मध्य प्रदेश

अरेरा कॉलोनी की शराब दुकान को लेकर आयोग का नोटिस !

रेरा कॉलोनी की शराब दुकान को लेकर आयोग का नोटिस:20 मार्च तक ठोस कार्रवाई का मौका; निरीक्षण कर चुके हैं सदस्य

भोपाल के अरेरा कॉलोनी स्थित शराब दुकान को लेकर मानव अधिकार आयोग ने फिर कार्रवाई की है। आयोग ने कलेक्टर को इस मामले में 20 मार्च तक ठोस कार्रवाई करने का मौका दिया है। इसके बाद संबंधितों पर कार्रवाई होगी। चार दिन पहले ही आयोग सदस्य प्रियंक कानूनगो शराब दुकान का निरीक्षण भी कर चुके हैं।

इस मामले में रहवासियों ने आयोग से शिकायत की थी। उनका कहना है कि 100 मीटर के दायरे में ही शराब दुकान और मंदिर है। पिछले 1 साल से वे इसका विरोध जता रहे हैं। रविवार को सदस्य कानूनगो मंदिर के पास शराब दुकान देखकर आश्चर्यचकित हो गए थे। उन्होंने कहा था कि अधिकारी भगवान से ही उनके होने का प्रमाण मांग रहे हैं, ये जवाब हास्यास्पद है।

इसके बाद गुरुवार को आयोग ने प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई है। आयोग ने सख्त रूख अपनाते हुए भोपाल कलेक्टर को चार सप्ताह के भीतर ठोस कार्रवाई कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने यह भी चेतावनी दी है कि निर्धारित समय सीमा में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 13 के अंतर्गत आयोग भोपाल कलेक्टर पर सख्त कार्रवाई करेगा।

बता दें कि रहवासियों की शिकायत को संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन को नोटिस जारी कर जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने जांच समिति गठित कर जांच करवाई, लेकिन शराब की दुकान नहीं हट सकी है। इसके चलते आयोग ने पुनः जांच शुरू कर दी है।

मंदिर के पास में ही है शराब दुकान।
मंदिर के पास में ही है शराब दुकान।

मंदिर से 50 मीटर से भी कम दूरी पर है दुकान

रहवासी विवेक त्रिपाठी ने बताया कि अरेरा कॉलोनी जैसे आवासीय क्षेत्र में आर्य समाज मंदिर से लगभग 50 मीटर से भी कम दूरी पर और अनुश्री चिल्ड्रन हॉस्पिटल के समीप शराब दुकान का संचालन आबकारी नीति का खुला उल्लंघन है। अरेरा कॉलोनी के लोग लगातार इस दुकान से उत्पन्न सार्वजनिक स्थानों पर नशाखोरी, महिलाओं की असुरक्षा और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों में वृद्धि की शिकायतें कर रहे हैं।

चार दिन पहले 8 फरवरी को आयोग सदस्य प्रियंक कानूनगो ने अरेरा कॉलोनी पहुंचकर वस्तुस्थिति के बारे में जाना था।
चार दिन पहले 8 फरवरी को आयोग सदस्य प्रियंक कानूनगो ने अरेरा कॉलोनी पहुंचकर वस्तुस्थिति के बारे में जाना था।

रहवासी लवनीश भाटी ने कहा कि यह केवल एक शराब दुकान का मुद्दा नहीं है, बल्कि अरेरा कॉलोनी रहवासियों के मानवाधिकार, महिलाओं की सुरक्षा, धार्मिक आस्था और कानून के शासन का प्रश्न है। उन्होंने मांग की है कि अवैध आवंटन और संरक्षण देने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। वहीं, यहां से दुकान अन्य जगह पर शिफ्त् हो।

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