मध्य प्रदेश

1.92 लाख में सीमेंट की बोरी खरीदी !

1.92 लाख में सीमेंट की बोरी खरीदी, अब होगी वसूली
 CEO-सरपंच समेत 6 को नोटिस; चंदे के निर्माण को बताया था सरकारी
जांच में यह भी पुष्टि हुई है कि मौके पर स्वीकृत डिजाइन से अलग निर्माण कराया जा रहा था।

मामला जुन्नारदेव विशाला ग्राम पंचायत में सामुदायिक भवन निर्माण से जुड़ा है। यहां मिलीभगत करके चंदे से बन रहे मंदिर को सामुदायिक भवन बताया गया। इसके लिए मंजूर 24 लाख में से 17 लाख रुपए खर्च हो गए, लेकिन जमीन पर सिर्फ 15 खंभों का ढांचा खड़ा है। गबन का आलम ऐसा है कि एक बोरी सीमेंट की कीमत 1.92 लाख रुपए और प्लंबिंग का बिल भी लाखों में दिखा दिया गया।

जांच में ये पुष्टि भी हुई है कि मौके पर स्वीकृत डिजाइन से अलग निर्माण कराया जा रहा था।

इन 6 जिम्मेदारों से होगी वसूली जांच प्रतिवेदन में जुन्नारदेव एसडीएम कामिनी ठाकुर ने स्पष्ट गड़बड़ी की पुष्टि की है। इसके आधार पर कलेक्टर ने वसूली के लिए इन अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नोटिस जारी कराए हैं।

  • मुख्य कार्यपालन अधिकारी- रश्मि चौहान।
  • सहायक यंत्री- बारू धुर्वे।
  • तत्कालीन उपयंत्री- विशाल परतेती।
  • उपयंत्री- रिजवाना खान।
  • सरपंच- शंकर कुमरे।
  • सचिव- महेश इवनाती।

24 लाख स्वीकृत, 17 लाख खर्च दिखा दिया

27 मार्च 2023 को जुन्नारदेव विशाला ग्राम पंचायत में सामुदायिक भवन के लिए विधायक निधि से 24 लाख रुपए स्वीकृत हुए थे। इनमें से 17 लाख खर्च हो गए। जांच में पता चला कि निर्माण स्थल से 200 मीटर दूर शिवभक्तों के चंदे से बन रहे एक मंदिर और 51 फीट की शिव प्रतिमा के स्ट्रक्चर को ही अधिकारियों ने ‘मंगल भवन’ बताकर रिपोर्ट पास कर दी थी।

इस घोटाले में बिलों में भारी हेराफेरी सामने आई थी। 1 दिसंबर 2023 को तीन बिल लगाए गए थे। इसमें एक सीमेंट की बोरी की कीमत 1 लाख 92 हजार रुपए दिखाई गई। उसी दिन दूसरी बोरी भी 1 लाख 92 हजार जबकि तीसरी बोरी 1 लाख 12 हजार रुपए में खरीदी गई। प्लंबिंग फिटिंग के नाम पर तीन बार में कुल 7 लाख 23 हजार का खर्च दिखाया गया।

योजना अधिकारी ने इस निर्माण को सामुदायिक भवन का काम बता दिया।
योजना अधिकारी ने इस निर्माण को सामुदायिक भवन का काम बता दिया।

योजना अधिकारी ने दी थी गलत रिपोर्ट

जिला योजना अधिकारी यशवंत वैध ने पहली रिपोर्ट में काम को प्रगति पर बताया था। उन्होंने मंदिर निर्माण को ही सामुदायिक भवन दिखा दिया। बाद में जुन्नारदेव एसडीएम कामिनी ठाकुर की रिपोर्ट ने पोल खोल दी। एसडीएम ने बताया कि मौके पर ऐसा कोई सामुदायिक भवन बन ही नहीं रहा है।

इस तरह दिखाया खर्च

तारीख सामान/काम खर्च ()
1 जून 2023 सीसी रोड का निर्माण 25 हजार
2 जून 2023 प्लंबिंग फिटिंग 4.80 लाख
13 जून 2023 प्लंबिंग फिटिंग 12.92 हजार
26 जून 2023 प्लंबिंग फिटिंग 2.18 लाख
1 दिसंबर 2023 सीमेंट (1 बोरी) 1.92 लाख
1 दिसंबर 2023 सीमेंट (1 बोरी) 1.92 लाख
1 दिसंबर 2023 सीमेंट (1 बोरी) 1.12 लाख

कलेक्टर बोले- किसी को नहीं छोड़ेंगे

कलेक्टर हरेंद्र नारायण ने कहा कि सार्वजनिक धन का दुरुपयोग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों से पूरी वसूली की जाएगी। भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों, इसके लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी।

विधायक बोले- अभी शुरुआत है

इस मामले में विधायक सुनील उइके का कहना है कि यह प्रोजेक्ट एक करोड़ से ऊपर का है, अभी शुरुआती दौर पर है। उन्होंने कहा, “भाजपाइयों के पेट में दर्द हो रहा है, इसलिए वे शिकायतें कर रहे हैं। तीन मंजिला सामुदायिक भवन का निर्माण होना है। अभी निर्माणाधीन स्थल देखकर अंदाजा लगाना गलत है।”

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छिंदवाड़ा में सोने से भी महंगा सीमेंट! 1 लाख 92 हजार रुपए में किसने खरीदा एक बोरी सीमेंट

छिंदवाड़ा में बन रहे सामुदायिक भवन में फर्जीवाड़ा के आरोप, 5 लाख 4 हजार रुपए बिल में दिखाई गई 3 बोरी सीमेंट की कीमत.

CHHINDWARA CEMENT CORRUPTION

छिंदवाड़ा में चल रहा है सामुदायिक भवन का निर्माण 

छिंदवाड़ा: एक बोरी सीमेंट की कीमत ज्यादा से ज्यादा क्या हो सकती है 300, 500 या 1000 रुपए? इतना भी बहुत ज्यादा है, लेकिन अगर यही सीमेंट की बोरी 1 लाख 92 हजार रुपए में खरीदी जाए, तो है न अजब-गजब माजरा. यह गजब कारनामा छिंदवाड़ा की जुन्नारदेव विशाला ग्राम पंचायत में हुआ है. इसके अलावा विधायक निधि से बन रहे इस सामुदायिक भवन का कोई नक्शा नहीं है. जो निर्माण चल रहा है, उसको देखकर नहीं कहा जा सकता कि ये सामुदायिक भवन बन रहा है.

5 लाख रुपए में खरीदी 3 बोरी सीमेंट

जुन्नारदेव विकासखंड के जुन्नारदेव विशाला ग्राम पंचायत में पहली पायरी के नाम से चौरागढ़ की पहाड़ियों की शुरुआत होती है. यहां पर जन सहयोग से शंकरजी की मूर्ति का भी निर्माण कराया जा रहा है. उसी के बगल में सामुदायिक भवन के लिए ग्राम पंचायत का काम चल रहा है. सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, इस प्रोजेक्ट की लागत 24 लाख रुपए है.

इसमें से अभी तक करीब 17 लाख रुपए खर्च हो चुके हैं. ग्राम पंचायत ने सरकार के पोर्टल ‘पंचायत दर्पण’ में जो बिल अपलोड किया है, उसमें एक बोरी सीमेंट कीमत की 192,000 रुपए दिखाया है. इतना ही नहीं एक दिन में 3 बोरी सीमेंट खरीदी गई है. जिसकी कीमत 5 लाख 4 हजार रुपए बताई गई है. हैरानी की बात ये भी है कि ये बिल पास हो गया है.

Chhindwara cement purchase fraud

एक बोरी सीमेंट की कीमत 1 लाख 92 हजार रुपए दिखाई गई (ETV Bharat)

सचिव ने बताया-बिल में कुछ और चीजें हो सकती हैं

इस मामले को लेकर ईटीवी भारत के संवाददाता ने जुन्नारदेव विशाला के सचिव महेश इनवाती से बात की. पहले तो उन्होंने कहा कि सरपंच और विधायक इसकी जानकारी देंगे, क्योंकि यह सामुदायिक भवन का निर्माण विधायक निधि से कराया जा रहा है और जनपद पंचायत इसकी एजेंसी है, लेकिन जब एक बोरी सीमेंट 1 लाख 92 हजार रुपए में खरीदने की बात पूछी, तो उन्होंने कहा कि “बिल में कुछ और भी चीज हो सकती है. मैं देख कर बताऊंगा.” पंचायत दर्पण में जो बिल अपलोड किया गया है. उसका विवरण ब्लर है. मूल रकम 1 लाख 92 हजार रुपए दिखाई जा रही है.

Chhindwara cement purchase fraud

लगभग 5 लाख रुपए में खरीदी 3 बोरी सीमेंट (

सामुदायिक भवन जैसा नहीं लग रहा है निर्माणाधीन भवन

पंचायत द्वारा 1 दिसंबर 2023 को 3 बोरी सीमेंट के अलग-अलग बिल अपलोड किए गए हैं. जिसमें 192,000 रुपए की कीमत की 2 अलग-अलग बोरिया हैं जबकि तीसरी बोरी की कीमत 1 लाख 20 हजार रुपए दिखाई गई है. इसके अलावा विधायक निधि से फंड सामुदायिक भवन के लिए स्वीकृत हुआ है, लेकिन मौके पर इसका नक्शा नहीं है.

community hall Corruption

कलेक्टर ने जांच के लिए जारी कर दी है नोटिस

सरपंच ने बेवजह बदमान करने का लगाया आरोप

जुन्नारदेव विशाला के सरपंच शंकर कमरे ने बताया कि “सामुदायिक भवन के पिलर नियमानुसार ही खड़े किए गए हैं. क्योंकि यह एक धार्मिक स्थल है और यहां शंकर जी की मूर्ति का निर्माण हो रहा है. उसके पास ही हम सामुदायिक भवन बन रहा है. राजनीतिक दुश्मनी के चलते लोग इसे गलत तरीके से परिभाषित कर रहे हैं. 16 लाख 80 हजार रुपए अभी तक खर्च हो चुका है. सीमेंट का भी पेमेंट देना बाकी है. मुझे बेवजह बदनाम किया जा रहा है.”

कलेक्टर ने जांच के लिए जारी किया नोटिस

ईटीवी भारत के संवाददाता ने इस मामले को लेकर छिंदवाड़ा कलेक्टर हरेंद्र नारायण से भी सवाल किया. हरेंद्र नारायण ने बताया कि “ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि सामुदायिक भवन की जगह मंदिर का निर्माण किया जा रहा है. संबंधित अधिकारियों को इस मामले में जांच के लिए नोटिस जारी किया गया है, क्योंकि जहां सामुदायिक भवन बना है, वहां पर उसका स्ट्रक्चर नहीं है. ऐसे में जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारियों से पूरी रकम रिकवर की जाएगी.”

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