ग्वालियर में अवैध कत्लखाना…!
ग्वालियर के सेवानगर और नूरगंज इलाके में झाड़ियों और पहाड़ियों के बीच अवैध कत्लखाना संचालित हो रहा है। शहर के आवारा मवेशियों को चोरी-छिपे पकड़कर किले की तलहटी में ले जाया जाता है, जहां उन्हें काटकर उनके मांस और हड्डियों को बोरियों में भरा जा रहा है।
दैनिक भास्कर की पड़ताल में खुलासा हुआ कि वसीम खान नाम का सरगना अपने 30 से 40 गुर्गों के साथ मिलकर हर महीने 4 से 5 ट्रक माल झांसी, आगरा और कटनी भेज रहा है। हैरानी की बात यह है कि इस पूरे काले कारोबार को ‘मृत पशुओं के शव उठाने’ के ठेके की आड़ में अंजाम दिया जा रहा है।
वसीम और उसके बेटों ने सेवानगर इलाके को अपना किला बना लिया है। सूत्रों के मुताबिक, इलाके में करीब 30 से 40 युवक तैनात रहते हैं, जो किसी भी अनजान व्यक्ति या पुलिस की गाड़ी देखते ही कोड वर्ड में सिग्नल दे देते हैं। यही वजह है कि सालों से पहाड़ियों के पीछे मवेशियों के वध का यह अवैध धंधा बेखौफ चल रहा है। यही नहीं वसीम हड्डियों एवं मांस का सौदा व्हाट्सएप पर ही तय करता था। इसके लिए व्हाट्सएप ग्रुप पर ट्रक की लोडिंग से लेकर हाइवे की लोकेशन तक साझा की जाती थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि जब ट्रकों में 250 से ज्यादा मवेशियों का मांस-हड्डियां जमा हो जाती हैं, तब रात के सन्नाटे में उन्हें रवाना किया जाता है।
खाल भी बरामद, पुलिस छिपा रही
सोमवार रात झांसी रोड पुलिस ने मवेशियों की हड्डियों से भरा ट्रक पकड़ा था। ट्रक झांसी नंबर का है। समाजसेवी पंकज ठाकुर और एपीएस गुर्जर की शिकायत पर पुलिस ने आसिफ खान, शाहरुख खान, अनवर खान और अरमान खान के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है।
समाजसेवियों का दावा- वसीम खान कर रहा गौमांस और हड्डियों की तस्करी
समाजसेवी एपीएस गुर्जर ने दैनिक भास्कर को बताया कि सेवा नगर में किले की तलहटी पर झाड़ियों से घिरी एक सुनसान जगह पर लंबे समय से अवैध गतिविधियां चल रही थीं। हमें सूचना मिली कि 27 जनवरी को ट्रक में मवेशियों का मांस और हड्डियां लोड कर भेजी जाएंगी, हम पहुंचे तो ट्रक निकल चुका था। इसके बाद सूचना मिली कि 9 फरवरी की रात ट्रक रवाना होगा। इस बार ट्रक निकलते ही उसका पीछा कर रोक लिया। ट्रक में गायों के कटे हुए पैर, हड्डियां और मांस बरामद हुआ। तत्काल पुलिस को सूचना देकर FIR कराई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर आगे की कार्रवाई में जुटी है।
सेवानगर की पहाड़ी से बरामद हड्डियों का जखीरा, इनसेट में मवेशी के पैर की हड्डी। (एपीएस गुर्जर इसे गाय के पैर की हड्डी बता रहे हैं।)
आरोपी का कबूलनामा- पंचायतों से लिया है ठेका
गिरफ्तार मुख्य सरगना वसीम खान ने पुलिस पूछताछ में खुद को बचाने के लिए नया पैंतरा चला है। उसने दावा किया कि उसने शिवपुरी की पंचायतों से मृत पशुओं को उठाने का ठेका ले रखा है और वह केवल हड्डियों की पिसाई के लिए उन्हें कटनी भेजता है। लेकिन सवाल यह है कि अगर काम कानूनी है, तो रात के अंधेरे में तस्करी जैसी लुका-छिपी क्यों की जा रही?
पल्ला झाड़ते अफसर: किसी ने नहीं दी अनुमति, फिर कैसे चल रहा कत्लखाना?
- सीबी प्रसाद, एडीएम: जिला प्रशासन हड्डियों या मांस के कारोबार की अनुमति नहीं देता, यह निगम का क्षेत्राधिकार है।
- संघ प्रिय, निगमायुक्त: नगर निगम इस प्रकार के किसी भी अवैध कारोबार की परमिशन जारी नहीं करता है।
- डॉ. अनिल अग्रवाल, संचालक पशुपालन विभाग: हमारा विभाग केवल जीवित मवेशियों के व्यापार की अनुमति देता है, मांस-हड्डियों के कारोबार की नहीं।
- विदिता डागर, एडिशनल एसपी: वसीम के पास केवल ट्रांसपोर्टेशन की अनुमति है, लेकिन मांस-हड्डी के लिए अलग लाइसेंस चाहिए या नहीं, इसकी जानकारी हमें नहीं है।
- वहीं आरोपी ने कहा- मेरे पास सिर्फ ट्रांसपोर्ट की परमिशन है, पर क्या ले जाना है इसके कागज नहीं हैं।
भास्कर एक्सपर्ट – दवाइयों और खाद में इस्तेमाल मवेशियों की हड्डियों का इस्तेमाल दवाइयों के कैप्सूल (जिलेटिन), चीनी की सफाई (बोन चार), और महंगे बोन चाइना बर्तनों में होता है। इनमें मौजूद फास्फोरस से खेती के लिए खाद का काम करते हैं। इसके साथ ही सौंदर्य प्रसाधन भी बनाए जाते हैं। – डॉ. राकेश धाकड़, वेटनरी डॉक्टर

