जंगल काटकर पट्टे मांगे, भोपाल वन मंडल में 308 फर्जी आवेदन

राजधानी भोपाल में वन अपराधों का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। जनवरी से नवंबर 2025 तक पूरे प्रदेश में दर्ज वन अपराधों में भोपाल फारेस्ट सर्किल 4424 मामलों के साथ पहले नंबर पर रहा। इनमें 2638 अवैध कटाई के प्रकरण शामिल हैं।
भोपाल फारेस्ट सर्किल के अंतर्गत भोपाल वन मंडल में ही 186 प्रकरण दर्ज हुए, जिनमें 148 अवैध कटाई के थे। पिछले तीन सालों में अपराधियों ने न केवल जंगल काटा बल्कि वन भूमि को अपनी बताते हुए 308 पट्टा आवेदन भी जमा कर दिए।
जांच में ये सभी दावे फर्जी पाए गए। इसके बाद भोपाल वन मंडल ने 70 प्रकरण दर्ज कर वन अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। जमीन खाली करने के नोटिस भी जारी किए गए हैं। प्रदेश में सिर्फ 11 माह में 1904.50 हेक्टयर जमीन पर अतिक्रमण किया गया है।
1390 हेक्टेयर जमीन मुक्त भी कराई : भोपाल वन मंडल के अधिकारियों का कहना है कि बैरसिया रेंज में 5265.661 हेक्टयर क्षेत्र में अतिक्रमण चिह्नित किया गया था, जिसमें से 1390.499 हेक्टयर जमीन को मुक्त कराया जा चुका है। वहीं समरधा रेंज में 572.009 हेक्टयर क्षेत्र में अतिक्रमण पाया गया। वन विभाग के अनुसार बढ़ती जनसंख्या, खेती के विस्तार और लकड़ी गिरोहों की सक्रियता के कारण ये अवैध कब्जे तेजी से बढ़े हैं।
प्रदेश में सबसे ज्यादा 4424 वन अपराध भोपाल फॉरेस्ट सर्किल में

(यह सभी आंकड़े जनवरी से लेकर दिसंबर 2025 तक हैं। यह वन विभाग द्वारा जारी किए गए हैं)
भोपाल सर्किल में ज्यादा अपराध औबेदुल्लागंज डिवीजन में
भोपाल फारेस्ट सर्किल के छह डिवीजन में औबेदुल्लागंज सबसे प्रभावित है। यहां 1241 वन अपराध प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिनमें 1031 अवैध कटाई के हैं। इसके अलावा भोपाल फारेस्ट सर्किल में कुल 138 अतिक्रमण प्रकरण दर्ज हुए। इसमें 110.7964 हेक्टयर क्षेत्र में अतिक्रमण चिहिंत किया गया। ये अतिक्रमण केवल पिछले 11 माह में हुए हैं।

वन भूमि पर अतिक्रमण कर कई लोगों ने फर्जी दावे पेश किए थे। ऐसे मामलों में प्रकरण दर्ज किए गए हैं। लगातार कार्रवाई की जा रही है। -अमित कुमार दुबे एपीसीसीएफ, संरक्षण वन मुख्यालय

