कथावाचक धीरेन्द्र शास्त्री के खिलाफ भोपाल पुलिस कमिश्नर से शिकायत….
कथावाचक पंडित धीरेन्द्र शास्त्री के बयानों को लेकर भोपाल पुलिस कमिश्नर से शिकायत कर एफआईआर दर्ज करने दलित पिछड़ा समाज संगठन ने आवेदन दिया है। दलित पिछड़ा समाज संगठन (DPSS) ने कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री के विरुद्ध गंभीर, समाज और मानव जीवन के लिए घातक अपराधों के संबंध में FIR दर्ज किए जाने की मांग की है। संगठन ने इस संबंध में मध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) और भोपाल पुलिस कमिश्नर को अलग-अलग लिखित शिकायतें सौंपी हैं।
DPSS ने अपने आवेदन में कहा है कि स्थानीय स्तर पर शिकायतों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 173(4) के अंतर्गत यह शिकायत की गई हैं। धीरेन्द्र शास्त्री पर एफआईआर दर्ज की जाए।
दामोदर यादव बोले: धीरेन्द्र शास्त्री पर एफआईआर हो
दलित पिछड़ा समाज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष और भीम आर्मी के राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य दामोदर यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा- हमारे कार्यकर्ताओं ने डीजीपी और पुलिस कमिश्नर को प्रमाण के साथ धीरेन्द्र शास्त्री की शिकायत की है। क्यू आर कोड के रुप में वो वीडियो सबूत के तौर पर दिए हैं जो उनके चैनल्स पर डले हुए हैं।
अंधविश्वास फैला कर मेडिकल साइंस से लोगों को दूर कर रहे शास्त्री
दामोदर यादव ने कहा- हमने यह मांग की है कि धीरेन्द्र शास्त्री सांप्रदायिकता, छुआछूत और अंधविश्वास फैला कर लोगों को मेडिकल साइंस से दूर कर रहे हैं इससे लोगों की जान जा रही है। ये धारा 196-197, 202-272 सहित तमाम धाराओं में के तहत अपराध है। उनके खिलाफ कार्रवाई और एफआईआर होनी चाहिए। पुलिस अधिकारियों ने हमें आश्वासन दिया है कि इसकी जांच करके दो दिन में कार्रवाई करेंगे। अन्यथा हम हाईकोर्ट जबलपुर के जरिए धीरेन्द्र शास्त्री के खिलाफ कार्रवाई कराने का काम करेंगे।

तिरंगे में चांद के नाम पर डरा रहे शास्त्री
दामोदर यादव ने कहा- कल धीरेन्द्र शास्त्री ने बयान दिया कि कुछ लोग तिरंगा के अंदर चांद देखना चाहते हैं। मैं उन्हें जवाब दूंगा कि न हम तिरंगे में चांद देखना चाहते हैं न ही तिरंगा के अंदर स्वास्तिक देखना चाहते हैं। हम तिरंगे के अंदर जो सम्राट अशोक का चक्र है वही चक्र देखना चाहते हैं। तुम्हारा जो सपना है कि तुम चांद के बहाने से स्वास्तिक बनाना चाहते हो वो भी हम नहीं बनाने देंगे। भारत के संविधान से ही यह देश चलेगा।
नागपुर से ग्वालियर तक निकालेंगे यात्रा
एक संकल्प यात्रा बाबा साहब की दीक्षा भूमि नागपुर से शुरु कर रहे हैं। भोपाल में आकर उसका पहला चरण समाप्त होगा। वो यात्रा ग्वालियर तक जाएगी। सबको पता है कि ग्वालियर हाईकोर्ट कैम्पस में बाबा साहब की मूर्ति का मामला बहुत विवादित हो गया है। ग्वालियर-चंबल में वर्ग संघर्ष की स्थिति बनी हुई है। इसलिए हम यात्रा निकाल रहे हैं, हम 15 मार्च को कांशीराम जी की जयंती के पहले ग्वालियर पहुंचेंगे। कांशीराम साहब की जयंती के पहले सरकार बाबा साहब की मूर्ति लगा दे, नहीं तो हम वहां मूर्ति की स्थापना करेंगे। 29 तारीख को भोपाल के बोर्ड ऑफिस चौराहे पर यात्रा आएगी यहां सैकड़ों लोग एकत्रित होकर मुख्यमंत्री निवास जाएंगे और सीएम को ज्ञापन देंगे।
धीरेन्द्र शास्त्री के खिलाफ पुलिस से की गई शिकायत में मुख्य आरोप
सांप्रदायिक वैमनस्य भड़काने का आरोप
शिकायत में उल्लेख है कि एक वीडियो (पत्रिका एमपी) में धीरेंद्र शास्त्री द्वारा लोगों को खुलेआम “हाथों में हथियार उठाने” और कानूनी प्रक्रिया से बाहर जाकर घरों पर बुलडोजर चलाने की बात कही गई। संगठन के अनुसार यह बयान समाज में हिंसा, नफरत और अराजकता फैलाने वाला है। DPSS का कहना है कि यह कृत्य BNS की धारा 196 (समूहों के बीच वैमनस्य) एवं धारा 197 (राष्ट्रीय एकता के विरुद्ध कृत्य) के अंतर्गत दंडनीय अपराध है।
झूठे इलाज का प्रचार
संगठन ने आरोप लगाया है कि एक टीवी चैनल (संस्कार टीवी) पर धीरेंद्र शास्त्री द्वारा स्टेज-4 कैंसर के 100% इलाज की गारंटी गोमूत्र और हल्दी से देने का दावा किया गया। साथ ही वैज्ञानिक चिकित्सा पद्धतियों को हतोत्साहित किया गया। DPSS के अनुसार यह BNS की धारा 272 (Malignant Act) तथा Drugs and Magic Remedies Act, 1954 की धारा 3 व 4 का स्पष्ट उल्लंघन है, जो कैंसर जैसी घातक बीमारी के चमत्कारी इलाज के प्रचार पर रोक लगाता है।
लापरवाही से मौतों का गंभीर मामला
शिकायत में नीलम देवी नामक महिला की मृत्यु का उल्लेख है, जिनके परिजनों ने धीरेंद्र शास्त्री के कथित झूठे चमत्कारी आश्वासनों पर भरोसा कर पांच महीनों तक डायलिसिस जैसे जीवनरक्षक इलाज को छोड़ दिया और धाम में अनुष्ठान कराए, जिससे महिला की मृत्यु हो गई।
DPSS की मांग
- धीरेंद्र शास्त्री के विरुद्ध तत्काल FIR दर्ज की जाए।
- मामले की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच कराई जाए।
- ऐसे कृत्यों से समाज में फैल रहे अंधविश्वास, हिंसा और भय पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो।

