दिल्ली

2026 में वर्कप्लेस पर इन दस बदलावों की उम्मीद है

2026 में वर्कप्लेस पर इन दस बदलावों की उम्मीद है

जैसे केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने गिग वर्कर्स की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 10-मिनट डिलीवरी के चलन को रोकने के लिए पहल की, वैसे ही साल 2026 में वर्कप्लेस पर कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं। माना जा रहा है कि यह साल ऑटोमेशन, एआई एजेंट्स के व्यापक इस्तेमाल और औद्योगिक विवादों से प्रभावित होगा। सोच रहे हैं कि कैसे? तो इसकी पहली जांच आपकी ईमानदारी पर होने वाली है।

1. मैं इसे हाल ही मिले एक कंपनी के इंटर्नल सर्कुलर से समझाता हूं। कंपनी के शीर्ष व्यक्ति द्वारा हस्ताक्षरित पत्र में लिखा है कि ‘मैं चाहता हूं कि सब लोग अपने-अपने क्षेत्र की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग को कम से कम 20 मिनट देखें। जरूरत पड़े तो किसी एक व्यक्ति को 24×7 निगरानी के लिए रखें।’ इसका मेरे और आपके लिए क्या अर्थ है? देखिए कि जब कोई नहीं देख रहा होता तो आप क्या करते हैं। हां, अपनी ईमानदारी पर ध्यान दें। जब सब कुछ बिखर रहा हो तब भी हमें कोर वैल्यूज को कायम रखना होगा। 2. एआई अब आधा-कर्मचारी बन रहा है। व्यवसाय इंसानों की तरह एआई को भी प्रशिक्षण देने को तैयार हैं। कंपनियां बने-बनाए सिस्टम खरीदने के बजाय वर्कफोर्स के लिए टेलर-मेड एआई सिस्टम की जरूरत समझने लगी हैं। 3. अगर आप लीडर हैं, तो आपको चैटजीपीटी से बेहतर बनना होगा। दस साल पहले प्रोडक्शन के लोगों को पता नहीं होता था कि प्रोडक्ट कैसे बिकता है और कस्टमर क्या चाहता है। एआई ने अत्यधिक पारदर्शिता पैदा कर दी है। प्रोडक्शन बेल्ट पर काम करने वालों को कस्टमर की बदलती जरूरतें समझनी होंगी और सेलिंग इनसाइट्स विकसित करनी होंगी। कस्टमर अब सवालों के तेजी से जवाब चाहते हैं। और यह जवाब चैटजीपीटी से बेहतर होने चाहिए। 4. अब न सिर्फ सीवी पुराने हो गए हैं, बल्कि डिग्रियों व पदों का भी असर घट रहा है। कंपनी चाहती है उनके लीडर्स इन्फ्लुएंसर हों। आप कॉर्पोरेट कल्चर और नेतृत्व शैली विकसित करके ऐसा कर सकते हैं, जिसे दूसरे अपनाना चाहें। यदि आप पेशेवर प्रभाव नहीं बना रहे तो आप दौड़ से बाहर होंगे। 5. हायरिंग अब कर्मचारी और नियोक्ता, दोनों ओर से बदल रही है। नया कर्मचारी ‘टेस्टर इंटर्नशिप’ चाहता है। एक स्नातक छात्र के तौर पर पहले वह छह सप्ताह अलग-अलग क्षेत्रों में इंटर्नशिप करेगा, कई उद्योगों का अनुभव लेगा और फिर करियर तय करेगा। वहीं नियोक्ता प्रदर्शन देखकर ही उच्च पद पर पदोन्नति करेंगे। इसके अलावा नियोक्ता कांट्रैक्ट आधारित टैलेंट तलाश रहे हैं, जो फुल टाइम नौकरी की लागत के बगैर गहन विशेषज्ञता के साथ काम करें। 6. नियोक्ता आपको नहीं, आपके एटिट्यूड, कैरेक्टर और कल्चर में फिट होने की क्षमता को नियुक्त कर रहे हैं। नियोक्ता जानते हैं कि बाकी सारी चीजें सिखाई जा सकती हैं। वे जान चुके हैं कि अकेला आपका कौशल उनके व्यवसाय को आगे नहीं बढ़ा सकता। 7. ब्लू कॉलर किड्स वापस आते दिख रहे हैं। स्किल्ड वर्कर कोडिंग इंजीनियर से ज्यादा कमा रहे हैं और जहां तक एजुकेशन लोन की बात है तो वे कर्ज मुक्त जीवन जी रहे हैं। जो नौकरियां पिछले साल तक निचले पायदान पर थीं, अब पसंद बन रही हैं- जैसे डोर-टु-डोर बिक्री। यह नौकरी को लेकर माता-पिता की सोच के बिल्कुल उलट है। 8. कर्मचारी वर्कप्लेस पर बुद्धिमत्ता साबित करने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे। वे अपने कार्य क्षेत्र से जुड़े पांच लेखकों या विशेषज्ञों के कोट्स लेकर काम पर आएंगे। वो दिन लद गए जब वे मीटिंग रूम में सिर्फ अपनी बात कहते थे। अब वे बोर्ड रूम में विशेषज्ञों की राय लाते हैं और अकसर मूल्यों और व्यवसाय के मकसद को ही चर्चा में रखते हैं। 9. नियोक्ता एआई फ्रेंडली कर्मचारियों को पसंद करेंगे। 10. नियोक्ता ऐसे लीडर्स को पसंद करेंगे, जो एग्जीक्यूशन से ज्यादा को–ऑर्डिनेशन पर ध्यान दें। उनके लिए नया जॉब टाइटल होगा- ‘ऑर्केस्ट्रेटर।’

 2026 ज्यादा डिमांडिंग वर्कप्लेस वाला साल होने जा रहा है, क्योंकि यह एआई की दुनिया में कदम रख रहा है। जो लोग इन बदलावों को अपनाएंगे, वे बेहतर प्रमोशन पाने में दूसरों से आगे निकलेंगे।

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