दिल्ली में अब किस परिवार का बनेगा राशन कार्ड?
दिल्ली में अब किस परिवार का बनेगा राशन कार्ड? ये शर्तें नहीं मानीं तो नहीं होगा फायदा
Ration Card Rules: दिल्ली में राशन कार्ड अब परिवार की सबसे बुजुर्ग महिला के नाम पर बनेगा. इनकम लिमिट अब हो गई है पहले से ज्यादा. लेकिन फिर भी इन परिवारों को लाभ नहीं मिलेगा.
देश में रहने और सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने के लिए कई जरूरी दस्तावेज होना अहम है. आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड जैसे कागजों के साथ राशन कार्ड भी एक बेहद डॉक्यूमेंट है. यह सिर्फ कम रेट पर अनाज लेने का लिए नहीं. बल्कि पहचान और पते का प्रमाण भी माना जाता है.

दिल्ली सरकार ने राशन कार्ड से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है. जिससे व्यवस्था ज्यादा पारदर्शी हो और जरूरतमंदों तक लोगों तक पहुंचे. नई व्यवस्था के तहत अब परिवार की सबसे बुजुर्ग महिला सदस्य को ही परिवार का मुखिया माना जाएगा और उसी के नाम पर राशन कार्ड जारी होगा.

सरकार का फोकस महिलाओं को आगे लाने पर है. अगर परिवार में केवल एक महिला है और उसकी उम्र 18 साल से कम है. तो ऐसे मामले में सबसे बुजुर्ग पुरुष सदस्य को मुखिया घोषित किया जाएगा. अगर घोषित महिला मुखिया का निधन हो जाता है.

तो परिवार की दूसरी सबसे बुजुर्ग महिला सदस्य नए मुखिया के तौर पर आवेदन कर सकती है. यानी कार्ड अपने आप निरस्त नहीं होगा. इससे परिवार को दोबारा पूरी प्रोसेस से गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी और लाभ लगातार मिलता रहेगा.

राशन कार्ड का कोटा अब जिले के आधार पर तय किया जाएगा. यह उस क्षेत्र के कुल मतदाताओं की संख्या के रेशियो में होगा. आगे चलकर जब नई जनगणना के आंकड़े लागू होंगे. तो यही आधार बन जाएगा. इससे डेटा आधारित और बैलेंस्ड डिस्ट्रीब्यूशन देने की कोशिश की जा रही है.

दिल्ली में अब राशन कार्ड के लिए और भी लोग पात्र हो पाएंगे. सरकार ने आय सीमा भी बढ़ा दी है. अब सालाना 1.2 लाख रुपये तक कमाने वाले परिवार पात्र माने जाएंगे. जबकि पहले यह लिमिट 1 लाख रुपये थी. इस बदलाव से लो इनकम ग्रुप के ज्यादा परिवार योजना का लाभ ले सकेंगे.
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कुछ परिवारों को इस योजना से बाहर रखा गया है. अगर किसी के पास अच्छी कॉलोनी में मकान या जमीन है. परिवार का सदस्य इनकम टैक्स भरता है. चार पहिया वाहन रखता है, सरकारी नौकरी में है या घर में 2 किलोवाट से अधिक का बिजली कनेक्शन है. तो उन्हें राशन कार्ड नहीं मिलेगा.

