ED जेपी इंफ्राटेक होमबायर्स- प्रतिनिधि को भेज रहा समन

प्रवर्तन निदेशालय ने जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड (जिल) से जुड़े कई होमबायर्स और प्रतिनिधियों को समन जारी किए हैं। एजेंसी ने खरीदारो से प्रोजेक्ट्स की वर्तमान स्थिति, किए गए भुगतानों और रिज़ोल्यूशन प्लान लागू होने के बाद हुए वित्तीय लेनदेन की जानकारी मांगी है।
यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत चल रही जांच का हिस्सा है।
फंड डायवर्जन की आशंका
ईडी यह पता लगाने में जुटी है कि रिज़ोल्यूशन प्लान के क्रियान्वयन के दौरान कहीं फंड डायवर्जन तो नहीं हुआ। खरीदारों से विशेष रूप से यह विवरण मांगा गया है कि उन्होंने कब और कितना भुगतान किया व परियोजनाओं में वास्तविक प्रगति क्या रही।
दिल्ली पुलिस की ईओडब्ल्यू विंग ने दर्ज की थी एफआईआर
पिछले महीने दिल्ली पुलिस की ईओडब्ल्यू विंग ने ईडी की शिकायत पर सुरक्षा रिएलटी लिमिटेड और लक्ष्यदीप इंवेस्टमेंट एंड फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। एफआईआर में धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और साजिश के आरोप लगाए गए हैं।
जांच एजेंसियों का आरोप है कि बैंकों और वित्तीय संस्थानों के लगभग 9,783 करोड़ के दावों के बावजूद रिज़ोल्यूशन प्लान के तहत तय फंडिंग पूरी नहीं की गई।
समूह से जुड़ी कंपनियों में पैसा डायवर्ट
एफआईआर में कहा गया है कि 11 जून 2024 को केवल 125 करोड़ की इक्विटी डाली गई, जबकि शेष प्रतिबद्ध राशि नहीं लाई गई। एजेंसियों को संदेह है कि धनराशि को समूह से जुड़ी कंपनियों में डायवर्ट किया गया। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या ये फंड होमबायर्स के जमा पैसे या यमुना एक्सप्रेस वे टोल राजस्व से जुड़े थे।
इसके अलावा, 107 करोड़ के निवेश को लेकर भी सवाल उठे हैं, जिसे कथित तौर पर मैक्स हेल्थ केयर को जेपी हेल्थकेयर की बिक्री से प्राप्त धन से जोड़ा जा रहा है। एजेंसियों का मानना है कि ये फंड रुकी हुई हाउसिंग परियोजनाओं को पूरा करने के लिए थे। एक होमबायर प्रतिनिधि ने पुष्टि की कि उन्हें ईडी से समन मिला और उनका बयान दर्ज किया गया है।

