आज यूपी को मिलेंगे 26 IPS !
आज यूपी को मिलेंगे 26 IPS….. 1993-1994 बैच के PPS अफसरों की आज लोकभवन में डीपीसी, प्रमोट होकर बनेंगे IPS
लंबे इंतजार के बाद उत्तर प्रदेश प्रान्तीय पुलिस सेवा (PPS) के 1993 और 1994 बैच के 26 अधिकारी भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अफसर बन जाएंगे।आज लखनऊ के लोकभवन में सुबह 10.30 बजे डीपीसी होनी है। जिसमें राज्य के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा, पुलिस महानिदेशक (कार्यवाहक) विजय कुमार और भारत सरकार के गृह मंत्रालय से आए अफसर शामिल होंगे।
कुल 28 पदों के लिए डीपीसी होनी है, लेकिन दो अफसरों का लिफाफा बंद होने की वजह से सिर्फ 26 पदों के लिए ही डीपीसी में चर्चा होगी। कुल 26 पदों में 1993 बैच के 16 अफसर और 1994 बैच के 10 अफसर शामिल हैं। डीपीसी में सभी अफसरों का सर्विस रिकार्ड देखने के बाद उनकी फाइल केन्द्रीय गृह मंत्रालय भेजी जाएगी।
अनुमोदन के बाद वहां से राज्य के गृह विभाग में भेजी जाएगी। फिर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ साइन के बाद पुलिस महानिदेशक के आफिस में फाइल जाती है। इस पूरी प्रक्रिया में लगभग एक महीने का समय लग जाता है।
1993 बैच के अफसर जो पीपीएस से आईपीएस बनेंगे…
- प्रदीप कुमार
- विपुल श्रीवास्तव
- हर गोविन्द मिश्रा
- पंकज
- विद्या सागर मिश्रा
- घनश्याम
- आनंद कुमार
- राजेश कुमार
- राम सुरेश
- मोहम्मद तारिक़
- रवि शकंर
- डाक्टर एम पी सिंह
- निधि सोनकर
- बसंत लाल
- सुशील कुमार
- देवेन्द्र भूषण
1994 बैच के पीपीएस अफसर जो आईपीएस बनेंगे
- आशुतोष मिश्रा
- डाक्टर राजीव दीक्षित
- कुंवर ज्ञानंजय सिंह
- राम नयन सिंह
- आशुतोष द्विवेदी
- अरूण कुमार सिंह
- डाक्टर दुर्गेश कुमार मधेशिया
- विनोद कुमार पांडे
- नीरज कुमार पांडे
- सुरेन्दर नाथ तिवारी
1989 बैच के अमित मिश्रा और 1993 बैच के संजय यादव का लिफाफा बंद है। उन अफसरों का लिफाफा बंद होता है जिनके ऊपर कोई विभागीय जांच चल रही हो, किसी मामले में चार्जशीट फाइल हो, दीर्घदंड हो, विजिलेंस की जांच अगर किसी अफसर के खिलाफ चल रही हो तब लिफाफा बंद हो जाता है। इस स्थिति में उनका नाम प्रमोशन के लिए विचार विमर्श में नहीं रखा जाता है। हालांकि अमित मिश्रा 31 जुलाई 2023 को रिटायर भी हो चुके हैं इसलिए एक रिक्त सीट को अगली डीपीसी में जोड़ दिया जाएगा।
अमित मिश्रा की एंटी करप्शन यूनिट में तैनाती के दौरान एक डाक्टर को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था मगर उसने रिश्वत की रकम चबाने की कोशिश की, नोट गले में फंसने की वजह से उसकी मौत हो गई थी जिसकी जांच अभी तक चल रही है। संजय यादव की बलिया में तैनाती के दौरान उनकी गाड़ी को राजस्थान की एंटी करप्शन यूनिट ने चित्तौड़गढ़ से अफीम की तस्करी में पकड़ा था। गाड़ी में से 16 लाख रूपए भी मिठाई के डिब्बों में बरामद हुए थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2021 में उनको निलंबित कर दिया था।
IAS या IPS ग्रेड में प्रमोशन के लिए अधिकतम उम्र 56 वर्ष है। पीपीएस से आईपीएस बनने के फायदे के अलावा नुकसान भी है क्योंकि सैलरी इंक्रीमेंट रूक जाता है। पूरे बैच का जब प्रमोशन होगा तभी सैलरी भी बढ़ती है जबकि पीपीएस में सर्विस पीरियड के हिसाब से सैलरी में इंक्रीमेंट मिलता जाता है।
हालांकि पीपीएस अफसरों में हमेशा इस बात की नाराजगी रहती है कि पीसीएस के मुकाबले उनके साथ सौतेला व्यवहार किया जाता है। गृह विभाग और पुलिस महानिदेशक कार्यालय की उदासीनता के चलते 28-30 साल तक उन्हें आईपीएस बनने के लिए इंतजार करना पड़ता है वहीं पीसीएस संवर्ग वाले 15-16 साल की सर्विस के बाद ही आईएएस बन जाते हैं।