार्रवाई…..मंडला सहकारी बैंक में बड़ा फर्जीवाड़ा !!!

ईओडब्ल्यू की कार्रवाई:मंडला सहकारी बैंक में बड़ा फर्जीवाड़ा; अस्वीकृत से ‘अ’ हटाकर 65 लाख रुपए का लोन स्वीकृत

मंडला जिला सहकारी केंद्रीय बैंक और अल्प बचत साख सहकारी समिति में ऋण स्वीकृति को लेकर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। ईओडब्ल्यू की जबलपुर इकाई ने बैंक और समिति के 4 पदाधिकारियों के खिलाफ 65 लाख रुपए की वित्तीय अनियमितता का प्रकरण दर्ज किया है।

यह फर्जीवाड़ा वर्ष 2011 से 2023 के बीच हुआ। जांच में सामने आया कि 8 नवंबर 2011 की बैठक में पहले से 38 लाख रुपए का ऋण ओवरड्यू होने के कारण प्रकरण अस्वीकृत किया गया। लेकिन बाद में अफसरों ने दस्तावेजों में ‘अ’ हटाकर अस्वीकृत को स्वीकृत कर दिया। साथ ही 65 लाख रु. की अल्प अकृषि ऋण सीमा स्वीकृत दर्शा दी। यह राशि छोटे गैर-कृषि कार्यों के लिए दी गई थी।

पद का दुरुपयोग कर की कूटरचना

तत्कालीन महाप्रबंधक नरेंद्र कोरी, स्थापना प्रभारी एनएल यादव और तत्कालीन लेखापाल एवं पंजी फील्ड कक्ष प्रभारी अतुल दुबे पर पद का दुरुपयोग कर कूटरचना करने का आरोप है।

3 दिन में जारी कर दिया ऋण आदेश

जांच में यह भी सामने आया कि तत्कालीन महाप्रबंधक नरेंद्र कोरी ने जानबूझकर महत्वपूर्ण तथ्य छिपाए। बैठक के महज तीन दिन बाद, 12 नवंबर 2011 को कृषि शाखा मंडला को आदेश जारी कर 65 लाख रुपए का ऋण समिति को स्वीकृत कर दिया गया। यह राशि बाद में समिति के सदस्यों में वितरित भी कर दी गई।

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