दिल्ली यूनिवर्सिटी में UGC पर हुए विवाद पर कुलपति की आई पहली प्रतिक्रिया !
दिल्ली यूनिवर्सिटी में UGC पर हुए विवाद पर कुलपति की आई पहली प्रतिक्रिया, जानें क्या बोले?
DU में छात्रों के टकराव पर कुलपति योगेश सिंह ने घटना की निंदा की है. उन्होंने कहा कि इंसानियत खत्म हुई तो साहित्य और किताबों का कोई अर्थ नहीं रहेगा.
दिल्ली यूनिवर्सिटी के नॉर्थ कैंपस में हुए टकराव पर DU के कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है. कुलपति ने लिटरेचर फेस्टिवल के दौरान इस पूरे हादसे पर दुख जताया है. उन्होंने हजारों छात्रों और शिक्षकों की मौजूदगी में बयान देते हुए घटना की निंदा की.
कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह ने कहा कि कल जो घटना हुई वह बेहद चिंताजनक है और ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए. हम अनेकता में एकता की बात करते हैं, मिलजुल कर रहने की बात करते हैं, लेकिन यदि इंसान को इंसान समझना ही बंद कर दें तो साहित्यिक महोत्सव मनाने और किताबें पढ़ने का कोई अर्थ नहीं रह जाता.
उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी घटनाएं भी चेतावनी होती हैं और हमें उन्हें गंभीरता से लेना चाहिए. अगर हम किसी बच्ची की आंखों की बेबसी नहीं समझ पाए तो फिर हमारी शिक्षा और समझ का क्या अर्थ रह जाएगा. इस घटना पर चिंता और दुख व्यक्त करना जरूरी है.
एकता कमजोर पड़ने वाले कोई काम न करें- VC
कुलपति ने उपस्थित छात्रों और शिक्षकों से हाथ उठाकर संकल्प लेने को कहा कि सामाजिक सरोकार कभी कम नहीं होने दिए जाएंगे. उन्होंने कहा कि यह देश हमारा है और इसकी चिंता हमें ही करनी है, कोई और हमारी जिम्मेदारी उठाने नहीं आएगा. उन्होंने स्पष्ट कहा कि हम ऐसा कोई काम नहीं करेंगे जिससे समाज की संवेदनशीलता और एकता कमजोर पड़े. अगर समाज में इंसानियत कम होगी तो शिक्षा और साहित्य का उद्देश्य भी अधूरा रह जाएगा, इसलिए सजग रहना जरूरी है.
दिल्ली विश्वविद्यालय में क्या हुआ था?
दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस में यूजीसी के समानता से जुड़े नियम लागू करने की मांग को लेकर छात्रों के दो गुट आमने-सामने आ गए. दिन में बड़ी संख्या में छात्र एकत्र हुए, शुरुआत शांतिपूर्ण रही लेकिन भीड़ बढ़ने पर नारेबाजी और बहस के बाद धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई और मामला मौरिस नगर पुलिस स्टेशन तक पहुंच गया.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों पक्षों में तीखी कहासुनी हुई और आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए. इसी दौरान एक यूट्यूब चैनल से जुड़ी महिला पत्रकार कवरेज के लिए पहुंचीं, जिनके साथ कथित बदसलूकी और हमला हुआ. घटना के बाद पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे और निष्पक्ष जांच की मांग की गई.

