रांची में नमाज के बाद हिंसा में 2 की मौत ….
पैगंबर पर विवादित टिप्पणी को लेकर रांची में शुक्रवार को नमाज के बाद हिंसक प्रदर्शन हुआ। आगजनी और पथराव के चलते पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी। इस फायरिंग में 35 साल के व्यक्ति की मौत हो गई। देर रात एक और शख्स की मौत की खबर है, हालांकि प्रशासन ने इसकी पुष्टि नहीं की है। 7 अन्य लोगों को गोली लगी है। 12 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
प्रदर्शन के दौरान उपद्रवियों ने पुलिस पर भी पथराव किया। SSP समेत 3 पुलिसकर्मी को चोटें आई हैं। रांची आए बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन की गाड़ी पर भी उपद्रवियों ने हमला कर दिया। वे भाजपा कोटे से नीतीश सरकार में मंत्री हैं।
पत्थरबाजी के दौरान कुछ लोगों ने महावीर मंदिर में छिपने की कोशिश की। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने मंदिर पर भी पथराव कर दिया। इस घटना से हिंदू संगठनों का गुस्सा भी भड़क गया और वे सड़कों पर उतर आए। इसके बाद रांची में ऐहतियातन धारा 144 लागू कर दी गई है। हालांकि, पहले कहा जा रहा था कि प्रशासन ने कर्फ्यू लगाने का फैसला किया है।
रांची में इंटरनेट सुविधा शनिवार सुबह 6 बजे तक बंद कर दी गई है। देर शाम महावीर मंदिर में हिंदुओं ने हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया। हालांकि प्रशासन ने बातचीत के बाद इन लोगों को वापस घर भेज दिया।
जान बचाने के लिए महावीर मंदिर में छिपे लोग
महावीर मंदिर पर पत्थरबाजी के दौरान जान बचाने के लिए लोग मंदिर में छिप गए। इसके बाद भी मंदिर पर पत्थरबाजी की गई। पुलिस ने भीड़ को काबू करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागे। हवाई फायरिंग भी की। भीड़ ने एक और विधायक अमित यादव के गाड़ी के कांच फोड़ दिए।
मुस्लिम संगठन शुक्रवार को BJP से निष्कासित प्रवक्ता नूपुर शर्मा के बयान का विरोध कर रहे थे। विरोध में सुबह से ही डेली मार्केट की 3 हजार से ज्यादा दुकानें बंद रहीं। जुमे की नमाज के बाद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़क पर उतर आए। पुलिस ने उन्हें रोका तो भीड़ उग्र हो गई और इनकी पुलिस से भिड़ंत हो गई। उर्दू लाइब्रेरी और महावीर मंदिर के पास प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। इसके बाद उग्र भीड़ को संभालने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी, इस दौरान कई अफसर और पुलिसकर्मी घायल भी हुए हैं।

फोर्स कम थी, पुलिसकर्मी ने मांगी मदद
एक पुलिसकर्मी सीनियर अधिकारी से फोन पर बात करते हुए कहता है, ‘देखिए-देखिए पत्थर चल रहा है। सर पत्थर चल रहा है, हमको कमर पर लगा है। मेरा मोबाइल टूट गया। जल्दी से फोर्स भेज दीजिए। सर पत्थर चला रहा है।’

मुख्य बाजार में सभी दुकानें बंद, ड्रोन से निगरानी
उग्र हिंसा के बाद रांची DIG अनीश गुप्ता ने मोर्चा संभाला। आंसू गैस के लगातार गोले दागे गए। बड़ी संख्या में पुलिस कर्मियों की तैनाती मेन रोड में कर दी गई है। जुमे की नमाज के मद्देनजर इलाके में आधा दर्जन से अधिक ड्रोन कैमरे से निगरानी की जा रही थी। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
रैपिड एक्शन फोर्स और ईको कंपनी की भी तैनाती की गई थी, लेकिन ये सभी कम पड़ गई। हिंसा के चलते शहर में कई जगह ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है। मेन रोड और डोरंडा में पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है। हालांकि सर्जना चौक और डेली मार्केट में सुबह से ही गाड़ियों को रोक दिया गया था।

गुरुवार की बैठक में ही बन गई थी रणनीति
गुरुवार को न्यू डेली मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन की बैठक हुई थी। बैठक में सभी दुकानों को बंद रखने का निर्णय लिया गया था। मुस्लिम समुदाय का प्रबुद्ध वर्ग सुबह से हिंसा नहीं करने की अपील कर रहा था। वे सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को शांति से प्रदर्शन करने की अपील कर रहे थे। किन्हीं के अपील का कोई असर नहीं हुआ। इस प्रदर्शन में बच्चे से बुजुर्ग लोग शामिल थे।

सीएम ने कहा- घबराने की जरूरत नहीं
घटना के 4 घंटे बाद झारखंड के CM हेमंत सोरेन ने कहा कि मुझे अचानक इस चिंताजनक (विरोध) घटना के बारे में जानकारी मिली। झारखंड की जनता हमेशा से बहुत संवेदनशील और सहनशील रही है, घबराने की जरूरत नहीं है। मैं सभी से अपील करता हूं कि ऐसी किसी भी गतिविधि में भाग लेने से परहेज करें, जिससे इस तरह के अपराध और हों।
गृह मंत्रालय का अलर्ट- उपद्रवियों के निशाने पर राज्यों के DGP
देशभर में प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसक घटनाओं के बाद गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस प्रमुखों (DGP) को सतर्क रहने का निर्देश जारी किया है। गृह मंत्रालय ने कहा है कि इस तरह की हिंसक घटनाओं में उपद्रवी पुलिस अधिकारियों को निशाना बना सकते हैं। ऐसे में उनहें सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
तस्वीरों में देखिए हिंसा और काबू करती पुलिस





