44 दिन पहले धमकी, फिर गुरुद्वारे के बाहर गोलियों से अंत !
44 दिन पहले धमकी, फिर गुरुद्वारे के बाहर गोलियों से अंत…
जालंधर के लकी ओबेरॉय हत्याकांड की इनसाइड स्टोरी, क्या अमेरिका से ऑपरेट हुआ मर्डर?
जालंधर के लकी ओबेरॉय हत्याकांड में पुलिस ने उसके पूर्व दोस्त जोगा फोलड़ीवाल और दलबीरा समेत 4 अज्ञात पर केस दर्ज किया है. कॉलेज की प्रधानगी और राजनीतिक बढ़त को लेकर हुई रंजिश के कारण 44 दिन पहले दी गई धमकी के बाद लकी की हत्या की गई. पुलिस एक गायब नौकर की भूमिका की भी जांच कर रही है, जिसे लकी ने नशे की लत के कारण पीटा था.
पंजाब के जालंधर स्थित मॉडल टाउन गुरुद्वारा साहिब के बाहर हुए सतविंदर पाल सिंह ओबेरॉय उर्फ लकी ओबेरॉय हत्याकांड में पुलिस के हाथ बड़ी लीड लगी है. थाना 6 मॉडल टाउन में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, पुलिस ने जोगराज सिंह उर्फ जोगा, दलबीरा और दो अज्ञात हमलावरों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है.
अनबन के बाद जोगा ने अपनी गैंग बदल ली और खतरनाक अपराधी सोनू खत्री से हाथ मिला लिया. बताया जा रहा है कि जोगा अवैध तरीके से अमेरिका चला गया था. ऐसा माना जा रहा है कि वहीं से ये पूरी प्लानिंग की गई. लकी की बढ़ती राजनीतिक ताकत भी उसकी मौत का कारण बनी. 2022 में आम आदमी पार्टी (AAP) जॉइन करने के बाद लकी जालंधर कैंट में काफी सक्रिय हो गए थे और युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता बढ़ रही थी, जो विरोधियों को रास नहीं आ रही थी.
गायब नौकर और ‘चिट्टे’ का कनेक्शन
इस हत्याकांड में पुलिस के शक की सुई लकी के एक पुराने नौकर पर भी टिकी है. वारदात के बाद से ही नौकर गायब है और उसका फोन बंद आ रहा है. पुलिस को सीसीटीवी कैमरों में उसकी संदिग्ध गतिविधि दिखी है. जांच में पता चला है कि लकी ने कुछ समय पहले नौकर को पैसे लेने भेजा था, लेकिन उसने उन पैसों से ‘चिट्टा’ (नशा) खरीद लिया था. इस बात पर लकी ने उसे पीटा और कड़ी चेतावनी दी थी कि आगे से अगर कुछ भी उसने ऐसा किया तो वो उसे नौकरी से निकाल देगा. पुलिस अब इस एंगल से जांच कर रही है कि क्या उस नौकर ने ही हमलावरों को लकी की लोकेशन और पल-पल की जानकारी दी.
डीजीपी का दावा: जल्द होगी गिरफ्तारी
जालंधर पहुंचे पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि पुलिस को इस मामले को ट्रेस करने में बड़ी सफलता मिली है. आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है और जल्द ही वे पुलिस की गिरफ्त में होंगे.

