मध्य प्रदेश

3 करोड़ रिश्वत मांगने का आरोप… कलेक्टर की छुट्टी!

3 करोड़ रिश्वत मांगने का आरोप… कलेक्टर की छुट्टी! अब अशोकनगर के नए कलेक्टर बने साकेत मालवीय

 प्रशासन ने अशोकनगर जिले के नए कलेक्टर के नाम की औपचारिक घोषणा कर दी है. 2014 बैच के आईएएस अधिकारी साकेत मालवीय को जिले का कलेक्टर नियुक्त किया गया है. वरिष्ठता और अनुभव के आधार पर उनका नाम सबसे आगे बताया जा रहा था, जिस पर अब शासन ने मुहर लगा दी है.

Ashoknagar New Collector: 3 करोड़ रिश्वत मांगने का आरोप… कलेक्टर की छुट्टी! अब अशोकनगर के नए कलेक्टर बने साकेत मालवीय

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के अशोकनगर (Ashok Nagar) जिले में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव करते हुए कलेक्टर आदित्य सिंह को आनन-फानन में पद से हटा दिया गया है. यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब आनंदपुर ट्रस्ट की ओर से कलेक्टर पर 3 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप लगाए गए थे. मामला राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों तक पहुंचते ही प्रदेश शासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें हटाकर नई पदस्थापना का आदेश जारी कर दिया है.

सूत्रों के मुताबिक, शिकायत PMO ऑफिस तक पहुंचने के बाद दबाव बढ़ा, जिसकी वजह से कार्रवाई तेज गति से की गई. अब जिले की कमान आईएएस साकेत मालवीय को सौंप दी गई है.

साकेत मालवीय बने अशोकनगर के नए कलेक्टर

प्रशासन ने अशोकनगर जिले के नए कलेक्टर के नाम की औपचारिक घोषणा कर दी है. 2014 बैच के आईएएस अधिकारी साकेत मालवीय को जिले का कलेक्टर नियुक्त किया गया है. वरिष्ठता और अनुभव के आधार पर उनका नाम सबसे आगे बताया जा रहा था, जिस पर अब शासन ने मुहर लगा दी है. बुधवार शाम तक चल रही चर्चाओं के बाद आखिरकार आदेश जारी होते ही यह स्पष्ट हो गया कि चुनावी प्रक्रिया के बीच भी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है.

चुनावी प्रक्रिया के चलते आयोग से ली गई मंजूरी

जानकारी के अनुसार जिले में चुनावी प्रक्रिया के तहत SIR (Special Intensive Revision) का कार्य अंतिम चरण में चल रहा है. ऐसे में सरकार सीधे तौर पर कलेक्टर को हटाने या नियुक्त करने का अंतिम निर्णय अकेले नहीं ले सकती थी. यही कारण रहा कि शासन की ओर से तीन नामों का एक पैनल चुनाव आयोग को भेजा गया था. आयोग ने इस पैनल में से साकेत मालवीय के नाम को फाइनल किया, जिसके बाद उनकी नियुक्ति का आदेश जारी किया गया.

आदित्य सिंह को मिली नई जिम्मेदारी

पूर्व कलेक्टर आदित्य सिंह को हटाकर सरकार ने उन्हें संचालक, भोपाल गैस त्रासदी और पुनर्वास के पद पर पदस्थ किया है. माना जा रहा है कि रिश्वत के आरोपों और शिकायत के बाद सरकार पर तत्काल कार्रवाई का दबाव था, इसलिए यह निर्णय लिया गया.

3 करोड़ रुपये की रिश्वत के आरोप से मचा हड़कंप

इस पूरे मामले ने तब तूल पकड़ लिया, जब आनंदपुर ट्रस्ट की ओर से आदित्य सिंह पर संपत्ति नामांतरण से जुड़े एक मामले में 3 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया. ट्रस्ट के मुताबिक, उनसे अवैध मांग की गई और जब मामला नहीं सुलझा तो उन्होंने इसकी शिकायत उच्च स्तर पर की. इन आरोपों के सामने आते ही जिले में हड़कंप मच गया और प्रशासनिक तंत्र पर सवाल उठने लगे.

BJP हाईकमान तक पहुंची शिकायत

सूत्रों के मुताबिक आनंदपुर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने इस मामले की शिकायत सीधे दिल्ली में भाजपा हाईकमान तक पहुंचाई. बताया जा रहा है कि PMO ऑफिस में शिकायत के बाद यह मामला और गंभीर हो गया, लिहाजा, इसी के बाद तेजी से एक्शन लेते हुए सरकार ने अंदरूनी स्तर पर मंथन किया, जिसमें कलेक्टर बदलने का निर्णय लिया गया, ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके.

इस बीच एक नया मोड़ तब आया, जब खबर सामने आई कि कल अशोकनगर में लोगों ने आदित्य सिंह के समर्थन में प्रदर्शन का आह्वान किया है. माना जा रहा है कि प्रशासनिक कार्रवाई के बाद शहर में राजनीतिक और सामाजिक हलचल भी बढ़ गई है. अब नजर इस बात पर है कि नया प्रशासन जिले की व्यवस्था को कैसे संभालता है और सरकार इस पूरे विवाद पर आगे क्या कदम उठाती है.

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