बेंगलुरु में बैंक लॉकर का रखवाला ही निकला सेंधमार…ग्राहकों का 3.5 करोड़ का सोना ऑनलाइन सट्टे में झोंका !
बेंगलुरु में बैंक लॉकर का रखवाला ही निकला सेंधमार, ग्राहकों का 3.5 करोड़ का सोना ऑनलाइन सट्टे में झोंका
बेंगलुरु में एक बैंक के डिप्टी मैनेजर को ग्राहकों के 2,780 ग्राम सोने के आभूषण चुराने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इन आभूषणों की कीमत 3.5 करोड़ रुपये से अधिक है। मैनेजर ने बिना अनुमति सोना गिरवी रखकर मिली रकम को ऑनलाइन सट्टेबाजी में खर्च कर दिया। पुलिस ने 700 ग्राम सोना बरामद कर लिया है और ग्राहकों से अपने लॉकर जांचने की अपील की है।
- बेंगलुरु बैंक मैनेजर ने ग्राहकों का 3.5 करोड़ का सोना चुराया।
- चुराया गया सोना ऑनलाइन सट्टेबाजी में इस्तेमाल किया गया।
- पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर 700 ग्राम सोना बरामद किया।
नई दिल्ली। अगर आपको लगता है कि बैंक लॉकर में रखे आपके आभूषण पूरी तरह सुरक्षित हैं, तो यह खबर आपके लिए है। जिस तिजोरी को लोग सबसे भरोसेमंद मानते हैं, उसी की चाबी संभालने वाला अधिकारी अगर भरोसा तोड़ दे, तो सुरक्षा की पूरी धारणा पर सवाल खड़े हो जाते हैं।
बेंगलुरु से सामने आया मामला भरोसे की जड़ों को हिला देने वाला है। यहां एक बैंक के डिप्टी मैनेजर को 2,780 ग्राम ग्राहकों के सोने के आभूषण चोरी करने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आभूषणों की कीमत 3.5 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। मैनेजर ने बिना अनुमति लॉकर से आभूषण निकालकर एक फाइनेंस कंपनी में गिरवी रख दिए हैं।
गिरवी सोने की रकम ऑनलाइन दांव पर लगा दी
जांच में जो तथ्य सामने आए, उन्होंने सबको चौंका दिया। पुलिस के मुताबिक आरोपित अधिकारी ने उच्चाधिकारियों को जानकारी दिए बिना सोना गिरवी रखकर जो रकम हासिल की, उसे ऑनलाइन सट्टेबाजी में खर्च कर दिया। यानी तिजोरी की सुरक्षा पर टिका भरोसा, मोबाइल की स्क्रीन पर लगने वाले डिजिटल दांव में बदल गया।
दक्षिण बेंगलुरु के पुलिस उपायुक्त लोकेश बी जगलासर ने बताया कि आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है और अब तक करीब 700 ग्राम सोना बरामद किया जा चुका है। शेष सोने की बरामदगी के प्रयास जारी हैं। पुलिस का यह भी कहना है कि जिन फाइनेंस कंपनियों के पास सोना गिरवी रखा गया, उनसे अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है और उनके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लोगों से आभूषणों की स्थिति जांच करने की अपील
पुलिस ने ग्राहकों से अपील की है कि वे अपने लाकर में रखे आभूषणों की स्थिति की जांच करें। यह मामला सिर्फ आर्थिक अपराध का नहीं है, बल्कि उस भरोसे पर सीधी चोट है, जिसके सहारे लोग अपनी सबसे कीमती धरोहर तिजोरी में सुरक्षित समझकर रखते हैं। रविवार की सुबह यह सवाल हर परिवार के सामने खड़ा है कि अगर तिजोरी का रखवाला ही सेंधमार बन जाए, तो आखिर भरोसा किसपर रखा जाए?

