इनामी बाहुबली पूर्व सांसद क्रिकेट खेल रहा …. अखिलेश यादव बोले- बाबाजी IPL की तरह भाजपा माफिया लीग भी शुरू करें, BJP का काम-अपराधी सरेआम
समाजवादी पार्टी ने फरार पूर्व सांसद धनंजय सिंह का 20 सेकेंड का वीडियो जारी किया है। इसमें जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय क्रिकेट खेलते नजर आ रहे हैं। उनके ऊपर लखनऊ के अजीत सिंह हत्याकांड में 25 हजार का इनाम घोषित है। समाजवादी पार्टी के अधिकृत ट्विटर हैंडल से बुधवार की सुबह धनंजय का क्रिकेट खेलते हुए वीडियो ट्वीट कर लिखा गया है कि मुख्यमंत्री से जुड़े माफिया क्रिकेट खेल रहे हैं।
25 हजार के इनामी माफिया धनंजय सिंह सत्ता के संरक्षण में पुलिस की नाक के नीचे खुले आसमान के नीचे खेल का मजा ले रहे हैं। “डबल इंजन” सरकार के बुलडोजर को इनका पता नहीं मालूम है। जनता सब देख रही, बाईस में भाजपा साफ।
वहीं, धनंजय सिंह की पत्नी श्रीकला धनंजय सिंह ने वायरल वीडियो पर सफाई दी है। कहा कि जिस मामले में मेरे पति पर इनाम घोषित हुआ था, उस मामले में वे MP/MLA कोर्ट में सरेंडर कर चुके हैं। वे एक महीने जेल में भी रहे। अब वे जमानत पर बाहर हैं।

अखिलेश यादव ने लिखा है, ‘बाबाजी अपने करीबी नालबद्ध माफियाओं के टॉप टेन की सूची बनाकर एक टीम बना लें और IPL की तरह एक MBL मतलब भाजपा माफिया लीग शुरू कर दें। शहर के पुलिस कप्तान उनके लिए पिच बनाए बैठे ही हैं और टीम कप्तान वो खुद हैं ही’।
सपा प्रवक्ता अनुराग भदौरिया ने योगी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि योगी सरकार का ध्यान कहां है, अपराधी तो यहां क्रिकेट खेल रहा है।
दो महीने पहले जौनपुर में क्रिकेट मैच के उद्घाटन में पहुंचा था धनंजय

ये पहली बार नहीं है, जब धनंजय सार्वजनिक कार्यक्रमों में पहुंचा है। जुलाई में फरार घोषित होने के बाद वह कई बार खुले घूमते देखा गया है। नवंबर महीने में जौनपुर में एसपी बंगले के पास एक क्रिकेट मैच के उद्घाटन के लिए भी धनंजय पहुंचा था।फरार होने के दौरान धनंजय ने अपनी पत्नी श्रीकला रेड्डी को जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर चुनाव भी जितवाया। इस बार क्रिकेट मैच में फोटो सेशन भी करवाया।

मार्च 2021 में धनजंय पर घोषित हुआ था इनाम
लखनऊ के कठौता चौराहा के समीप 4 जनवरी 2021 को मऊ जिले के पूर्व ब्लाक प्रमुख अजीत सिंह की हत्या की गई थी। फरवरी 2021 में धनंजय को अजीत की हत्या की साजिश रचने का आरोपी बनाया गया था। मार्च 2021 में धनंजय पर लखनऊ कमिश्नरेट की पुलिस की ओर से 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। उसके बाद से आज तक धनंजय को लखनऊ की पुलिस नहीं खोज सकी। लेकिन, धनंजय सार्वजनिक स्थानों पर अक्सर नजर आ जाता है और पुलिस कुछ कर नहीं पाती है।

हाई स्कूल में लग गया था हत्या का आरोप
धनंजय सिंह ने 1990 में हाई स्कूल की पढ़ाई लखनऊ के महर्षि विद्या मंदिर से की। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो, इसी दौरान पहली बार उस पर एक पूर्व शिक्षक गोविंद उनियाल की हत्या का आरोप लगा था। हालांकि, इस मामले में पुलिस कुछ भी साबित नहीं कर पाई। जब यह मामला चल रहा था, तब धनंजय जौनपुर के तिलकधारी सिंह इंटर कॉलेज में पढ़ रहे थे।
पत्नी पर लगा था नौकरानी की हत्या का आरोप
साल 2012 से धनंजय सिंह का राजनीतिक करियर का ग्राफ गिर रहा था। उनकी पत्नी जागृति सिंह पर नौकरानी की हत्या का आरोप लगा। इस मामले में धनंजय सिंह और उनकी पत्नी को जेल जाना पड़ा। इसके बाद साल 2012 में ही जागृति ने मल्हनी से विधायकी का चुनाव लड़ा, लेकिन हार गईं। इसके बाद फिर धनंजय सिंह कभी विधायक नहीं बन पाए। आखिरी बार वे साल 2020 उप चुनाव में पूर्व मंत्री पारसनाथ यादव के बेटे लकी यादव के खिलाफ खड़े हुए। दोनों में कांटे की टक्कर थी, लेकिन धनंजय को एक बार फिर हार हाथ लगी।
दो महीने पहले भी फरार धनंजय कानपुर में एसपी बंगले के पास क्रिकेट मैच के उद्धाटन में देखे गए थे, लेकिन पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर पाई।