गोवा नाइट क्लब अग्निकांड…विदेश भागे लूथरा भाइयों के खिलाफ ब्लू नोटिस से क्या होगा !
गोवा नाइट क्लब अग्निकांड: विदेश भागे लूथरा भाइयों के खिलाफ ब्लू नोटिस से क्या होगा, भारत लाने की क्या तैयारी?


- घटना में 25 की जान गई। इनमें सबसे आखिरी में निकलने वाले क्लब के 20 स्टाफ सदस्य और पांच पर्यटक थे।
- पुलिस ने शुरुआती जांच में बताया कि आग की वजह सिलेंडर ब्लास्ट हो सकता है। यह आग देर रात करीब 11.45 बजे लगी।
- प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों और आगे जांच से सामने आया कि आग की वजह इलेक्ट्रिक पटाखे हो सकते हैं।
गोवा पुलिस ने इस घटना के बाद क्लब के चीफ जनरल मैनेजर राजीव मोदक, जनरल मैनेजर विवेक सिंह, बार मैनेजर राजीव सिंहानिया और गेट मैनेजर रियांशु ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही नाइट क्लब के मालिकों सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा के अलावा आयोजकों पर एफआईआर दर्ज कर ली गई। इसके अलावा दिल्ली से नाइट क्लब के एक कर्मचारी भरत कोहली की भी गिरफ्तारी हुई है।
मामले में गोवा सरकार के तीन वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया। इनमें एक पंचायत निदेशक शामिल रहे, जिन्होंने 2023 में नाइट क्लब को शुरू कराने में भूमिका निभाई थी। सरकार ने दक्षिण गोवा के कलेक्टर, दमकल-आपात सेवाओं के उपनिदेशक और फॉरेंसिक लैब के निदेश को शामिल कर एक जांच पैनल का गठन कर दिया। यह पैनल एक हफ्ते के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपेगा।
इस नाइट क्लब के मालिक सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा हैं। क्लब की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, सौरभ लूथरा एक गोल्ड मेडलिस्ट इंजीनियर हैं, जो कि बाद में आंत्रप्रेन्योर बन गए और रेस्तरां के बिजनेस से जुड़े हैं। यह भी दावा किा गया है कि 2023 में सौरभ को आदर्श रेस्तरां मालिक का अवॉर्ड भी मिला और पहले भी कई सम्मान मिल चुके हैं।
सौरभ का जन्म दिल्ली में हुआ है, उनके पास कंप्यूटर साइंस में बीटेक की डिग्री है। सौरभ ने बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर के तौर पर काम करने के बाद व्यापार का रास्ता चुना। उन्होंने सबसे पहले पूर्वोत्तर दिल्ली में एक कैफे-लाउंज- मामाज बॉय शुरू किया। इसके बाद उन्होंने हडसन लेन में ड्रामेबाज नाम का एक बार भी चलाया। हालांकि, यह रोमियो लेन ही था, जिसने लूथरा भाइयों को पहचान दिलाई। सौरभ और गौरव ने मिलकर अपने रेस्तरां-बार को 30 से ज्यादा शहरों तक पहुंचाया है। इनमें दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गोवा, भोपाल, इंदौर, देहरादून, लखनऊ शामिल हैं। दुबई में भी इनका एक रेस्ट्रोबार है।

गोवा पुलिस ने लूथरा भाइयों को वापस लाने के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से संपर्क किया है, ताकि अंतरराष्ट्रीय एजेंसी- इंटरपोल के जरिए सौरभ और गौरव के खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी कराया जा सके।
क्या होता है इंटरपोल का ब्लू कॉर्नर नोटिस, क्या इससे वापस लाए जा सकते हैं लूथरा बंधु?
इंटरपोल, जिसे अंतरराष्ट्रीय पुलिस के तौर पर जाना जाता है, एक संधि के तहत अस्तित्व में आया पुलिस बल है, जो कि किसी एक देश में अपराध कर भागने वाले व्यक्ति को दूसरे देश से पकड़ने में सहायता करती है। इसका पूरा नाम अंतरराष्ट्रीय अपराध पुलिस संगठन है। मौजूदा समय में 196 देश संधि के तहत इंटरपोल के दायरे में हैं और अंतरदेशीय अपराधियों को पकड़ने वाली अहम संस्था है।

- भारत की तरफ से इससे पहले 2020 में भगोड़े स्वयंभू संत नित्यानंद के खिलाफ इंटरपोल को ब्लू नोटिस जारी करने का आवेदन भेजा गया था। इसके जरिए सरकार ने दुष्कर्म के आरोपी नित्यानंद की लोकेशन की जानकारी जुटाई थी।
- मई 2024 में पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को लेकर कर्नाटक सरकार ने सीबीआई से संपर्क कर ब्लू नोटिस जारी करवाया था। इससे पता चला था कि प्रज्वल कहां है और आगे उसकी यात्रा से जुड़ी जानकारियां क्या रहीं।

