जनगणना में नागरिकों से पूछे जाएंगे ये 33 सवाल, 10 लाख घरों की होगी मैपिंग !
जनगणना में नागरिकों से पूछे जाएंगे ये 33 सवाल, 10 लाख घरों की होगी मैपिंग

Census: 01 मई से शुरू हो रही जनगणना के लिए जिला प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है। इस बार नागरिक डिजिटल तरीके से अपनी जानकारी सरकार तक पहुंचा सकेंगे। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जानकारी देने नागरिकों को इंडियन सेंसस डाटा कलेक्शन पोर्टल पर लॉग-इन करना होगा।
यहां नागरिकों से 33 तरह के प्रश्नों का जवाब मांगा जाएगा। यही जवाब मांगने ‘डोर टू डोर’ सर्वे भी होगा। जनगणना के लिए 8000 कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने का काम शुरू कर दिया गया है। अभियान के तहत 10 लाख घरों की मैपिंग करने का टारगेट तय किया गया है। घरों की जियो टैगिंग से मैपिंग करने के बाद कर्मियों को रवाना किया जाएगा। 16 फरवरी से ट्रेनिंग शुरू होगी।
जनगणना में नागरिकों से संख्या (नपा, प्राधिकरण या जनगणना संख्या), फर्श की सामग्री, घर की दीवार की प्रमुख सामग्री, छत, घर का उपयोग, स्थिति, परिवार संख्या, घर में व्यक्तियों की संख्या, मुखिया का नाम व लिंग, परिवार का मुखिया एससी/एसटी/अन्य से संबंधित है, स्वामित्व की स्थिति, परिवार के स्वामित्व वाले आवासीय कमरों की संख्या, घर में विवाहित जोड़े, पीने के पानी का मुख्य स्रोत, पेयजल के स्रोत की उपलब्धता, प्रकाश का मुख्य स्रोत, शौचालय है या नहीं, शौचालय का प्रकार, अपशिष्ट जल निकास, स्नान सुविधा, रसोई व एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन, खाना बनाने में मुख्य ईंधन, रेडियो, टीवी, इंटरनेट तक पहुंच, लैपटॉप/कंम्प्यूटर, मोबाइल/ स्मार्टफोन/टेलीफोन साइकिल/स्कूटर/बाइक/मोपेड, कार/जीप/वैन, मुख्य रूप से खाया जाने वाला अनाज और मोबाइल नंबर आदि के बारे में पूछा जाएगा।
बीते दिनों भोपाल में जनगणना – 2027 के प्रथम चरण के लिए आयोजित राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में ऐतिहासिक जनगणना होने जा रही है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि इसके क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश, देश के लिए आदर्श मॉडल बनकर उभरेगा और भारत सरकार की अपेक्षाओं एवं उद्देश्यों की सफल पूर्ति करेगा।

