महाराष्ट्र

BMC Election के लिए पुलिस ने किए ये खास इंतजाम…3 हजार अधिकारी, 25000 जवान !!!

3 हजार अधिकारी, 25000 जवान और चप्पे-चप्पे पर नजर… BMC Election के लिए पुलिस ने किए ये खास इंतजाम

बीएमसी चुनाव के लिए प्रचार थम गया है. अब 15 जनवरी को मतदान होगा. इसके लिए मुंबई पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. 25,000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की चप्पे-चप्पे पर नजर रहेगी. संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के खास इंतजाम हैं. इसके साथ ही पुलिस ने लोगों से एक अपील भी की है.

3 हजार अधिकारी, 25000 जवान और चप्पे-चप्पे पर नजर... BMC Election के लिए पुलिस ने किए ये खास इंतजाम

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव-2026.

BMC Election: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव के लिए आज प्रचार थम गया है. अब 15 जनवरी को मुंबई के सभी 227 वार्डों में वोटिंग और 16 जनवरी को काउंटिंग होगी. मतदान को लेकर मुंबई पुलिस ने शहरभर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. चुनाव प्रक्रिया के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुंबई पुलिस को पूरी तरह सतर्क कर दिया गया है. पुलिस आयुक्त के निर्देश पर और जॉइंट पुलिस कमिश्नर (कानून एवं व्यवस्था) की निगरानी में सुरक्षा योजना लागू की गई है.

पुलिस की लोगों से अपील

  • मुंबई पुलिस ने लोगों से अपील की है कि चुनाव के दौरान किसी भी आपात स्थिति, संदिग्ध गतिविधि या कानून-व्यवस्था से जुड़े मामले में तुरंत 100 या 112 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें.
  • पुलिस प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और सुरक्षित चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं. पूरे शहर पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है.

राज ठाकरे के बयान पर फडणवीस का पलटवार

उधर, चुनाव प्रचार के दौरान तीखी बयानबाजी देखने को मिली. सोमवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा था, बीएमसी का चुनाव इन दोनों भाइयों के अस्तित्व की लड़ाई है, ना कि मराठी मानुष की. मुंबई महाराष्ट्र का अभिन्न अंग है. कोई भी इसे अलग करने की हिम्मत नहीं कर सकता.

फडणवीस ने ये पलटवार राज ठाकरे के उस बयान पर दिया था जिसमें मनसे प्रमुख ने कहा था कि ये बीएमसी चुनाव मराठी लोगों के लिए आखिरी चुनाव होगा. इस पर फडणवीस ने कहा कि दांव पर आपका अपना अस्तित्व लगा है. उन्होंने ये भी कहा कि महाराष्ट्र में मराठी ही अनिवार्य भाषा है. त्रि-भाषा पॉलिसी के तहत कोई भी अपनी पसंद की भाषा सीख सकता है लेकिन महाराष्ट्र में मराठी अनिवार्य भाषा है.

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